Vastu Tips

Vastu Tips: सनातन धर्म पर आस्था रखने वाले लोग वास्तु शास्त्र को बहुत महत्व देते हैं। वास्तुशास्त्र के अंदर घर और घर में इस्तेमाल होने वाली चीजें की सही दिशा और दशा के बारे में बताया गया है। कहा जाता है कि वास्तु शास्त्र का अगर सही तरह से पालन नहीं किआ गया तो मनुष्य को कई तरह की परेशानियां झेलनी पड़ती हैँ।

वास्तु में जिक्र किया गया है कि घर का शौचालय किस दिशा में और किस जगह पर रहना चाहिए। इसलिए आज हम आपको इसके बारे में बताएंगे। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में शौचालय का निर्माण दक्षिण या पश्चिम दिशा में मध्य में करवाना चाहिए। इसी के साथ-साथ उसके पानी का बहाव उत्तर या फिर पूर्व दिशा में रहना चाहिए। एग्जास्ट फैन की दिशा भी उत्तर पूर्व ही रहनी चाहिए।

यह भी पढ़ें-Shanidev: शनिवार को शनिदेव को करें प्रसन्न, करें ये आरती, सभी बिगड़े काम हो जाएंगे पूरे

वास्तु शास्त्र के मुताबिक शौच करते वक्त मनुष्य का मुख दक्षिण या पश्चिम दिशा में रहना चाहिए। इसके लिए यह बेहद जरूरी हो जाता है कि शौचालय की सीट इसी प्रकार लगाई जाए और इस पर बैठते वक्त मनुष्य के मुख दक्षिण या पश्चिम दिशा में हो।

मान्यता तो यह भी है कि शौचलय से नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसलिए अगर मनुष्य इससे बचना चाहता है तो वास्तु में बताई गयी सही दिशाओं का अवश्य ख्याल रखना चाहिए। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो घर से सकारात्मकता दूर चली जाती है। इसी के साथ साथ व्यक्ति को पेट से सम्बंधित बिमारियों को झेलना पड़ता है।

कहा तो यह भी जाता है कि घर के शौचलय का गेट हमेशा बंद ही रखना चाहिए। इससे यह होगा कि उस में से निकलने वाली नकरात्मक ऊर्जा को रोका जा सकेगा। वस्तु शास्त्र के मुताबिक घर में शौचलय कभी भी पूर्व और उत्तर दिशा की दीवाल से सटा हुआ न हो। यह बहुत ही अशुभ हो सकता है। लेकिन कुछ लोग यह कहते हैं कि वास्तु में घर में शौचलय बनाने से मना किया गया है, लेकिन यह एक गलत धारणा है। इसके लिए आपको बस कुछ वास्तु में बताई गयी दिशाओं का ध्यान रखना होगा।

जरूर पढ़ें: शादी से पहले बनी मां, इन एक्ट्रेस की लिस्ट को देख उड़ जायेंगे होश

Recent Posts