Ragi Chilla : रागी (फिंगर मिलेट) वास्तव में कैल्शियम का समृद्ध स्रोत है। ICMR (भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद) के अनुसार, 100 ग्राम रागी में लगभग 344 मिलीग्राम कैल्शियम होता है, जो गेहूं और चावल से कहीं अधिक है। यह ग्लूटेन-फ्री भी होता है, जिससे यह सेहतमंद विकल्प है।
क्यों खास है रागी चीला?
रागी चीला न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन है बल्कि पोषण से भी भरपूर है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो वजन घटाने, हड्डियों की मजबूती और पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद हैं। बच्चों, बुजुर्गों और प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए यह एक आदर्श नाश्ता है।
रागी चीला बनाने की आसान रेसिपी
सामग्री:
1 कप रागी का आटा
3/4 कप ताजा दही
1/2 कप बारीक कटी सब्जियाँ (प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, धनिया)
स्वादानुसार नमक, जीरा पाउडर, हल्दी
तवा ग्रीस करने के लिए घी या तेल
विधि:
घोल तैयार करें: रागी के आटे में दही मिलाएं और 10 मिनट के लिए रख दें। फिर इसमें सब्जियाँ, मसाले और थोड़ा पानी डालकर गाढ़ा घोल बना लें।
चीला सेंके: गर्म तवे पर घोल फैलाकर मीडियम आँच पर सेंकें। घी लगाकर दोनों तरफ से क्रिस्पी होने तक पकाएँ।
सर्व करें: गर्मागर्म हरी धनिये की चटनी या दही के साथ परोसें।
सेहत के लिए 5 जबरदस्त फायदे
हड्डियों की मजबूती: कैल्शियम और विटामिन डी का कॉम्बिनेशन ऑस्टियोपोरोसिस से बचाता है।
वेट लॉस में मददगार: लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स और हाई फाइबर वजन कंट्रोल करता है।
डायबिटीज फ्रेंडली: ब्लड शुगर लेवल को स्थिर रखने में सहायक।
एनर्जी बूस्टर: आयरन और प्रोटीन थकान दूर करते हैं।
ग्लूटेन-फ्री: सीलिएक रोग से पीड़ित लोगों के लिए सुरक्षित विकल्प।
टिप्स:
अगर घोल गाढ़ा हो जाए, तो थोड़ा पानी मिलाएँ।
बच्चों के लिए चीला में पनीर यूज कर सकते हैं।
रागी आटा हमेशा एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करें।
