Income Tax: सोने को शुरू से ही आपातकालीन स्थिति में इस्तेमाल की जा सकने वाली धातु माना जाता है. इसीलिए ज़्यादातर लोग इसे घर पर रखते हैं, लेकिन सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ डायरेक्ट टैक्स और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने इसे रखने के नियम तय किए हैं. घर पर कितना सोना रखा जा सकता है, इसकी एक सीमा तय की गई है. अगर आपके घर पर सीमा से ज़्यादा सोना है, तो आप पर कभी भी इनकम टैक्स की रेड पड़ सकती है. इसके बाद आपको कई तरह की परेशानियां होंगी और आप बुरी तरह फंस सकते हैं. इसलिए इन नियमों को पहले ही जान लें.

पुरुषों और महिलाओं के लिए सोना रखने के नियम-

सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ डायरेक्ट टैक्स (CBDT) के नियमों के मुताबिक, शादीशुदा महिला घर पर 500 ग्राम तक सोना या सोने के गहने रख सकती है. अविवाहित लड़की 250 ग्राम तक सोने के गहने रख सकती है. शादीशुदा और अविवाहित पुरुष अपने पास या घर पर 100 ग्राम तक सोना (पुरुषों के लिए सोने की सीमा) रख सकते हैं. इनकम टैक्स नियमों (आयकर नियमों के मुताबिक, अगर इससे ज़्यादा सोना पाया जाता है, तो ज़्यादा सोने पर टैक्स देना होगा. आय का प्रमाण होना चाहिए-

अगर आपके पास आय का ज्ञात स्रोत है तो आप घर पर कितना भी सोना रख सकते हैं (घर में सोने का भंडारण नियम), लेकिन बिना आय का प्रमाण दिए सोना रखने के नियम तय किए गए हैं।

आय का सही प्रमाण होने के बाद आपको टैक्स विभाग की कार्रवाई (सोने पर आईटी नियम) को लेकर किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। विरासत में मिले सोने पर कोई टैक्स नहीं लगता, लेकिन इसे बेचते समय इस पर टैक्स देना होगा (सोने पर टैक्स नियम)। इसके लिए कानूनी वसीयत या अन्य प्रमाण भी देना होगा, नहीं तो इस पर जुर्माना देना होगा।

क्या कहता है सीबीडीटी नियम-

सीबीडीटी (केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड) ने घर पर सोना रखने के संबंध में नियम तय किए हैं। सीबीडीटी के अनुसार, अगर खेती की आय, घरेलू बचत या कानूनी रूप से विरासत में मिले आय के स्रोत से सोना खरीदा जाता है तो इस पर कोई टैक्स (सोने पर टैक्स) नहीं देना होता। इसके लिए आपको प्रमाण दिखाना होगा। आय के ज्ञात स्रोतों से खरीदे जाने पर सोने की कोई निर्धारित मात्रा नहीं रखी जाती।

सोने पर कब लगता है टैक्स-

सोना खरीदते समय कई तरह के टैक्स देने पड़ते हैं (tax rules on gold selling). इसी तरह सोना बेचते समय भी आपको टैक्स देना होगा. अगर आप सोना खरीदने के तीन साल से कम समय में बेचते हैं तो इस पर इनकम टैक्स स्लैब दरों के हिसाब से शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगेगा.

अगर आप इसे खरीदने के तीन साल बाद तक अपने पास रखते हैं और बेचते हैं तो इसे बेचते समय लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन के हिसाब से टैक्स लगेगा. इसके अलावा आपको 20 फीसदी इंडेक्सेशन बेनिफिट और 4 फीसदी सेस भी देना होगा.

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