Jharkhand

आदिवासियों संगठनों का रांची में टूटा कहर, पवित्र स्थल को लेकर उठा सवाल, क्या करेगी सरकार?

रांची: झारखंड की राजधानी रांची (Ranchi) में आदिवासी संगठनों ने बंद का आह्वान किया है। यह बंद सिरमटोली-मेकॉन फ्लाईओवर परियोजना के तहत सरना स्थल के पास बनाए गए रैंप को हटाने की मांग को लेकर बुलाया गया है। आदिवासी समुदाय का कहना है कि यह रैंप उनके पवित्र स्थल की गरिमा को प्रभावित कर रहा है और इसे जल्द से जल्द हटाया जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर उन्होंने 18 घंटे के बंद का आह्वान किया है। आदिवासी संगठनों का कहना है कि सिरम टोली स्थित सरना स्थल झारखंड के आदिवासियों के लिए बहुत ही पवित्र स्थल है।

खराब हो सकती है

इस स्थल के पास बनाए गए फ्लाईओवर के रैंप से वहां वाहनों की आवाजाही बढ़ जाएगी, जिससे न केवल इस स्थल की पवित्रता प्रभावित होगी बल्कि इलाके में ट्रैफिक जाम भी लगेगा। इसके अलावा स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में पहले से ही यातायात का काफी दबाव है और इस रैंप के कारण स्थिति और खराब हो सकती है। स्थानीय लोगों और विभिन्न आदिवासी संगठनों ने सरकार से इस मुद्दे पर ध्यान देने और रैंप को हटाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने की अपील की है। संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे अपना आंदोलन तेज करेंगे। इस बंद के कारण शहर के कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं, वहीं यातायात भी बाधित रहा।

बलों को तैनात किया गया

कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए, जहां आदिवासी संगठनों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। फिलहाल सरकार और प्रशासन इस मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं और आदिवासी संगठनों से बात करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि कोई समाधान निकाला जा सके। इस पूरी घटना पर राज्य के विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी प्रतिक्रिया दी है, जहां कुछ दल आदिवासियों की मांग का समर्थन कर रहे हैं, वहीं कुछ इसे विकास कार्यों में बाधा बता रहे हैं।

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