चर्च बना मंदिर और फादर बने पुजारी सैकड़ों लोगों ने ईसाई धर्म छोड़ अपनाया सनातन

जयपुर: बांसवाड़ा जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है. यहां एक गांव में 125 साल पुराने चर्च को भैरव मंदिर में बदल दिया गया है। यह मामला बांसवाड़ा के सुदलादुधा गांव का है. इतना ही नहीं इस गांव के करीब 200 लोगों ने पहले ईसाई धर्म अपना लिया था. उन्होंने अब अपना धर्म अपना लिया है. यानी वह घर लौट आए हैं. यहां के चर्च को न सिर्फ मंदिर में बदल दिया गया है बल्कि दीवारों के रंग भी बदल दिए गए हैं और इससे भी बड़ी बात ये है कि चर्च के पुजारी गौतम गरासिया अब मंदिर के पुजारी बन गए हैं.

मिशनरियों से प्रभावित होकर अपनाया ईसाई

दरअसल, बताया जा रहा है कि सालों पहले पूरे गांव के लोगों ने ईसाई मिशनरियों के प्रभाव में आकर ईसाई धर्म अपना लिया था. देश के साधु-संतों के सनातन के आह्वान और 144 साल बाद प्रयागराज में हुए महाकुंभ से निकली सनातन की बयार का असर राजस्थान के बांसवाड़ा पर भी पड़ा और बांसवाड़ा के सुदलादुधा गांव में बने 125 साल पुराने चर्च को फिर से मंदिर में तब्दील कर उसका उद्घाटन किया गया. अब यहां भगवान भैरवनाथ की पूजा होने लगी है।

बर्षों पुराना चर्चा बना मंदिर

गांव में बने 125 साल पुराने चर्च को भगवान भैरव के मंदिर में बदल दिया गया। उन्होंने बताया कि वर्षों पहले ईसाई मिशनरियों से प्रभावित होकर पूरे गांव के लोगों ने ईसाई धर्म अपना लिया था, लेकिन अब उनका मन फिर से सनातन संस्कृति की ओर हो गया है और वे फिर से हिंदू धर्म में लौट आये हैं. बताया जा रहा है कि आसपास के गांवों में जिन भोले-भाले आदिवासियों को पैसे का लालच देकर ईसाई बनाया गया है, उनसे भी संपर्क किया जा रहा है और उनकी भी घर वापसी कराई जाएगी.

 

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