LPG Cylinder Safety Tips: सिलेंडर डिलीवरी से इस्तेमाल तक पूरी सुरक्षा
देश में LPG सिलेंडर ज्यादातर लोग इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इससे जुड़े हादसों की खबरें अक्सर सुनने को मिलती हैं। एलपीजी सिलेंडर की सुरक्षा उसी समय से शुरू हो जाती है, जबसे वह आपके घर डिलीवर होता है । सिलेंडर की डिलीवरी लेते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है, ताकि किसी भी तरह के हादसे से बचा जा सके । अक्सर लोग जल्दबाजी में इन जरूरी चीजों को चेक करना भूल जाते हैं या नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन ऐसा करना बिल्कुल गलत है और यह गलती किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है ।
सबसे पहले चेक करें सिलेंडर की एक्सपायरी डेट
सिलेंडर की डिलीवरी लेते समय सबसे जरूरी काम है उसकी एक्सपायरी चेक करना। सिलेंडर पर एक कोड दिया होता है, जिससे उसकी एक्सपायरी पता चलती है - इसमें A, B, C, D अक्षर महीने को और लिखा नंबर साल को दर्शाता है । A का मतलब जनवरी-मार्च, B का मतलब अप्रैल-जून, C का मतलब जुलाई-सितंबर और D का मतलब अक्टूबर-दिसंबर होता है । जैसे अगर सिलेंडर पर B-26 लिखा है, तो इसका मतलब है कि सिलेंडर अप्रैल-जून 2026 तक ही सुरक्षित है । इसके बाद सिलेंडर रिटेस्टिंग के लिए भेजा जाता है, इसलिए एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें और एक्सपायर्ड सिलेंडर कभी न लें ।
सील और सुरक्षा कैप की हो जांच
डिलीवरी लेते समय हमेशा सिलेंडर की सुरक्षा कैप और सील का ध्यान दें। अगर सील टूटी हुई दिखाई देती है तो सिलेंडर न लें, क्योंकि इससे पता चलता है कि सिलेंडर के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ की गई है । गैस कंपनियां सुरक्षित डिलीवरी के लिए सिलेंडर पर प्लास्टिक सील और सुरक्षा कैप लगाकर भेजती हैं, और अगर यह टूटी हो तो इसका मतलब है कि सिलेंडर को बीच में कहीं खोला गया है या उसमें कोई गड़बड़ी हो सकती है । ऐसे सिलेंडर को तुरंत रिजेक्ट कर देना चाहिए और एजेंसी को सूचित करना चाहिए ।
जंग या टूट-फूट दिखे तो न लें सिलेंडर
सिलेंडर को अच्छे से देखें, अगर कोई डेंट, जंग या किसी प्रकार की टूट-फूट दिखती है तो सिलेंडर न लें। ऐसे सिलेंडर हादसे का कारण बन सकते हैं, क्योंकि जंग लगने से सिलेंडर की मोटाई कम हो जाती है और वह दबाव बर्दाश्त नहीं कर पाता । इसके अलावा जिन सिलेंडरों पर गहरे डेंट या धंसाव हो, वे भी कमजोर हो सकते हैं, और गैस के दबाव में वे फट सकते हैं । अगर सिलेंडर पर जंग या चोट के निशान दिखें तो उसे लेने से साफ मना करें और डिलीवरी ब्वॉय को वापस भेज दें ।
सिलेंडर के वजन को जरूर करें चेक
डिलीवरी लेते समय सिलेंडर के वजन को चेक करना भी बेहद जरूरी है। अगर आपके पास वजन कांटा है तो उसे तौलकर जरूर देखें, क्योंकि इससे यह पता चलेगा कि सिलेंडर में गैस पूरी है भी या नहीं । 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर का कुल वजन (सिलेंडर + गैस) करीब 29-30 किलो होना चाहिए, जिसमें से 14.2 किलो गैस का वजन होता है और बाकी सिलेंडर का अपना वजन होता है । अगर वजन कम मिलता है, तो इसका मतलब है कि सिलेंडर में पूरी गैस नहीं है या कोई लीकेज है - ऐसी स्थिति में तुरंत एजेंसी को शिकायत करें और सिलेंडर वापस कर दें ।
गैस लीकेज की जांच कैसे करें?
सिलेंडर लगाने के बाद सबसे पहला काम यह चेक करना चाहिए कि कहीं गैस लीक तो नहीं हो रही। गैस लीकेज चेक करने का सबसे आसान तरीका है - साबुन के पानी को रेगुलेटर और पाइप के जोड़ों पर लगाएं । अगर बुलबुले बनते हैं, तो समझ लें कि वहां से गैस लीक हो रही है । माचिस या लाइटर कभी इस्तेमाल न करें क्योंकि इससे बड़ा हादसा हो सकता है । अगर लीकेज मिले तो तुरंत रेगुलेटर बंद करें, खिड़कियां खोलें और किसी एक्सपर्ट को बुलाएं ।
रेगुलेटर और गैस पाइप की नियमित जांच
अक्सर लोग रेगुलेटर और गैस पाइप को नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि ये सबसे नाजुक हिस्से हैं। गैस पाइप (ट्यूब) को हर 2-3 साल में बदल देना चाहिए, क्योंकि पुरानी पाइप कड़ाके की ठंड या गर्मी में कमजोर होकर फट सकती है । रेगुलेटर पर लगे रबर गैस्केट (गैस्केट रिंग) को भी चेक करते रहें, क्योंकि अगर यह खराब हो जाए तो गैस लीक होने लगती है । रेगुलेटर बदलते समय हमेशा नया गैस्केट लगवाएं और पुराने का इस्तेमाल न करें ।
