CNG Price Hike Today: पेट्रोल-डीजल के बाद सीएनजी के बढ़े दाम, चेक करें ताजा रेट
दिल्ली में बढ़ोतरी के बाद अब सीएनजी का नया रेट बढ़कर 81.09 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है. नई दरों के लागू होने के बाद से अब ऑटो, टैक्सी और गाड़ी से चलने वाले लोगों का सफर भी महंगा हो गया है. दस दिन के भीतर ही लोगों को बढ़ती महंगाई से जूझना पड़ रहा है, जिसका असर सीधा आम लोगों की जेब पर पड़ना तय है.
Cng Price Hike
CNG Price Hike Today: तड़के सुबह पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी (petrol-diesel price hike) से ग्राहकों की उम्मीदों को झटका लगा. 10 दिन में तीसरी बार पेट्रोल-डीजल के दाम (petrol-diesel price) बढ़े. इसके ठीक बाद राजधानी दिल्ली में सीएनजी के दाम (cng price) में 1 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी होने से ग्राहकों की जेब को बड़ा झटका लगा है.
दिल्ली में बढ़ोतरी के बाद अब सीएनजी का नया रेट बढ़कर 81.09 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है. नई दरों के लागू होने के बाद से अब ऑटो, टैक्सी और गाड़ी से चलने वाले लोगों का सफर भी महंगा हो गया है. दस दिन के भीतर ही लोगों को बढ़ती महंगाई से जूझना पड़ रहा है, जिसका असर सीधा आम लोगों की जेब पर पड़ना तय है.
हर तरफ महंगाई ही महंगाई
आखिरी एक सप्ताह की बात करें तो आम नागरिकों के लिए आर्थिक रूप से नुकसान वाला रहा. पश्चिम एशिया में जारी गंभीर भू-राजनीतिक संकट के चलते वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति बुरी तरह ठप नजर आ रही है. इसकी वजह से भारत में 10 दिनों के अंदर तीन बार पेट्रोल-डीजल के रेट में बढ़ोतरी हुई है.
कुल मिलाकर अभी तक तीन बार करीब 5 दिन में पेट्रोल-डीजल प्रति लीटर महंगा हो चुका है. तेल कंपनियों ने पहले 16 मई, फिर 19 मई और आज 23 मई को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है. पेट्रोल-डीजल की इस आग में अब सीएनजी ने भी कदम रख दिया है, जिससे मध्यम वर्ग के पास अब कोई भी सस्ता ईंधन विकल्प नहीं बचा है.
अब बढ़ जाएगा सार्वजनिक वाहनों का किराया
सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी होने से अब इसका प्रभाव किराए के रूप में आम पब्लिक के ऊपर पड़ेगा. सार्वजनिक वाहनों का किराया बढ़ जाएगा. दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और मुंबई जैसे महानगरों में ऑटो, टैक्सी, कैब जैसी वाहनों से ही लोग अपना सफर तय क रते हैं. अब सीएनजी के रेट बढ़ चुके हैं, जहां अब किराया भी बढ़ेगा. इसका असर आम नागरिकों की जेब पर पड़ेगा.
वहीं, इसके अलावा, हल्के कमर्शियल वाहन जो शहरों के भीतर आवश्यक वस्तुओं जैसे सब्जियां, फल और दूध की सप्लाई करते हैं, वे भी बड़े पैमाने पर सीएनजी का उपयोग करते हैं. इनकी परिचालन लागत (रनिंग कॉस्ट) बढ़ने के कारण मंडियों से खुदरा बाजारों तक आने वाला सामान और महंगा होने की उम्मीद है. आगे अभी पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की कीमतें कितने रुपये बढ़ेंगी, अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी.
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