क्या सोलर पैनल सच में बिजली को अपनी ओर खींचते हैं?
गर्मियों की शुरुआत होते ही सोलर पैनल की मांग बढ़ जाती है, क्योंकि इस मौसम में घरों में एसी, कूलर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ जाता है, जिससे बिजली का बिल काफी बढ़ जाता है। लोग इस बिल को कम करने के लिए सोलर पैनल लगवाते हैं,
लेकिन जैसे ही मानसून शुरू होता है, कई लोगों के मन में एक सवाल उठता है - क्या घर की छत पर लगे सोलर पैनल आसमानी बिजली को अपनी ओर खींचते हैं? अगर आपके भी मन में यही गलतफहमी है, तो इसे अभी दूर कर लीजिए, क्योंकि एक्सपर्ट्स की राय इससे बिल्कुल अलग है।
सोलर पैनल बिजली को खींचते हैं? एक्सपर्ट्स की राय
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोलर पैनल खुद बिजली को अपनी ओर नहीं खींचते हैं। दरअसल, सोलर पैनल सिलिकॉन, कांच और एल्युमिनियम जैसी सामग्री से बने होते हैं, और ये चीजें बिजली को अपनी ओर आकर्षित नहीं करती हैं । यही कारण है कि सोलर पैनल बिजली को अपनी ओर नहीं खींचते।
हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि सोलर पैनल पूरी तरह सुरक्षित हैं। जब तेज आंधी-तूफान के दौरान आसमानी बिजली गिरती है, तो वोल्टेज सर्ज सोलर सिस्टम के कुछ उपकरणों, खासकर इनवर्टर, को नुकसान पहुंचा सकती है । यानी, सोलर पैनल लगने से सीधे बिजली गिरने का खतरा तो नहीं बढ़ता, लेकिन अगर आसपास कहीं बिजली गिरती है, तो उसका असर सोलर सिस्टम पर पड़ सकता है ।
बारिश के मौसम में सोलर पैनल को कैसे रखें सुरक्षित?
आंधी-तूफान और बारिश के समय सोलर पैनल को सुरक्षित रखने के लिए कुछ बातों का पता होना बेहद जरूरी है। सबसे जरूरी काम है सोलर पैनल की सही अर्थिंग (Earthing) कराना । इससे बिजली का अतिरिक्त करंट सुरक्षित तरीके से जमीन में चला जाता है और किसी को झटका नहीं लगता ।
दूसरा, बिजली गिरने के दौरान सोलर पैनल के कुछ उपकरणों को नुकसान हो सकता है, इसके लिए सर्ज प्रोटेक्शन डिवाइस (SPD) जरूर लगवाएं । इसे लगवाने से अगर कहीं बिजली गिरती है, तो उससे आने वाले वोल्टेज के झटकों से इनवर्टर और अन्य जरूरी उपकरण सुरक्षित रहते हैं । सही अर्थिंग और सर्ज प्रोटेक्टर सोलर सिस्टम की सुरक्षा की पहली और सबसे मजबूत दीवार हैं ।
बारिश में इन गलतियों को करने से बचें
बारिश के दौरान कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए, ताकि किसी तरह का कोई खतरा न हो। बारिश के दौरान कभी भी खुद सोलर पैनल को साफ न करें । अगर आपके हाथ गीले हैं, तो वायरिंग या इनवर्टर को न छुएं, क्योंकि इससे करंट लग सकता है ।
वहीं, अगर खराब वायरिंग या किसी भी प्रकार की दिक्कत दिखे, तो उसे खुद ठीक करने की कोशिश न करें, बल्कि किसी लाइसेंस्ड इलेक्ट्रिशियन को बुलाएं । तेज बारिश के दौरान छत पर जाने से बचें, क्योंकि बारिश में छत फिसलन भरी हो जाती है और गिरने का खतरा बढ़ जाता है ।
एक्सपर्ट से जानें क्यों जरूरी है सही अर्थिंग
सोलर पैनल को लेकर एक आम गलतफहमी यह भी है कि अगर बिजली नहीं खींचते, तो अर्थिंग की जरूरत ही नहीं। यह सोच पूरी तरह गलत है। सोलर पैनल की सही अर्थिंग न केवल बिजली के झटकों से बचाती है, बल्कि आग लगने के खतरे को भी कम करती है ।
जब सिस्टम में कोई फॉल्ट होता है, तो अर्थिंग उस करंट को सुरक्षित रूप से जमीन में उतार देती है । अगर सही अर्थिंग नहीं है, तो पूरा सिस्टम ही खतरे में पड़ सकता है। इसलिए, सोलर पैनल लगवाते समय अर्थिंग पर कंप्रोमाइज बिल्कुल न करें ।
निष्कर्ष
सोलर पैनल को लेकर बिजली गिरने का डर व्यर्थ है, क्योंकि ये खुद बिजली को आकर्षित नहीं करते । हालांकि, मानसून के दौरान सुरक्षा के लिए सही अर्थिंग और सर्ज प्रोटेक्शन डिवाइस (SPD) का होना बेहद जरूरी है, ताकि बिजली गिरने या वोल्टेज बढ़ने पर सिस्टम को नुकसान न पहुंचे ।
बारिश में कभी भी गीले हाथों से पैनल या वायरिंग को न छुएं और किसी भी खराबी को खुद ठीक करने की कोशिश न करें - यह काम हमेशा किसी एक्सपर्ट से करवाएं । अगर आपने अब तक सोलर पैनल नहीं लगवाया है, तो इस बारे में किसी लाइसेंस्ड इंस्टॉलर से सलाह जरूर लें, ताकि आपका सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित रहे ।
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