नई दिल्ली। सरकार ने जनता के लिए बहुत सी छोटी बचत योजनाओं का निर्माण किया है। हालांकि सरकार ने ब्याज़ दर (Interest Rate) और उच्च महंगाई दर (High Inflation Rate) में 2022-2023 की दूसरी तिमाही में राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (National Savings Certificate) और सार्वजनिक भविष्य निधि (Public Provident Fund) जैसी बाकी अन्य छोटी बचत योजनाओं के ब्याज दरों मे कोई भी बदलाव नहीं किया है। जानकारी के लिए बता दें कि पिछले वर्ष की पहली तिमाही यानी की 2020-2021 की पहली तिमाही से ही सरकार ने ब्याज दरों में अब तक कोई भी नए बदलाव का संशोधन नहीं किया है। आपको बता दें कि इसी कारण इस वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही में  7.1 प्रतिशत और 6.6 प्रतिशत क्रमशः ब्याज दर जारी रहेगी।

इस वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही में अलग अलग प्रकार की छोटी बचत योजनाओं के लिए सरकार ब्याज दरों में कोई भी बदलाव नहीं करेगी। इसका मतलब यह है कि 2022 के जुलाई महीने से इसी वर्ष के 30 सितंबर तक ब्याज दर वही रहेंगे जो कि इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में बताए गए थे। इस बात की जानकारी वित्त मंत्रालय (Ministry Of Finance) ने 30 जून को जारी किए हुए एक नोटिफिकेशन में दी थी।

आप को बता दें कि देश के सबसे बड़े लोन देने वाले बैंक यानी कि भारतीय स्टेट बैंक (State Bank Of India) ने इनफ्लेशन रेट पर काबू पाने के लिए बेंचमार्क दरों में कुल दो बार 90 आधार अंकों की बढ़ोतरी के बाद फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर 5.10 प्रतिशत का ब्याज बढ़ा दिया है।

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