SIP Investment: ₹25,000 मासिक निवेश से कैसे बनेगा बड़ा फंड?
आज के समय SIP (Systematic Investment Plan) एक लोकप्रिय इनवेस्टमेंट टूल बन गया है । अगर कोई व्यक्ति अनुशासित तरीके से SIP करता है तो एक समय के बाद उसे मोटा रिटर्न मिल सकता है । लॉन्ग टर्म में अच्छे म्यूचुअल फंड 12% तक का रिटर्न देते हैं । आइए समझते हैं कि 10, 20 और 30 साल में ₹25,000 की मंथली SIP पर कितना रिटर्न मिल सकता है।
₹25,000 की SIP – 10 साल में कितना बनेगा फंड?
अगर आप 10 साल के लिए ₹25,000 की मासिक SIP करते हैं , तो इस दौरान आपका कुल निवेश ₹30 लाख होगा । 12% के औसत सालाना रिटर्न के हिसाब से कुल फंड ₹57.50 लाख बनेगा, जिसमें ₹27.50 लाख का शुद्ध लाभ होगा । यानी, आपके ₹30 लाख का निवेश 10 साल में लगभग दोगुना हो जाता है, जो किसी भी रिटायरमेंट या गोल फंड के लिए एक अच्छी रकम है ।
₹25,000 की SIP – 20 साल में कितना बनेगा फंड?
अगर आप 20 साल तक लगातार ₹25,000 की SIP करते हैं , तो आपका कुल निवेश ₹60 लाख होगा । 12% के औसत सालाना रिटर्न पर आपको ₹1.87 करोड़ का रिटर्न मिल सकता है और कुल फंड ₹2.47 करोड़ बनेगा । यानी, आपके ₹60 लाख का निवेश 20 साल में 4 गुना से ज्यादा हो जाता है और आप करोड़पति बन जाते हैं – यह कंपाउंडिंग का जादू है !
₹25,000 की SIP – 30 साल में कितना बनेगा फंड?
अगर आप 30 साल तक ₹25,000 की मासिक SIP करते हैं , तो आपका कुल निवेश ₹90 लाख होगा । 12% के औसत सालाना रिटर्न के हिसाब से आपको ₹8.74 करोड़ का कोष (फंड) बन सकता है । यानी, आपके ₹90 लाख का निवेश 30 साल में लगभग 10 गुना हो जाता है और आप लगभग ₹9 करोड़ का फंड तैयार कर सकते हैं – जो एक बहुत बड़ी रकम है !
SIP से पहले सही म्यूचुअल फंड कैसे चुनें?
हम जब भी म्यूचुअल फंड में निवेश करने जाएं तो कुछ प्रमुख बातों का ध्यान जरूर दें । पहली बात – फंड मैनेजर : जो व्यक्ति फंड मैनेज कर रहा है, वह कितना अनुभवी है और उसका ट्रैक रिकॉर्ड कैसा है । दूसरी बात – निवेश पोर्टफोलियो : जिन कंपनियों में निवेश किया जा रहा है, उनमें फंड का कितना प्रतिशत आवंटन है । साथ ही, एग्जिट लोड (Exit Load) कितना प्रतिशत है – यदि आप समय से पहले पैसे निकालेंगे तो कितना शुल्क लगेगा ?
एक्सपेंस रेशियो और फंड के प्रदर्शन पर दें ध्यान
एक्सपेंस रेशियो (Expense Ratio) भी एक बहुत महत्वपूर्ण फैक्टर है – यदि एक्सपेंस रेशियो अधिक होता है तो उसका सीधा असर फंड पर लॉन्ग टर्म में पड़ता है , क्योंकि हर साल आपके रिटर्न का एक हिस्सा इस खर्च में कट जाता है । इसके अलावा, फंड का प्रदर्शन जरूर चेक करें – पिछले 3-5 सालों में मार्केट की तुलना में फंड हाउस ने कितना रिटर्न दिया है । अगर मार्केट की तुलना में उसका रिटर्न कम है तो निवेश से पहले किसी एक्सपर्ट की राय जरूर लें । अंत में, फंड का एसेट साइज (कुल संपत्ति) भी जरूर देख लें – बहुत छोटे फंड में अधिक जोखिम हो सकता है और बहुत बड़े फंड में उतनी ग्रोथ नहीं मिल पाती।
निष्कर्ष
SIP में समय (Time), धैर्य (Patience) और अनुशासन (Discipline) सबसे बड़े हथियार हैं । ₹25,000 की मासिक SIP 30 साल में ₹8.74 करोड़ का फंड बना सकती है – यह कंपाउंडिंग का जादू है । हालांकि, यह निवेश की सलाह नहीं है और म्यूचुअल फंड्स में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है , इसलिए किसी भी SIP को शुरू करने से पहले अपने फाइनेंशियल गोल, रिस्क प्रोफाइल और एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें । इस लेख में दी गई जानकारी के आधार पर SIP करने की सलाह नहीं दी जाती है । वित्तीय निवेश और योजना से जुड़ी ऐसी ही महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए timesbull.com पर बने रहें ।
