RBI Update: इन तीन बैंकों ने दिया ग्राहकों को झटका! RBI ने किया ये बड़ा झटका - Times Bull
G o o g l e Preferences

RBI Update: इन तीन बैंकों ने दिया ग्राहकों को झटका! RBI ने किया ये बड़ा झटका

Prakash Potnis
August 11, 2024

RBI Update: भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा लगातार नौवीं बार रेपो दर को 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखने के एक दिन बाद कुछ बैंकों ने ब्याज दर में बदलाव किया है। इनमें केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और यूको बैंक शामिल हैं। केनरा बैंक की घोषणा सार्वजनिक क्षेत्र के केनरा बैंक ने कोष की सीमांत लागत आधारित ब्याज (एमसीएलआर) में 0.05 प्रतिशत की वृद्धि की है।

Also Read: अब हर गरीब जन बेटी की बड़े धूमधाम होगी शादी! सरकार दे रही 50,000 मदद, इस प्रोसेस से तुरंत करे आवेदन

यह वृद्धि सभी अवधि के ऋणों के लिए की गई है। इससे अधिकांश उपभोक्ता ऋण महंगे हो जाएंगे। केनरा बैंक ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि एक साल की अवधि के लिए एमसीएलआर अब नौ प्रतिशत होगी। वर्तमान में यह 8.95 प्रतिशत है।

Also Read: Dzire से बढ़िया इस सेडान पर मिल रहा ₹1.25 लाख तक का डिस्काउंट, मिलती है 5 स्टार का की सेफ्टी

इसका उपयोग वाहन और व्यक्तिगत जैसे अधिकांश उपभोक्ता ऋणों पर ब्याज तय करने के लिए किया जाता है। तीन साल के लिए एमसीएलआर 9.40 प्रतिशत होगी जबकि दो साल की अवधि के लिए एमसीएलआर में 0.05 प्रतिशत की वृद्धि कर इसे 9.30 प्रतिशत कर दिया गया है। एक माह, तीन माह और छह माह की अवधि के लिए ब्याज दर 8.35-8.80 प्रतिशत के दायरे में होगी। नई दरें 12 अगस्त 2024 से प्रभावी होंगी।

बैंक ऑफ बड़ौदा

इसके अलावा बैंक ऑफ बड़ौदा ने 12 अगस्त से कुछ अवधि के लिए एमसीएलआर में बदलाव किया है। यूको बैंक की एसेट लायबिलिटी मैनेजमेंट कमेटी (एएलसीओ) 10 अगस्त से कुछ अवधि के लिए उधार दर में पांच आधार अंकों (बीपीएस) की वृद्धि करेगी।

Also Read: Stree 2 की लीड एक्ट्रेस Shraddha Kapoor को इन ड्रेसेस में देख खो बैठेंगें होश!

आरबीआई का फैसला

गुरुवार को आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की मंगलवार से शुरू हुई तीन दिवसीय बैठक में लिए गए फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति पर सतर्क रुख बनाए रखते हुए रेपो दर को 6.5 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा गया है। एमपीसी के छह में से चार सदस्यों ने नीति दर को अपरिवर्तित रखने के पक्ष में मतदान किया। आपको बता दें कि एमपीसी ने पिछले साल फरवरी में नीति दर में संशोधन करते हुए इसे बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया था।

📁 CATEGORIES