NHAI Rajmargyatra App: लोकल टोल पास अब डिजिटल रूप में
अगर आप किसी टोल प्लाजा के आसपास रहते हैं और रोजाना उसी रास्ते से सफर करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है । अब लोकल टोल पास बनवाने के लिए आपको टोल प्लाजा के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे – भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने Rajmargyatra मोबाइल ऐप पर डिजिटल लोकल टोल पास की सुविधा शुरू कर दी है, जिसके जरिए आप घर बैठे कुछ ही मिनटों में अपना लोकल पास बनवा सकते हैं । नई व्यवस्था का मकसद लोकल यात्रियों के लिए इस प्रक्रिया को आसान और तेज बनाना है, ताकि उन्हें ऑफिस जाने, बच्चों को स्कूल छोड़ने या दैनिक कामों के लिए टोल पर रुकने और वापस लौटने की परेशानी न हो ।
कौन बनवा सकता है लोकल टोल पास?
लोकल टोल पास के लिए तीन प्रमुख पात्रता शर्तें हैं – टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले निवासी ही इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं । वाहन पर वैध FASTag होना अनिवार्य है – क्योंकि पास FASTag के साथ लिंक होगा, और बिना FASTag के पास काम नहीं करेगा । GIS आधारित वेरिफिकेशन से पात्रता की जांच की जाएगी – यानी आपका वास्तविक निवास स्थान और टोल प्लाजा के बीच की दूरी का सटीक निर्धारण होगा, जिससे केवल योग्य लोगों को ही पास मिल सकेगा । इन शर्तों को पूरा करने वाला कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन आवेदन कर सकता है ।
घर बैठे कैसे बनेगा लोकल पास?
सबसे पहले Rajmargyatra मोबाइल ऐप डाउनलोड करें । ऐप में लोकल पास का ऑप्शन चुनें और जरूरी जानकारी भरकर आवेदन करें – इसमें वाहन नंबर, FASTag आईडी, निवास का पता, और संपर्क विवरण शामिल हैं । पहले लोकल पास बनवाने के लिए लोगों को टोल प्लाजा जाकर डॉक्यूमेंट्स जमा करने पड़ते थे, लेकिन अब यह पूरी प्रोसेस पात्र लोग Rajmargyatra ऐप के जरिए कर सकते हैं । ऐप सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म DigiLocker और VAHAN से जरूरी जानकारी लेकर GIS आधारित वेरिफिकेशन करेगा, जो पते और टोल प्लाजा के बीच की दूरी को वेरिफाई करेगा ।
इसके बाद लोकल पास जारी किया जाएगा, जिससे संबंधित टोल प्लाजा पर पूरे महीने अनलिमिटेड सफर करने की सुविधा मिलेगी – यानी एक बार पास बनने के बाद आप महीने भर बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के टोल पार कर सकेंगे । इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि आपकी समय की बचत होगी और डॉक्यूमेंट्स की मैन्युअल जांच की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि सारी प्रक्रिया डिजिटल और पेपरलेस होगी ।
किन जगहों से हुई शुरुआत?
डिजिटल लोकल पास की शुरुआत दिल्ली के मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा (UER-II) से की गई है, जो दिल्ली के एक प्रमुख टोल प्लाजा है जहां रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं । हालांकि, आने वाले महीनों में इसे देशभर के अन्य टोल प्लाजा पर भी लागू किया जाएगा – इसका विस्तार धीरे-धीरे अन्य राज्यों और शहरों में किया जाएगा, ताकि सभी जगहों के स्थानीय निवासियों को इस सुविधा का लाभ मिल सके । यह पायलट प्रोजेक्ट है, जिसकी सफलता के बाद इसे पूरे देश में रोलआउट किया जाएगा ।
मार्गमित्र' हेल्प सेंटर भी हुआ लॉन्च
NHAI ने Rajmargyatra ऐप में 'मार्गमित्र' नाम का नया डिजिटल हेल्प सेंटर भी शुरू किया है, जो यात्रियों को कई सुविधाएं प्रदान करेगा । इसके जरिए FASTag रिचार्ज और KYC से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं । लोकल और एनुअल पास संबंधी सहायता ले सकते हैं । शिकायत दर्ज करने और उसकी स्थिति ट्रैक करने की सुविधा भी मिलेगी । यह 22 भारतीय भाषाओं में चैट या वॉइस के जरिए सहायता प्रदान करेगा – यानी हिंदी, तमिल, तेलुगु, बांग्ला, मराठी, गुजराती, कन्नड़ आदि भाषाओं में यात्री मदद ले सकेंगे, जिससे भाषा की बाधा समाप्त हो जाएगी ।
खराब वाहन, अतिक्रमण और सड़क संबंधी समस्याओं की रिपोर्ट करने का विकल्प भी है, जिससे यात्री तुरंत सड़क से जुड़ी समस्याओं को सरकार के सामने उठा सकेंगे । इसके अलावा, इस हेल्प सेंटर पर आप नियमों से जुड़े किसी भी सवाल के लिए तुरंत उत्तर प्राप्त कर सकते हैं, जिससे यात्रा और भी सुगम हो जाती है ।
निष्कर्ष
NHAI का डिजिटल लोकल पास एक ऐसा कदम है जो टोल प्लाजा के पास रहने वाले लाखों लोगों के लिए रोजाना के सफर को आसान बनाएगा । Rajmargyatra ऐप और मार्गमित्र हेल्प सेंटर के जरिए FASTag रिचार्ज, KYC, शिकायत और पास से जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान एक ही जगह पर हो जाएगा । अगर आप किसी टोल प्लाजा के पास रहते हैं, तो इस सुविधा का लाभ उठाएं और अपना डिजिटल लोकल पास आज ही बनवाएं । राजमार्ग और यात्रा से जुड़ी ऐसी ही महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए timesbull.com पर बने रहें ।
