Sawan 2026 Rudrabhishek: सावन का महीना 30 जुलाई से शुरू हो रहा है. सावन के महीने में महादेव के भक्त सभी सोमवार को व्रत रखते हैं और मंदिर जाकर पूजा करते हैं। सावन के महीने में पड़ने वाले सभी सोमवार को शिवलिंग का अभिषेक जरूर करते हैं। महादेव को प्रसन्न करने के लिए भक्तों द्वारा रुद्राभिषेक किया जाता है. हिन्दू धर्म में ऐसी मान्यता है कि सावन के महीने में शिवलिंग का रुद्राभिषेक करने से सारे दुख दूर हो जाते हैं। इसके साथ ही मनचाही सफलता मिलती है। तो आइए जानते हैं कि Rudrabhishek कितनी और क्यों ज़रूरी होती है? Rudrabhishek को कैसे किया जाता है? Rudrabhishek करने के क्या-क्या फायदे होते हैं?

ज्योतिष के मुताबिक, श्रावण के महीने में अलग – अलग साम्रग्री से महादेव का Rudrabhishek करने का महत्व है. हिन्दू शास्त्रों में भगवान शिव के रुद्राभिषेक के लिए भी कई विधान बताये गए हैं. धार्मिक मान्यता है कि कुछ खास चीजों से भगवान शिव का अभिषेक करने से यश, धन और वैभव की प्राप्ति भी होती है. आइए इसके बारे में जानते हैं.

सावन के महीने में रुद्राभिषेक में शिवलिंग पर जल, दूध, घी, शहद और गंगाजल अर्पित किया जाता है। भगवान शिव इससे प्रसन्न होकर भक्तों की सभी मनोकामनाएं को पूर्ण करते हैं. सावन के महीने में सभी सोमवार को रुद्राभिषेक किया ही जाता है।

पंचामृत से रुद्राभिषेक (panchamrit se rudrabhishek)

यदि जीवन में हमें वैभव और यश की जरुरत है, तो हमें पंचामृत से अभिषेक करना चाहिए। आपके मन में कोई कामना है तो सावन के महीने में पंचामृत से शिवजी का रुद्राभिषेक जरूर करें।

घी से रुद्राभिषेक (ghee se rudrabhishek) 

अगर श्रावण महीने में हम महादेव का घी से रुद्राभिषेक करते हैं, तो हमारे जीवन में चल रही सभी बीमारियों को नष्ट कर देते हैं.

चमेली के तेल से रुद्राभिषेक (chameli ke tel se rudrabhishek)

यदि चमेली के तेल से हम शिव जी का रुद्राभिषेक करते हैं, तो समृद्धि का प्रतिक माना जाता है.

दूध से रुद्राभिषेक (doodh se rudrabhishek)

भगवान शिव का अभिषेक गाय के दूध से किया जाए, तो जीवन में सुख और शांति बनी रहती है.

शहद से रुद्राभिषेक (shahad se rudrabhishek)

शहद से रुद्राभिषेक करने से सफलता मिलने के साथ ही व्यक्ति को सम्मान और ऊंचा पद प्राप्त होता है।

सरसों के तेल से रुद्राभिषेक (sarson ke tel se rudrabhishek)

सरसों के तेल से रुद्राभिषेक करते हैं तो शत्रु पराजित होते हैं। यदि आप गुप्त शत्रु पर विजय होना चाहते हैं तो शिवलिंग का सरसों के तेल से अभिषेक करें।

गन्ने के रस से रुद्राभिषेक (ganne ke ras se rudrabhishek)

यदि आप लंबे समय से धन की समस्या से परेशान हैं या फिर कर्ज में डूबे हुए हैं तो गन्ने के रस से शिवलिंग का अभिषेक जरूर करें।

इत्र से रुद्राभिषेक (itra se rudrabhishek)

आपको किसी प्रकार का तनाव है तो इत्र मिले जल से शिवलिंग का अभिषेक करें। ऐसी मान्यता है कि इत्र से रुद्राभिषेक करने से मानसिक शांति मिलती है।

गंगाजल से अभिषेक (gangajal se abhishek)

शिवलिंग का जलाभिषेक गंगाजल से करते हैं तो आपकी सभी मनोकामएं पूर्ण होती है. ऐसी मान्यता है कि भगवान भोले शंकर को शुद्ध जल अत्यंत प्रिय है।

ये सभी Symbols बताते हैं कि किन – किन चीजों से रुद्राभिषेक करने से आपको किस चीज की प्राप्ति होती है.

इस बार सावन के महीने में चार सोमवार में से दो सोमवार विशेष महत्वपूर्ण हैं. सबसे खास संयोग तीसरे सोमवार, 17 अगस्त को बन रहा है. इस दिन नाग पंचमी भी पड़ रही है. ऐसा दुर्लभ संयोग करीब 23 साल बाद बन रहा है, इससे पहले यह स्थिति साल 2003 में बनी हुई थी.