Employee Pension Scheme 2026: क्या बदला और क्या नहीं?
सरकार ने 29 जून 2026 से कर्मचारी पेंशन योजना (EPS), 2026 लागू कर दी है, जो EPS-1995 और EPS-1971 की जगह लेगी। यह नई योजना सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत आती है। पेंशन की गणना, न्यूनतम पेंशन ₹1,000, और 10 साल की सेवा का नियम पहले जैसा ही है । मुख्य बदलावों में 20 दिनों में क्लेम निपटान, देरी पर 12% वार्षिक ब्याज और हायर पेंशन को योजना में औपचारिक रूप से शामिल करना शामिल है ।
10 साल की नौकरी क्यों है जरूरी?
EPS के तहत नियमित मासिक पेंशन पाने के लिए कम से कम 10 साल की पेंशन योग्य सेवा पूरी करना अनिवार्य है । अगर आप 10 साल से पहले नौकरी छोड़ते हैं तो आपको दो विकल्प मिलते हैं – या तो विथड्रॉल बेनिफिट (जमा राशि निकालना) लें या स्कीम सर्टिफिकेट लें, जिससे भविष्य में नई नौकरी में सेवा जोड़ी जा सके । 10 साल पूरे होने पर आप 58 साल की उम्र में पूरी पेंशन या 50 साल की उम्र से अर्ली (कम) पेंशन ले सकते हैं । अर्ली पेंशन पर हर साल 4% की कटौती होती है ।
मासिक पेंशन कैसे तय होती है? पूरा फॉर्मूला
EPFO मासिक पेंशन की गणना इस तय फॉर्मूले के आधार पर करता है :
मासिक पेंशन = (पेंशन योग्य वेतन × पेंशन योग्य सेवा) ÷ 70
यहां पेंशन योग्य वेतन का मतलब आपके आखिरी 60 महीनों के औसत मूल वेतन और महंगाई भत्ते (DA) से है । पेंशन योग्य सेवा आपके कुल योग्य सेवा वर्षों को दर्शाती है ।
₹10,000 और ₹20,000 सैलरी पर कितनी मिलेगी पेंशन?
अगर आपकी पेंशन योग्य सैलरी ₹10,000 है, तो 10 साल की सेवा पर लगभग ₹1,428 मासिक पेंशन मिलती है, जबकि 20 साल पर यह बढ़कर ₹2,857 हो जाती है और 35 साल की पूरी सेवा पर ₹5,000 मासिक पेंशन मिल सकती है । वहीं अगर आपकी पेंशन योग्य सैलरी ₹20,000 है, तो 10 साल की सेवा पर लगभग ₹2,857, 20 साल पर ₹5,714 और 35 साल की पूरी सेवा पर ₹10,000 मासिक पेंशन मिल सकती है । न्यूनतम पेंशन ₹1,000 प्रति माह जारी है, जो 1 सितंबर 2014 से लागू है ।
नई EPS 2026 में क्या बदलाव हुए हैं?
20 दिनों में क्लेम निपटान: EPFO को अब 20 दिनों के भीतर पेंशन क्लेम का निपटारा करना अनिवार्य है । देरी पर 12% ब्याज: अगर क्लेम में बिना वैध कारण के देरी होती है, तो 12% वार्षिक ब्याज देय होगा । हायर पेंशन: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हायर पेंशन का विकल्प अब योजना में औपचारिक रूप से शामिल कर दिया गया है । सरकारी अंशदान पर रिटर्न: 1 अप्रैल 2026 से सरकार के अंशदान पर कम से कम 8.5% रिटर्न गारंटीड है ।
नौकरी बदलते समय किन बातों का रखें ध्यान?
UAN के जरिए ट्रांसफर जरूर कराएं: नौकरी बदलने पर अपना EPF और EPS अकाउंट UAN (Universal Account Number) के जरिए ट्रांसफर करना न भूलें । UAN जीवन भर एक ही रहता है और सभी PF अकाउंट को जोड़ता है ।
बीच में EPS राशि न निकालें: अगर आप 10 साल पूरे होने से पहले EPS की राशि निकाल लेते हैं, तो आपकी पेंशन योग्य सेवा प्रभावित हो सकती है । स्कीम सर्टिफिकेट का लाभ: अगर आप 10 साल से कम नौकरी छोड़ते हैं, तो स्कीम सर्टिफिकेट लें – इससे नई नौकरी में पिछली पेंशन सेवा जुड़ सकती है ।
निष्कर्ष
EPS 2026 में 10 साल की सेवा का नियम और पेंशन गणना का फॉर्मूला पहले जैसा ही है । अगर आप 10 साल पूरे करते हैं, तो ₹10,000 सैलरी पर ₹1,428 से लेकर ₹20,000 सैलरी पर ₹10,000 तक की मासिक पेंशन मिल सकती है ।
न्यूनतम पेंशन ₹1,000 प्रति माह जारी है । नई योजना में क्लेम निपटान 20 दिनों में, देरी पर 12% ब्याज और हायर पेंशन जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं । नौकरी बदलने पर UAN के जरिए ट्रांसफर कराना न भूलें और 10 साल पूरे होने से पहले EPS राशि न निकालें । सरकारी योजनाओं, पेंशन और कर्मचारी कल्याण से जुड़ी ऐसी ही महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए timesbull.com पर बने रहें ।
