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नया मोबाइल फोन खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

tips guide to buy a best Smartphone – स्मार्टफोन मार्केट में इन दिनों कंपीटीशनि काफी बढ़ गया है ऎसे में कंपनियां एक से बढ़कर शानदार फीचर्स वाले नए हेंडसेट लॉन्च कर रही है। (best Smartphone) इतनी सारी च्वॉयस होने के चलते जो लोग नया स्मार्टफोन खरीदने जा रहे हैं, उनके सामने सबसे बड़ी समस्या यह आती है कि सबसे अच्छा स्मार्टफोन कौनसा है? इसी के चलते हम आपको बता रहे हैं 10 ऎसी बातें आप ध्यान में रख्कर ले सकते हैं एक शानदार स्मार्टफोन। तो जानिए….

आपको कितनी कीमत तक का स्मार्टफोन लेना है यह पहले ही निश्चित कर लें, क्योंकि एक से बढ़कर फीचर्स वाला स्मार्टफोन लेने के चक्कर में कहीं आपका बजट कम नहीं पड़ जाए। इसके अलावा यदि कम बजट में आप द्वारा चाहे गए जितने फीचर्स वाला स्मार्टफोन आ रहा है तो ज्यादा कीमत वाला स्मार्टफोन लेना फिजूलखर्ची होगा।

किसी भी स्मार्टफोन में ऑपेरटिंग सिस्टम सबसे अहम हिस्सा होता है। ऑपरेटिंग सिस्टम ही फोन को स्मार्टफोन बनाता है। इसलिए आप नया स्मार्टफोन ले रहे हैं तो उसके ऑपरेटिंग सिस्टमम् पर एक नजर जरूर डाल लें। मार्केट में अभी तीन ही ऑपरेटिंग सिस्टम सबसे ज्यादा पॉपुलर है जो इस प्रकार है-

Android- यदि आपको गूगल की अच्छी सर्विस चाहिए तो एंड्रायड ओएस वाला स्मार्टफोन सबसे बेहतर है। ऎसे स्मार्टफोन में आपको जीमेल, हैंगआउट्स, यू-ट्यूब, मैप्स आदि गूगल सर्विसेज की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा गूगल प्लेस्टोर पर ढेरों एप्स उपलब्ध हैं जिन्हें आप अपनी जरूरत के अनुसार इंस्टॉल कर सकते हैं। एंड्रॉयड ओएस वाले हेंडसेट की एक और खास बात ये है कि इसे आप कंप्यूटर से बड़ी आसानी से कनेक्?ट कर सकते हैं। इसमें यूएसबी केबल के जरिए डेटा कंप्यूटर और कंप्यूटर से हेंडसेट में ट्रांसफर किए जा सकते हैं। मार्केट में अच्छे फीचर्स वाले एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स 4000 से लेकर 52000 तक की कीमत में उपलब्ध है।

Windows Phone-आपको विंडोज ओएस वाले स्मार्टफोन यूजर्स कम मिलेंगे। ऎसे स्मार्टफोन्स के लिए एप्स कम मिलते हैं। हालांकि विंडोज ओएस वाले सभी स्मार्टफोन में जरूरत के हिसाब से कुछ एप प्रीइंस्टॉल्ड आते हैं। इसको छोड़कर यदि आप एक अच्छे हार्डवेयर वाला स्मार्टफोन लेना चाहते हैं तो विंडोज से अच्छा कोई नहीं। यह माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का ऑपरेटिंग सिस्टम है जिसमें मैप्स, ड्राइव प्लस और नेविगेशन जैसी सर्विस दी जाती हैं।

iOS-यह ऑपरेटिंग सिस्टम सिर्फ एपल आईफोन्स में मिलता है। यह ऑपरेटिंग सिस्टम काफी बेहतरीन है। इसमें यूजर इंटरफेस से लेकर एपस्टोर तक सभी फीचर्स काफी बेहतरीन हैं। लेकिन इसमें एंड्रायड की तरह इसमें फ्री में कोई एप नहीं मिलेगा क्योकि इसमें एप पेबल हैं। यदि ऑपरेशन क्वालिटी की बात करें, तो आईओएस से अच्?छा कोई ऑपरेटिंग सिस्टम नहीं। आईओएस हेंडसेट लेने से पहले यह बात जरूर जान लें कि इसके फोन मंहगे होते हैं। एपल आईओएस वाले हेंडसेट की कीमत 80000 रूपए तक होती है।

किसी भी स्मार्टफोन में इंटरनल मेमोरी यानि स्टोरेज सबसे अहम हिस्सा होता है। बाजार में 4जीबी से लेकर 128जीबी तक की इंटरनल मेमोरी वाले हेंडसेट मौजूद है। इसलिए आपको अपनी जरूरत के अनुसार मेमोरी वाला हेंडसेट चुना होगा। यदि आप ई-मेल, सोशल नेटवर्क, फोटोग्राफ्स, वीडियो और म्यूजिकआदि ज्यादा यूज में लेते हैं तो ऎसे में 4जीबी स्टोरेज वाला हेंडसेट काफी है, लेकिन यदि आप ढेर सारे एप और गेम इंस्टॉल करके रखना चाहते हैं तो कम से कम 8/16 जीबी तक की मेमोरी वाला हेंडसेट लेना अच्छा रहेगा। हालांकि यदि स्मार्टफोन की मेमोरी कम है तो उसमें एसडी कार्ड लगाकर उसे बढ़ाया जा सकता है।

आजकल 4 इंच से लेकर 5 इंच तक की स्क्रीन वाला स्मार्टफोन बेस्ट माना जाता है। ऎसे स्मार्टफोन गेम खेलने या फिर मूवी देखने के लिए अच्छे होते हैं। यदि आप 5 इंच से बड़ी स्क्रीन वाला हेंडसेट लेते हैं तो उसे एक साथ से ऑपरेट क रने में दिक्कत आएगी साथ ही वो काफी भारी भी होते हैं। ऎसे में 4 या 4.5 इंच का स्मार्टफोन काफी अच्छा माना जाता है।

यदि आपको फोटोग्राफी का शौक है तो इसके लिए स्मार्टफोन में एक अच्छा कैमरा होना जरूरी होता है। ऎसे में 5 से 8 एमपी रीयर कैमरे वाला स्मार्टफोन अच्छा माना जाता है। इसके अलावा बढिया क्वालिटी की फोटो के लिए एलईडी फ्लैश भी होना चहिए। यदि आप सेल्फी लेने का शौक रखते हैं तो वही स्मार्टफोन लें जिसमें फ्रंट कैमरा बेहतर क्वालिटी का हो।

किसी स्मार्टफोन में बैटरी बैकअप का मुख्य रोल होता है क्योंकि अभी मार्केट में एक से बढ़कर एक हेंडसेट है लेकिन बैटरी बैकअप के मामले में ज्यादा सुधार नहीं हुआ है। ऎसे में लगभग 16-20 घंटे तक का बैटरी बैकअप देने वाला स्मार्टफोन खरीदे। वैसे 2000 एमएएच की बैटरी अच्छी मानी जाती है, लेकिन बैटरी का खर्च होना उसकी स्क्रीन साइज पर निर्भर करता है। क्योंकि स्क्रीन जितनी बड़ी होगी बैटरी उतनी ही अधिक खर्च होगी।

प्रोसेसर किसी भी स्मार्टफोन में स्मूथली वर्क करने के लिए जिम्मेदार होता है। मार्केट में अभी डयूलकारे, क्वॉडकोर और ऑक्टाकोर प्रोसेसर वाले स्मार्टफोन उपलब्ध है, लेकिन नॉमली बात करें तो ऑक्टाकोर प्रोसेसर वाला स्मार्टफोन काफी तेज होता है। इसके अलावा प्रोसेसर की परफार्मेश ओएस पर निर्भर करती है ऎसे में प्रोसेसर बड़ा नहीं बल्कि ओएस पर भी उसी के अनुरूप देखें।

किसी भी स्मार्टफोन में उसके डिस्पले का अहम रोल होता है। किसी भी स्मार्टफोन का डिस्पले चैक करने का सबसे आसान तरीका उसे डिफरेंट एंगल से देखकर चेक किया जा सकता है यानि डिस्पले के कलर को चेंज करते हुए उसकी विजिबिलिटी कंडीशन को चेक करना चाहिए। यदि 5 इंच से बड़ी स्क्रीन वाला स्मार्टफोन यानि फेबलेट लेना चाहते हैं तो उसका डिस्पले फुल एचडी (1080पिक्सल) होना चाहिए। यदि 5 इंच स्क्रीन वाला स्मार्टफोन ले रहे हैं तो उसका डिस्पलले एचडी (720पिक्सल) होना चाहिए। डब्लूवीजीए (800&480पिक्सल) डिस्पले स्मार्टफोन को आप अवॉड कर सकते हैं। इसके अलावा अमोलेड और आईपीएस तकनीक वाला डिस्पले बहुत अच्छा माना जाता है।

मार्केट में अभी 1जीबी से लेकर 6 जीबी तक की रैम वाले स्मार्टफोन उपलब्ध है। आमतौर पर 2जीबी रैम वाला हेंडसेट काफी अच्छा माना जाता है।

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