लिखित में रिकॉर्ड रखें
उधार पैसे देने हैं तो कभी भी मुंह से, फोन पर मांगने या कैश देने की गलती न करें। इस तरह के ट्रांजैक्शन को लोग भूल जाने का बहाना सबसे पहले बनाते हैं। इसलिए जब भी पैसे दें तो उसका लिखित रिकॉर्ड रखें।
हमेशा पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर करें और उस पैसे ट्रांसफर के स्क्रीनशॉट को भेजकर अमाउंट लिखें। साथ ही लिख दें कि "जब पैसे हों तो वापस कर दें" — यह एक अनौपचारिक समझौता है जो भूलने वालों के लिए एक अनुस्मारक का काम करता है। अगर आप कैश दे रहे हैं, तो व्हाट्सएप या SMS पर लिखकर भेजें कि "मैंने आपको ₹X दिए हैं, जल्दी वापस करना।" यह लिखित रिकॉर्ड उन लोगों के लिए काम करता है जो अक्सर पैसे देना भूल जाने का बहाना बनाते हैं।
पैसे देने के पहले ही पूछ लें: "कब तक वापस दोगे?"
जब भी पैसे कोई मांग रहा हो तो उससे बेहद साफ शब्दों में पूछ लें कि कब तक पैसे वो वापस करेगा। थोड़े से पैसे वापस करने की डेट बहुत लंबी न हो। अगर कोई बोले कि "अगले महीने की सैलरी आते ही दे दूंगा" तो भरोसा किया जा सकता है, लेकिन ध्यान रखें कि आमतौर पर लोगों के पास सैलरी खत्म हो जाती है तो उन्हें पैसों की जरूरत पड़ती है।
उदाहरण: अगर कोई ₹1000 मांग रहा है और बोलता है "कल दे दूंगा" — तो अगले दिन उसे याद दिलाना आसान होगा। अगर वह "महीने भर में" कहता है, तो आपको लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। इसलिए जल्दी वापसी की डेट तय करें — 3-5 दिन या अगले सप्ताह के भीतर।
रिमाइंडर जरूर दें
जब भी पैसे के लिए डेट लें, उसके अगले दिन ड्यू डेट के बाद उसे मैसेज के जरिए रिमाइंड कराएं: "कल इतनी तारीख थी, जब सही लगे तो पैसे ट्रांसफर कर दें।" इस तरह के रिमाइंडर आपकी दोस्ती को कमजोर नहीं करेंगे और न ही यह बुरा बर्ताव है। पैसे वापस मांगना आपका हक है, विनम्र तरीके से किया मैसेज जरूरी होता है।
क्या कहें?
"हाय, मुझे पता है तुम व्यस्त हो, बस याद दिला रहा हूँ कि ₹X बाकी है। जब भी हो जाए तो भेज देना।"
"कल की डेट थी, अगर हो सके तो आज ट्रांसफर कर दो।"
क्या न कहें?
"तुमने तो कहा था कल दे दूंगा, अब क्या हुआ?" (आरोप लगाने से बचें)
"तुम तो हमेशा भूल जाते हो!" (व्यक्तिगत टिप्पणी से बचें)
सबसे जरूरी लाइफ लेसन
अगर आपके उधार पैसे सामने वाला इंसान दो से तीन रिमाइंडर के बाद भी नहीं दे रहा तो सावधान हो जाएं। ये आपके लिए लेसन है कि भविष्य में चाहे कितनी भी मुसीबत हो, उस इंसान को पैसे उधार नहीं देने हैं।
क्योंकि किसी भी इंसान के लिए ट्रस्ट सबसे जरूरी होता है। अगर एक बार विश्वास टूट जाए तो दोबारा मुसीबत पड़ने पर भी आपको पैसे उधार नहीं देने चाहिए। अगर पैसे बहुत ज्यादा हैं और लौटाने से इनकार कर रहा है, तो आप कानूनी मदद (जैसे लीगल नोटिस) भी ले सकते हैं, लेकिन छोटी रकम के लिए इसे जीवन का सबक मानकर आगे बढ़ना ही बेहतर है।
बोनस टिप: अपने लिए रूल्स बनाएं
पिछले पैसे वापस मांगने से पहले और आगे पैसे उधार देने से पहले कुछ रूल्स बनाएं:
सीमा तय करें: एक महीने में किसी को कितना उधार दे सकते हैं (जैसे ₹2000)।
समय सीमा तय करें: 7 दिन से ज्यादा के लिए पैसे न दें।
जरूरत पूछें: पैसे मांगने का कारण पूछें — अगर कोई ठोस वजह नहीं है, तो मना करें।
"नहीं" कहना सीखें: पैसे मांगने पर बेझिझक "नहीं" बोलें — यह आपका अधिकार है।
Conclusion
दोस्तों से पैसे उधार देना और फिर वापस मांगना एक नाजुक मामला है, लेकिन सही तरीके से इसे संभाला जा सकता है। लिखित रिकॉर्ड, वापसी की डेट, विनम्र रिमाइंडर, और जीवन का सबक — ये 4 तरीके आपको अपने पैसे वापस पाने में मदद करेंगे और आपके रिश्ते भी नहीं बिगड़ेंगे ।
याद रखें, पैसे वापस मांगना आपका अधिकार है, न कि कोई एहसान। अगर कोई 2-3 बार रिमाइंडर के बाद भी पैसे नहीं लौटाता, तो उसे आगे पैसे न दें — यही सबसे बड़ा सबक है। इस तरह की अन्य पर्सनल फाइनेंस टिप्स, पैसे बचाने के उपाय और जीवन कौशल के लिए बने रहें timesbull.com पर।
