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जानिए ग्लैडिएटर्स से जुडी अनसुनी बातें

Facts About Gladiators : हजारों साल पहले रोमन साम्राज्य में खेल के नाम पर खूनी लड़ाइयां होती थीं। इनमें हिस्सा लेने वाले योद्धाओं को ग्लैडिएटर्स (Gladiators) कहा जाता था। इनकी रोमांचक कहानियों पर हॉलीवुड में कई सुपरहिट फिल्में और टीवी सीरियल बने हैं। इसके बावजूद ग्लैडिएटर्स से जुड़े कई ऐसे दिलचस्प फैक्ट्स हैं, जिनके बारे में लोग कम ही जानते हैं। हम आपको राेमन एंपायर के इन बेहद ताकतवर और साहसी योद्धा खिलाड़ियों के बारे में बता रहे हैं…

1. हर लड़ाई में हारने वाले की मौत नहीं होती थी -ग्लैडिएटर्स की लड़ाइयों के बारे में आम धारणा है कि इनमें जब लड़ते-लड़ते एक ग्लैडिएटर मारा जाता, तभी दूसरे को विजेता घोषित किया जाता था। लेकिन यह पूरा सच नहीं है। दरअसल, उस जमाने में ग्लैडिएटर्स की ट्रेनिंग और उनकी डाइट पर बहुत खर्च किया जाता था। अगर एक ही लड़ाई में वह मर जाता, तो मालिक को बहुत नुकसान हो सकता था। कब्रों में मिले ग्लैडिएटर्स के कंकालों को देखने के बाद एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन लड़ाइयों में उन्हें गहरी चोटें लगती थीं। इसके चलते कभी-कभी उनकी मौत भी हो जाती थी। दूसरी तरफ, बचने वाले ग्लैडिएटर भले ही हार गए हों, पर वे चोट ठीक होने के बाद दूसरी लड़ाइयों में भी हिस्सा लेते थे।

2. फिल्मों में जानवरों, खासकर शेर के साथ ग्लैडिएटर्स (Gladiators) की लड़ाई बड़े जोर-शोर से दिखाई जाती है। लेकिन हकीकत में जानवर और इंसान की लड़ाई कभी-कभार ही होती थी। वेनाटोरस और बेस्टिअरी इन दो क्लास के ग्लैडिएटर्स ही शेर, भालू और कभी-कभी हाथियों से लड़ते थे।

3. बहुत सारे ग्लैडिएटर्स गुलाम होते थे। कई बार जब वे मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन करते, तो मालिक खुश होकर उन्हें लकड़ी की तलवार इनाम में देते थे। यह तलवार सोर्ड ऑफ फ्रीडम कहलाती थी। इसलिए आजाद होने की इच्छा से भी ग्लैडिएटर्स पूरा दम लगाकर लड़ते थे।

4. मुकाबले से पहले हर ग्लैडिएटर (Gladiators) शपथ लेता था। इसमें मुख्यत: हर परिस्थिति में सहन करने और टिके रहने की बात होती थी। बहुत सारे ग्लैडिएटर्स हार जाने पर आत्महत्या भी कर लते थे। ऐसे लोगों को रोकने के लिए मैदान में सैनिक तैनात होते थे।

5. शुरुआत में ग्लैडिएटर्स या तो गुलाम होते थे या फिर अपने अपराध की सजा पा रहे कैदी। फिर पहली शताब्दी से इनमें पूर्व सैनिक और कभी-कभी शासक वर्ग के लोग भी कूदने लगे। वे जीतने पर मिलने वाले धन या मौज-मजे के लिए ऐसा करते थे।

6. प्राचीन रोम में जब किसी अमीर और खास आदमी की मौत हो जाती थी, तब उसकी कब्र के पास ग्लैडिएटर्स को लड़ाने की परंपरा थी। माना जाता था कि इस लड़ाई में जो खून गिरेगा, वह मृत व्यक्ति की आत्मा का शुद्धीकरण करेगा। जूलियस सीजर के समय यह परंपरा बहुत बढ़ गई थी। सीजर ने अपने पिता और बेटी की मौत पर सैकड़ों ग्लैडिएटर्स को लड़वाया था।

7. ग्लैडिएटर्स की कई श्रेणियां होती थीं। उन्हें कितनी ट्रेनिंग मिली है, उनका अनुभव कितना है, इस आधार पर प्रतिद्वंद्वी तय किए जाते थे। इसके अलावा भी अलग-अलग क्लास के ग्लैडिएटर्स हुआ करते थे। कुछ तलवारों से लड़ते थे, तो कुछ घोड़ों पर बैठकर मुकाबले में उतरते थे। एक खास तरह के ग्लैडिएटर्स सिर्फ जाल लेकर मैदान में आते थे और प्रतिद्वंद्वी को उसमें फंसाने की कोशिश करते थे।

8. ग्लैडिएटर्स सिर्फ एरेना या स्टेडियम में ही नहीं लड़ते, बल्कि वे जलयुद्ध भी करते थे। इसके लिए बाकायदा बड़े तालाब बनाए जाते, जिनमें बड़े-बड़े जहाज होते थे। इनमें हजारों की संख्या में योद्धा और कैदी मरते दम तक लड़ते थे।

9. रोमन साम्राज्य में ये खूनी लड़ाइयां बहुत पॉपुलर थीं। ऐसी फाइट देखने के लिए पब्लिक टूट पड़ती थी। उस दौर में रोम में 164 एरेना थे, जहां ग्लैडिएटर्स के बीच मुकाबले होते थे। प्राचीन पुस्तकों में दर्ज है कि ऐसे ही एक मुकाबले में एरेना लोगों के बोझ से ढह गया था और हजारों लोग मारे गए थे।

10. जैसे आज के जमाने में खिलाड़ियों की डाइट पर बहुत ध्यान दिया जाता है, वैसे ही रोमन ग्लैडिएटर्स को भी ट्रीट किया जाता था। उनके खानपान पर नजर रखने के लिए आहार और न्यूट्रीशन एक्सपर्ट होते थे। उनके इलाज के लिए डॉक्टर्स की फौज होती थी।

11. ग्लैडिएटर्स (Gladiators) में महिलाएं भी होती थीं। कई बार एम्परर भी योद्धा के रूप में मैदान में उतरते थे। उस जमाने में ग्लैडिएटर्स को सेलिब्रिटी का दर्जा प्राप्त था। अमीर वर्ग उन्हें लड़वाता था और उन पर दांव लगाता था, परंतु सामान्य लोगों की नजरों में उनका दर्जा बहुत ऊंचा होता था।

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