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बुढ़ापे की लाठी बनेंगी ये तीन स्कीम्स, निवेश से पहले जानिए कितना मिल रहा ब्याज

ये सभी स्कीम्स अपनी खासियत और फायदों के साथ धमाल मचाने का काम करती हैं. ऐसे में ईपीएफ अधिकांश वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए जरूरी है. सबसे खास बात यह है कि एंप्लायर के योगदान के साथ सुरक्षित रिटर्न भी देने का काम करता है. इन सभी स्कीम्स से जुड़ी जरूरी चीजें नीचे समझ सकते हैं.

नई दिल्लीः देश में नौकरीपेशे से जुड़े लोगों के लिए रिटायरमेंट तक बढ़िया फंड इकट्ठा करने के तमाम अवसर हैं. बस समय रहते आपको उन अवसरों का फायदा उठाना होगा। कुछ ऐसी स्कीम्स चल रही हैं जो एकदम खास साबित हो रही हैं. ईपीएफओ की ईपीए योजना, पब्लिक प्रोविडेंट फंड और नेशनल पेंशन सिस्टम के बारे में तो आपने सुना ही होगा. कर्चमारी अपने वेतन, टैक्स सेविंग के लक्ष्यों और भविष्य की प्लानिंग के आधार पर इन इंस्ट्रमेंट्स को चुनने का काम कर सकते हैं.

ये सभी स्कीम्स अपनी खासियत और फायदों के साथ धमाल मचाने का काम करती हैं. ऐसे में ईपीएफ अधिकांश वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए जरूरी है. सबसे खास बात यह है कि एंप्लायर के योगदान के साथ सुरक्षित रिटर्न भी देने का काम करता है. इन सभी स्कीम्स से जुड़ी जरूरी चीजें नीचे समझ सकते हैं.

पब्लिक प्रोविडेंट फंड कितनी खास

पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ स्कीम बहुत ही खास है. उन पारंपरिक निवेशकों के लिए एक आदर्शन ऑप्शन भी है जो बिना किसी जोखिम के लंबी अवधि में पूरी तरह टैक्स फ्री फंड बनाने का प्लान कर रहे हैं. केंद्र सरकार द्वारा समर्थित एक बेहद सुरक्षित योजना है जिसमें निवेश करने पर पैसा 15 साल के लिए आसानी से लॉक हो जाता है. इसमें एक फाइनेंशियल ईयर के भीतर न्यूनतम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक जमा करने की सुविधा भी आसानी से मिल जाती है. मौजूदा वक्त में सरकार इस योजना पर 7.10% फसीदी ब्याज दे रही है.

ईपीएफ योजना भी बढ़िया विकल्प

ईपीएफ भी एक बढ़िया स्कीम है. यह बेहद मजबूत रिटायरमेंट सेविंग्स स्कीम में गिनी जाती है. इसे ईपीएफओ द्वारा मैनेज करने का काम किया जाता है. इसमें कर्मचारी की बेसिक सैलरी और डीए का 12 फीसदी हिस्सा काटा जाता है. मौजूदा वक्त में सरकार इस पर 8.25% का शानदार ब्याज देने का काम कर रही है.

एक निश्चित अवधि की सेवा के बाद पूरी तरह टैक्स-फ्री रहता है. इस स्कीम में अगर कोई कर्मचारी अनिवार्य 12% से ज्यादा का योगदान अपनी मर्जी से करना चाहता है, तो वह वॉलंटरी प्रोविडेंट फंड यानी VPF का विकल्प चुनने का काम कर सकता है. इस अतिरिक्त निवेश पर भी ईपीएफ के बराबर आपको ब्याज मिलेगा. पहले और इस वित्तीय साल में ईपीएफ से जुड़े लोगों को सरकार ने 8.25 फीसदी ब्याज दिया है.

नेशनल पेंशन सिस्टम भी बनाएगी अमीर

केंद्र सरकार का नेशनल पेंशन सिस्टम यानी एनपीएस बढ़िया ऑप्शन है. एक स्वैच्छिक और मार्केट-लिंक्ड रिटायरमेंट स्कीम में गिनी जाती है. इसमें आप 18 से 70 वर्ष की आयु के कोई भी भारतीय नागरिक शामिल रह सकते हैं. यह योजना इक्विटी और डेट दोनों का मिश्रण देती है, जिससे लंबी अवधि में ज्यादा रिटर्न मिलने की अधिक संभावना बनी रहती है.

इसके अलावा पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत इसमें अतिरिक्त टैक्स डिडक्शन का लाभ भी फायदा दिया जाता है. रिटायरमेंट के समय कुल जमा राशि का 60 फीसदी हिस्सा पूरी तरह टैक्स फ्री निकाल सकते हैं. कोई भी 30 वर्ष का व्यक्ति 60 साल की उम्र तक हर महीने एनपीएस में 12,500 रुपये का मंथली निवेश करता है और उसे 10 फीसदी का अनुमानित रिटर्न मिलता है तो कुल इनवेस्टेड अमाउंट 45 लाख रुपये रहेगा. रिटायरमेंट पर उसकी कुल तैयार वेल्थ 2,84,91,567 रुपये हो जाएगी.

Vipin Kumar
About the Author

vipin kumar

Vipin Kumar is an experienced journalist with 8 years in the media industry, having worked with prominent news platforms including Dainik Jagran and News24. Currently serving at Timesbull.com for almost four years, dedicated to delivering truthful, transparent, and people-centric news that informs and empowers readers. Committed to transparent, ethical, and accurate journalism.

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