Driving License: ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों के लिए बड़ी खबर! अब चाहिए होंगे ये डॉक्यूमेंट

Sanjay mehrolliya
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Driving Licence: क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) के अधीन आने वाले बस स्टैंड के पास ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट सेंटर में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर सतर्कता विभाग द्वारा की गई छापेमारी के बाद सेंटर की व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। अब सेंटर में एजेंटों के प्रवेश पर रोक लगाने की कवायद के तहत केवल उन्हीं आवेदकों को सेंटर में प्रवेश दिया जाएगा जो अपना लाइसेंस बनवाने आए हैं।

इसके लिए आरटीओ के निर्देश के बाद सेंटर

इसके लिए आरटीओ के निर्देश के बाद सेंटर के बाहर एक कर्मचारी की टेबल लगाई गई है और उक्त कर्मचारी रजिस्टर में प्रत्येक आवेदक का आवेदन नंबर, नाम और फोन नंबर दर्ज करेगा, जिसके बाद उसे सेंटर में प्रवेश दिया जाएगा। इसके बाद सेंटर के बाहर प्रतिदिन सक्रिय रहने वाले करीब एक दर्जन निजी एजेंटों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।

गौरतलब है कि ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट

गौरतलब है कि ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट सेंटर के आसपास प्रतिदिन एक दर्जन से अधिक निजी एजेंट सक्रिय रहते हैं। ये एजेंट आवेदकों को झांसे में लेकर ड्राइविंग टेस्ट पास करवाने से लेकर लाइसेंस स्वीकृत करवाने तक हर काम के लिए ‘सेटिंग’ का हवाला देते थे।

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लेकिन अब आरटीओ ने इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। आरटीओ के आदेशों के तहत अब किसी भी एजेंट या अनावेदक को सेंटर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। सेंटर के बाहर स्थापित डेस्क पर रजिस्टर में हर व्यक्ति की एंट्री दर्ज की जाएगी और उसी के आधार पर उसे चेक करके सेंटर में भेजा जाएगा।

अब ड्यूटी टाइम में सेंटर का स्टाफ

अब ड्यूटी टाइम में सेंटर का स्टाफ मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा एआरटीओ विशाल गोयल ने आज सेंटर में तैनात समूह स्टाफ कर्मियों के मोबाइल फोन जमा करवाए। एआरटीओ ने बताया कि अब ड्यूटी टाइम में स्टाफ मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा।

क्योंकि अक्सर शिकायतें मिलती रही हैं

क्योंकि अक्सर शिकायतें मिलती रही हैं कि स्टाफ कर्मी व्हाट्सएप और अन्य सोशल साइट्स के जरिए सेंटर के बाहर तैनात एजेंटों के संपर्क में रहते हैं। उन्होंने कहा कि व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए यह कदम उठाए गए हैं। हमारा उद्देश्य है कि किसी भी आवेदक से अवैध धन की वसूली न हो और हर व्यक्ति को समान अवसर दिया जाए।

उन्होंने कहा कि अक्सर शिकायतें मिलती रहती हैं कि एजेंट आवेदकों को ड्राइविंग टेस्ट पास करवाने से लेकर हर काम को आसानी से और जल्दी करवाने के लिए मोटी रकम वसूलते हैं और आवेदक के आवेदन को अंदर मौजूद स्टाफ तक पहुंचाकर तुरंत काम करवा देते हैं। ऐसी शिकायतों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

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My Name is Sanjay Mehrolliya, I have 4 years Experience in Journalism, I Am From Haryana, I Work on Job A Education desk At timeSbull.com
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