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महिलाओं के लिए ये क्या चलाती है मोदी सरकार, हेल्थ के साथ इसका भी है इंतजाम

नई दिल्ली: मोदी सरकार (Modi Government) का उद्देश्य है कि महिला हो या फिर परुष बराबर तरक्की करें और समाज और देश के विकास में भागीदारी निभाएं। वहीं केंद्र ने महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई सारे कदम उठाए हैं। मोदी सरकार की सबसे सफल योजना महिलाओं के लिए उज्ज्वला योजना है। इस योजना के तहत महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन और एलपीजी चूल्हा दिया जाता है। साथ ही साथ लाभार्थी को मुफ्त में सिलेंडर बांटा जाता है।

महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना

आपको बता दें कि इस योजना की शुरुआत 1 मई 2016 को यूपी के बलिया से की गई थी। यह इस योजना का पहला चरण था। इस योजना को लाने का उद्देश्य महिलाओं को धुएं से बचाकर उनके स्वास्थ्य में सुधार करना और एलपीजी के इस्तेमाल को बढ़ाकर प्रदूषण को कम करना था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 जनवरी 2015 को हरियाणा के पानीपत में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना की शुरुआत की। इस योजना का उद्देश्य बालिका लिंगानुपात में गिरावट को रोकना और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। यह योजना घरेलू हिंसा के मामलों में भी महिलाओं की मदद करती है। अगर कोई महिला ऐसी किसी हिंसा का शिकार होती है तो उसे पुलिस, कानूनी, मेडिकल जैसी सेवाएं मुहैया कराई जाती हैं। पीड़ित महिला टोल फ्री नंबर 181 पर कॉल करके मदद मांग सकती है।

वित्तीय सहायता दे रही

फ्री सिलाई मशीन योजना कोई और योजना नहीं बल्कि पीएम विश्वकर्मा योजना का ही एक हिस्सा है, जिसके तहत सरकार सिलाई करने वाले कारीगरों को नई सिलाई मशीन खरीदने के लिए वित्तीय सहायता दे रही है। वहीं महिलाओं को सिलाई मशीन खरीदने के लिए 15000 रुपये देती है, बशर्ते आप योजना की पात्रता मानदंडों को पूरा करते हों। सुरक्षित मातृत्व आश्वासन सुमन योजना की पहल 10 अक्टूबर 2019 को की गई थी। इसमें गर्भवती महिलाओं और उनके नवजात शिशुओं के हेल्थ का ध्यान रखा जाता है।

2017 में शुरू किया था

इस योजना की शुरुआत आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों की महिलाओं और बच्चों को ध्यान में रखकर की गई थी। क्योंकि गरीब परिवारों की कई गर्भवती महिलाओं को समय पर इलाज न मिलने की वजह से उनकी और उनके बच्चे की मौत हो जाती है। इसीलिए सरकार की सुरक्षित मातृत्व आश्वासन सुमन योजना के ज़रिए ऐसी महिलाओं और उनके शिशुओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाएगा। इस योजना को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने वर्ष 2017 में शुरू किया था। यह योजना महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए तैयार की गई है। इस योजना के तहत हर गांव में सामाजिक भागीदारी के जरिए महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें उनकी क्षमता का एहसास कराने का काम किया जाता है।

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