Mysterious Temple: अनोखा मंदिर जहां 4 शताब्दी से जल रही अखंड ज्योति, दीपक जलाने से पूर्ण होगी सभी मनोकामनाएं!

Pritam Santra 4 min read

chitrakoot totamukhi hanuman temple: भारत में आपको देश के अलग – अलग राज्यों में आपको कई ऐसी प्राचीन मंदिर देखने को मिल जाएगी, जहां श्रद्धालु बहुत ही दूर – दूर से दर्शन के लिए आते हैं. आपको भारत में कई ऐतिहासिक मंदिर देखने को मिल जाएगी, जहां देश ही नहीं बल्कि विदेश के लोग भी दर्शन के लिए आते हैं.

473 सालों से जल रही अखंड ज्योत

दुनिया भर से श्रद्धालु भारत में मौजूद इन मंदिरों में अपने देवी-देवताओं के दर्शन के लिए आते हैं. आज हम आपको एक ऐसे प्राचीन मंदिर से रूबरू करवाने जा रहे हैं, जहां 473 सालों से अखंड ज्योत जल रही है.

गोस्वामी तुलसीदास ने जलाया था अखंड ज्योत

धर्म नगरी चित्रकूट में आज हम एक ऐसे मंदिर के बारे में आपको बताने जा रहे हैं, जहां गोस्वामी तुलसीदास भगवान के द्वारा अखंड ज्योत जलाकर तपस्या की गई थी. आज भी इस मंदिर में उनके हाथों की जलाई ज्योत जल रही है. जिसके दर्शन के लिए लोग बहुत ही दूर – दूर से आते हैं.

हम यहां बात कर रहे हैं धर्म नगरी चित्रकूट के रामघाट में बने हुए तोता मुखी हनुमान मंदिर की, जहां गोस्वामी तुलसीदास के द्वारा जलाई गई अखंड ज्योत आज भी चल रही है , यानी यह ज्योत 473 सालो से जल रही है. इस मंदिर के बारे में यहां के स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मंदिर में दर्शन के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं.

प्रभु श्री राम के दर्शन के लिए तपस्या

ऐसी मान्यता है कि गोस्वामी तुलसीदास इस जोत को जलाकर प्रभु श्री राम के दर्शन के लिए तपस्या करते थे. इस ज्योत के दर्शन के लिए श्रद्धालु इस मंदिर में आते हैं और इसे देखकर आश्चर्यचकित हो जाते हैं. वहीं मंदिर के एक पुजारी का कहना है कि यह एक अखंड ज्योत है. जिसको जलाकर तुलसीदास तपस्या किया करते थे.

यह ज्योत 473 सालों से जलती आ रही है. अखंड ज्योत का चित्रकूट में काफी बड़ा महत्व है. दिवाली के मौके पर इस ज्योत के दर्शन के लिए लाखों लोग आते हैं और दीपदान करते हैं. ऐसी मान्यता है कि अखंड ज्योत के दर्शन करने से लोगों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं.

यहीं वजह है कि श्रद्धालु इसके दर्शन के लिए दूर-दूर से चित्रकूट आते हैं. धार्मिक मान्यता के मुताबिक, यहां सच्चे मन से मांगी गई सभी मुराद पूरी हो जाती है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. Timesbull.com इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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