Government Schemes for Women: आज की महिलाएं सिर्फ घर संभालने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ऑफिस और व्यवसाय में भी सफल हो रही हैं। रोशनी नडार मल्होत्रा, फाल्गुनी नायर, विनीता सिंह और सावित्री जिंदल जैसी महिलाएं इसका उदाहरण हैं। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं। इन योजनाओं के तहत महिलाएं बिना गारंटी लोन लेकर अपना व्यवसाय शुरू कर सकती हैं और बड़े स्तर पर अपना कारोबार चला सकती हैं।
पीएम मुद्रा लोन योजना
पीएम मुद्रा लोन योजना के तहत महिलाओं को बिना गारंटी के 50,000 रुपये से लेकर 20 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है। यह लोन चार कैटेगरी में बांटा गया है – शिशु लोन, किशोर लोन, तरुण लोन और तरुण प्लस। इससे महिलाएं अपने व्यवसाय की शुरुआती पूंजी आसानी से जुटा सकती हैं। आवेदन अधिकारिक वेबसाइट https://www.mudra.org.in/ पर किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम
इस योजना का उद्देश्य स्वरोजगार को बढ़ावा देना है। यह क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी स्कीम है जिसमें प्रोजेक्ट लागत पर सरकार 15% से 35% तक सब्सिडी देती है। लोन की राशि 9.5 लाख से 50 लाख रुपये तक हो सकती है। आवेदन https://www.kviconline.gov.in पर किया जा सकता है।
लखपति दीदी योजना
यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और व्यवसाय की ट्रेनिंग देने के लिए चलाई जा रही है। इसके तहत महिलाएं 1 लाख से 5 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त लोन प्राप्त कर सकती हैं। आवेदन www.lakhpatididi.gov.in के माध्यम से किया जा सकता है।
स्टैंड अप इंडिया योजना
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं के लिए यह योजना 10 लाख से 1 करोड़ रुपये तक लोन देती है। लोन प्रोजेक्ट कॉस्ट का 85% तक होता है और 7 साल की अवधि में 18 महीने का मोरेटोरियम भी मिलता है। आवेदन https://www.standupmitra.in/ पर किया जा सकता है।
उद्योगिनी योजना
ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के लिए यह योजना 1 लाख से 3 लाख रुपये तक का कॉलेटरल फ्री लोन देती है। आवेदन www.myscheme.gov.in पर जाकर या बैंक में जाकर किया जा सकता है।
अन्नपूर्णा योजना
अन्नपूर्णा योजना की बात करें तो खान-पान से जुड़े छोटे व्यवसायों के लिए यह योजना 50,000 रुपये तक का लोन देती है। आवेदन www.myscheme.gov.in पर अन्नपूर्णा योजना सर्च करके या सरकारी बैंक के माध्यम से किया जा सकता है।
SHE Marts
SHE Marts प्लेटफॉर्म महिलाओं के उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने के लिए बनाया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे 2026 के बजट में घोषित किया था। यह मंच स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को उनके उत्पादों को बेचने का अवसर देगा।









