सोने-चांदी की चाल: कैसा रहा पूरे हफ्ते का परफॉर्मेंस?
भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) के बीच इस हफ्ते दोनों कीमती धातुओं ने शानदार बढ़त दर्ज की:
सोना (Gold): सोने ने इस हफ्ते ₹1,46,000 का हाई और ₹1,41,081 का लो (Low) बनाया। अंत में यह 1.56% की तेजी के साथ ₹1,43,106 के स्तर पर बंद हुआ। 24 जुलाई (शुक्रवार) को MCX पर 5 अगस्त वाला सोना ₹245 बढ़कर ₹1,42,821 पर बंद हुआ था। वहीं, दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में ₹2,000 की गिरावट देखी गई और यह ₹1,47,000 प्रति 10 ग्राम पर है।
चांदी (Silver): चांदी में भी जबरदस्त एक्शन दिखा। इसने ₹2,28,984 का हाई और ₹2,17,325 का लो टेस्ट किया। अंत में चांदी 2.65% के उछाल के साथ ₹2,22,138 के स्तर पर बंद हुई। शुक्रवार शाम 7 बजे करीब चांदी का दाम ₹6,974 बढ़कर ₹2,22,721 प्रति किलो हो गया।
इंटरनेशनल मार्केट: कॉमेक्स (Comex) पर सोना +0.14% बढ़कर $4,053 प्रति औंस पर बंद हुआ। IBJA के अनुसार 24 कैरेट सोना ₹1,42,757 प्रति 10 ग्राम है।
क्रूड ऑयल में आग और जियोपॉलिटिकल तनाव का असर
इस हफ्ते WTI क्रूड ऑयल की कीमतों में 10.55% का भारी उछाल आया और यह $91.65 प्रति बैरल पर पहुंच गया। इसके पीछे का कारण होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर में हुए हमलों और नाकेबंदी के कारण क्रूड ऑयल की सप्लाई बुरी तरह बाधित हुई है।
अनुज गुप्ता के मुताबिक, क्रूड ऑयल महंगा होने से महंगाई (Inflation) बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। इसके कारण ब्याज दरों (Interest Rates) में बढ़ोतरी की आशंका है, जिससे आने वाले समय में सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव देखने को मिल सकता है।
क्या निवेशकों ने इसे 'Safe Haven' माना?
एक्सपर्ट अनुज गुप्ता का कहना है कि मौजूदा तनाव के बावजूद, बाजार में सोने-चांदी के लिए आम निवेशकों की तरफ से वैसी 'सेफ हेवन' (Safe Haven) डिमांड नहीं देखी गई जैसी आमतौर पर युद्ध के समय होती है।
हालांकि, दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों (Central Banks) की लगातार हो रही खरीदारी ने कीमतों को निचले स्तरों पर सपोर्ट दिया है। चीन, रूस और भारत जैसे देशों ने पिछले कुछ महीनों में अपने गोल्ड रिजर्व में बढ़ोतरी की है, जिससे सोने को ₹1,41,000 के स्तर पर मजबूत सपोर्ट मिल रहा है।
सप्ताह के अंत में क्यों आई मुनाफावसूली?
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन में सोने और चांदी के ऊपरी स्तरों से मुनाफावसूली (Profit Booking) देखने को मिली। इसका मुख्य कारण अमेरिका से आया मजबूत आर्थिक डेटा था।
अमेरिका के सकारात्मक बेरोजगारी डेटा (Positive US Unemployment Data) के जारी होने और डॉलर इंडेक्स (Dollar Index) में आई मजबूती के कारण निवेशकों ने ऊपरी स्तरों पर अपना मुनाफा काटा। मजबूत डॉलर सोने-चांदी को कमजोर करता है, क्योंकि यह अमेरिकी डॉलर में निवेश को आकर्षक बनाता है।
अगले हफ्ते का आउटलुक: किन बातों पर रहेगी नजर?
अगले हफ्ते बाजार की दिशा पूरी तरह से अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) की बैठक पर निर्भर करेगी। अगर फेड ब्याज दरों में बढ़ोतरी का संकेत देता है, तो सोने और चांदी दोनों में बड़ा करेक्शन (गिरावट) देखने को मिल सकता है।
इसके अलावा, अमेरिका-ईरान तनाव में किसी भी नए घटनाक्रम का भी असर पड़ेगा। निवेशकों को FOMC मीटिंग के मिनट्स और अमेरिकी GDP डेटा पर भी नजर रखनी चाहिए।
सोने-चांदी के अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस
Gold (सोना):
मजबूत सपोर्ट: ₹1,41,000 / $4,000 और ₹1,38,000 / $3,940
रेजिस्टेंस (रुकावट): ₹1,45,000 / $4,150 और ₹1,47,000 / $4,300
Silver (चांदी):
मजबूत सपोर्ट: ₹2,16,000 / $56 और ₹2,10,000 / $54
रेजिस्टेंस (रुकावट): ₹2,26,000 / $60 और ₹2,32,000 / $62
निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए अनुज गुप्ता की स्ट्रैटेजी
मौजूदा अनिश्चितताओं को देखते हुए एक्सपर्ट अनुज गुप्ता की सलाह है कि ट्रेडर्स को बहुत ही संभलकर ट्रेड करना चाहिए। बाजार में सपोर्ट और रेजिस्टेंस के बीच ट्रेड करना सबसे सुरक्षित रहेगा। ट्रेडर्स के लिए इस वक्त "Sell on Rise" (उछाल पर बिकवाली करें) की रणनीति सबसे बेहतरीन साबित होगी। यानी जब भी कीमतें रेजिस्टेंस के करीब जाएं, वहां से बिकवाली करके मुनाफा कमाया जा सकता है।
लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए, मौजूदा गिरावट को खरीदारी के अवसर के रूप में देखा जा सकता है, लेकिन स्टॉप-लॉस का उपयोग करना न भूलें। केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता लंबी अवधि में सोने-चांदी को सपोर्ट दे सकती है।
Conclusion
20-24 July 2026 के सप्ताह में अमेरिका-ईरान तनाव, क्रूड ऑयल में 10% उछाल, और मजबूत अमेरिकी आर्थिक डेटा के बीच सोने-चांदी ने भारी उतार-चढ़ाव देखा । सोना 1.56% बढ़कर ₹1,43,106 और चांदी 2.65% चढ़कर ₹2,22,138 पर बंद हुई ।
अगले हफ्ते फेड की बैठक बाजार की दिशा तय करेगी — ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका से सोने-चांदी पर दबाव बन सकता है । एक्सपर्ट की सलाह है कि ट्रेडर्स "Sell on Rise" की रणनीति अपनाएं और सपोर्ट-रेजिस्टेंस के बीच ट्रेड करें। इस तरह की अन्य कमोडिटी मार्केट की जानकारियों, निवेश सलाह और बाजार विश्लेषण के लिए बने रहें timesbull.com पर।
Disclaimer: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए। कमोडिटी बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।
