सैलरीड लोगों के लिए खास टैक्स प्लानिंग, जानें ओल्ड टैक्स रिजीम कैसे है फायदेमंद

Income Tax Update: अगर आप इनकम टैक्स पेयर्स हैं ये खबर आपके लिए बेहद जरूरी साबित हो सकती है। बता दें सरकार के जरिए लगातार नए टैक्स रिजीम को ओल्ड टैक्स रिजीम स ज्यादा शानदार बनाया जा रहा है। इसको आसान और टैक्सपेयर्स के लिए डिफॉल्ट ऑप्शन के रूप में पेश किया गया है। केंद्रीय बजट 2025 में किए गए बदलावों से न्यू इनकम टैक्स सिस्टम को ज्यादा शानदार बनाया गया है। वहीं सेंट्रल गवर्नमेंट के द्वारा इनकम टैक्स नियम 2026 में कई सारे जरूरी भत्तों और टैक्स छूट की लिमिट को बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा गया है। इस ड्राफ्ट को 22 फरवरी 2026 तक के लिए आम लोगों के लिए ओपन किया गया है।

इसके अलावा अगर इसको लेकर संसद में मंजूरी मिल जाती है तो पुराने टैक्स सिस्टम का चुनाव करने वाले कर्मचारियों को तगड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अब सवाल ये उठ रहा है कि पुराने टैक्स सिस्टम के तहत 15 लाख रुपए, 20 लाख रुपए और 25 लाख रुपए तक की सैलरी पर नए सिस्टम के मुकाबले कम टैक्स का भुगतान कर सकते हैं। चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

इन भत्तों पर हो सकती है बढ़ोतरी

ड्राफ्ट के अनुसार कुछ भत्तों की सीमा बढ़ाई जाने की योजना है। इसमें ब्याज मुक्त या रियायती दर पर मिलने वाले लोन की टैक्स छूट सीमा 20,000 रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये की जा सकती है। बच्चों के शिक्षा भत्ते की सीमा 100 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रति माह और हॉस्टल भत्ते को 300 रुपये से 9,000 रुपये प्रति माह तक करने का सुझाव है। फ्री मील पर टैक्स छूट 50 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये प्रति मील और गिफ्ट वाउचर की सीमा 5,000 रुपये से 15,000 रुपये सालाना करने का प्रस्ताव है। साथ ही, हाउस रेंट अलाउंस (HRA) की 50% छूट अब बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद जैसे शहरों में भी लागू करने का सुझाव है।

15 लाख सैलरी पर कितना लगेगा टैक्स

टैक्स विशेषज्ञों के अनुसार, इन बढ़ोतरी वाले भत्तों से ओल्ड टैक्स सिस्टम के तहत कर्मचारियों की टैक्स देनदारी कम हो सकती है। इससे बिना सैलरी बढ़ाए भी हाथ में ज्यादा पैसा आएगा। उदाहरण के मुताबिक, अगर कोई कर्मचारी पूरी तरह से भत्तों और 80C व 80D कटौतियों का लाभ उठाता है, तो 15 लाख रुपये की सैलरी पर टैक्स करीब 41,496 रुपये आएगा, जो नए टैक्स सिस्टम में 97,500 रुपये के मुकाबले काफी कम है। इसी तरह, 20 लाख की सैलरी पर करीब 63,856 रुपये और 25 लाख की सैलरी पर करीब 66,456 रुपये की एक्स्ट्रा सेविंग हो सकती है।

वहीं अगर ये प्रस्ताव लागू होते हैं, तो 15 लाख रुपये से अधिक सैलरी वाले कर्मचारी ओल्ड टैक्स सिस्टम की ओर रुख कर सकते हैं। सही टैक्स प्लानिंग से सैलरीड कर्मचारियों को अपनी टैक्स देनदारी में काफी बचत करने का मौका मिलेगा और वे ज्यादा पैसा अपने पास रख पाएंगे।

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