Mutual Fund Rules: SEBI और AMFI ने बदले नियम, अब म्यूचुअल फंड क्लेम में नाम-पते की छोटी गलती से नहीं रुकेगा प्रक्रिया

अगर नाम की स्पेलिंग अलग है, तो दावेदार आधार, पासपोर्ट या अन्य वैलिड ID प्रूफ जैसे सेल्फ-सर्टिफाइड दस्तावेज देकर समस्या का समाधान कर सकेंगे । पते में अंतर होने पर AMC उपलब्ध लेटेस्ट एड्रेस को स्वीकार कर सकती है । सिग्नेचर मिसमैच के मामलों में भी RTA के नियमों के अनुसार निपटारा होगा । इससे नॉमिनी और कानूनी उत्तराधिकारियों को क्लेम पूरा करने में होने वाली परेशानी काफी हद तक कम हो जाएगी ।