भारत में लग्जरी लाइफ के लिए कितना पैसा काफी है?
आज के दौर में जैसे-जैसे महंगाई आसमान छू रही है, हर किसी के मन में बस एक ही सवाल घूमता है – आखिर इस देश में एक आम इंसान से खास बनने और बिना किसी टेंशन के अमीरों जैसी रॉयल लाइफ जीने के लिए कितने पैसों की जरूरत होती है? कोई सोचता है कि काश बैंक बैलेंस में कुछ लाख रुपये आ जाएं, तो कोई रातोंरात करोड़पति बनने के सपने देखता है । इसी सवाल पर राज शमानी के पॉडकास्ट में पर्सनल फाइनेंस एक्सपर्ट ने एक दिलचस्प आंकड़ा बताया , जो शायद आपके नजरिए को भी बदल दे।
₹50 करोड़: पर्सनल फाइनेंस एक्सपर्ट का जवाब
राज शमानी के पॉडकास्ट में आए कोटक ऑल्टरनेट एसेट मैनेजर्स लिमिटेड (Kotak Alternate Asset Managers Limited) के मैनेजिंग डायरेक्टर एस. श्रीनिवासन ने साफ कहा – भारत में करीब ₹50 करोड़ का कॉर्पस होने के बाद इंसान पूरी आजादी के साथ एक लग्जरी और 'Richie Rich' लाइफ जी सकता है । उनका कहना है कि इस रकम के बाद पैसे का नंबर ज्यादा मायने नहीं रखता । यानी, यह एक तरह से 'फाइनेंशियल फ्रीडम' का मंत्र है, जिसके बाद आपको कभी पैसों के बारे में सोचने की जरूरत नहीं पड़ती ।
₹50 करोड़ के बाद क्यों नहीं रहती पैसों की टेंशन?
एक्सपर्ट ने बताया कि अगर ₹50 करोड़ की रकम को कहीं सेफ जगह निवेश किया जाए और 6% सालाना रिटर्न आ जाए, तो हर साल करीब ₹3 करोड़ की पैसिव इनकम मिल सकती है । खास बात यह है कि इस दौरान आपका प्रिंसिपल अमाउंट भी सुरक्षित रहता है – यानी आप ₹50 करोड़ को छुए बिना सिर्फ उस पर मिलने वाले रिटर्न से गुजारा कर सकते हैं । पैसिव इनकम (जैसे ब्याज, डिविडेंड या किराया) वह पैसा है जो बिना दैनिक श्रम के मिलता है और आपकी मेहनत के बिना भी कमाता रहता है । इतनी सालाना इनकम एक शानदार लाइफस्टाइल के लिए काफी है, जिसमें आप घूमना-फिरना, अच्छी चीजें खरीदना और अपनी पसंद का जीवन बिना बजट की चिंता के जी सकते हैं।
रिटायरमेंट के लिए कितनी बड़ी रकम चाहिए?
इसी पॉडकास्ट में श्रीनिवासन ने यह भी कहा कि कई लोग रिटायरमेंट के लिए ₹20 करोड़ या ₹30 करोड़ जैसी बड़ी रकम का टारगेट बना लेते हैं, लेकिन वे यह भूल जाते हैं कि रिटायरमेंट के बाद भी उनकी जमा पूंजी निवेश में रहती है और उस पर लगातार रिटर्न मिलता रहता है । यानी पूरा खर्च सिर्फ जमा रकम से नहीं चलता, बल्कि निवेश से होने वाली कमाई भी साथ देती है । रिटायरमेंट प्लानिंग का असली गणित यह है कि आपको एक ऐसा कोष (कॉर्पस) बनाना है जो आपकी सालाना जरूरतों का 25-30 गुना हो , और उस कोष पर 4-6% की दर से निकासी (SWP) करते रहें तो पैसा कभी खत्म नहीं होता ।
केविन ओ'लेरी की 5 मिलियन डॉलर वाली बात
पॉडकास्ट में अमेरिका के मशहूर निवेशक और 'शार्क टैंक' के जज केविन ओ'लेरी का भी जिक्र हुआ। उन्होंने कहा था कि दुनिया के किसी भी देश में आर्थिक रूप से बेफिक्र रहने के लिए करीब 5 मिलियन डॉलर (करीब ₹41.5 करोड़) पर्याप्त माने जा सकते हैं । जब भारत का आंकड़ा पूछा गया, तो श्रीनिवासन ने फिर से ₹50 करोड़ को अपनी पसंद बताया। यह आंकड़ा भारत में रहने के खर्च, महंगाई और एक 'लग्जरी' लाइफस्टाइल के लिए जरूरी बफर को ध्यान में रखकर तय किया गया है, जिसमें अच्छी गाड़ियाँ, बढ़िया घर, प्रीमियम ट्रैवल और बिना किसी आर्थिक चिंता के जीवन शामिल है ।
पैसिव इनकम से बिना टेंशन के लग्जरी लाइफस्टाइल
श्रीनिवासन के मुताबिक, अगर आपके पास ₹50 करोड़ का फंड है और वह सही तरीके से निवेश किया गया है, तो मिलने वाली पैसिव इनकम से आप घूमने-फिरने, लग्जरी लाइफस्टाइल और अपनी पसंद की चीजों का आनंद बिना पैसों की चिंता के उठा सकते हैं । लग्जरी लाइफस्टाइल का मतलब है बेहतरीन सुविधाओं, खास अनुभवों और बेहद प्रीमियम चीजों से भरा जीवन – जैसे बड़ा घर, महंगी गाड़ियाँ, प्राइवेट जेट, दुनिया भर की यात्राएँ और बेस्ट क्वालिटी की हर चीज़ । उनका कहना है कि ₹50 करोड़ के बाद पैसे का नंबर उतना मायने नहीं रखता, जितना उस पैसे का सही इस्तेमाल और निवेश । यही वो जादुई आंकड़ा है, जो आपको भारत में 'बेफिक्र अमीर' बना सकता है।
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