Cancelled Train Ticket Refund Process: ट्रेन रद्द होने पर क्या करें?
भारतीय रेलवे से यात्रा करते समय कई बार कुछ कारणों या खराब मौसम की वजह से ट्रेन रद्द कर दी जाती है । ऐसे में यात्रियों को परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि रेलवे नियमों के मुताबिक ट्रेन कैंसिल होने पर यात्रियों के टिकट का पूरा पैसा रिफंड कर दिया जाता है । हालांकि, अक्सर यात्री इस बात को लेकर असमंजस में रहते हैं कि उनका पैसा उन्हें कैसे और कब वापस मिलेगा । दरअसल, रिफंड की यह प्रक्रिया इस बात पर तय होती है कि आपका टिकट ऑनलाइन बुक हुआ था या ऑफलाइन (रेलवे टिकट काउंटर से) ।
ऑनलाइन टिकट (IRCTC) का रिफंड – ऑटोमैटिक और आसान
यदि आपने IRCTC की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए ई-टिकट बुक किया था, तो रिफंड की प्रक्रिया बेहद आसान और पूरी तरह से ऑटोमैटिक होती है । यदि रेलवे खुद ट्रेन को कैंसिल करता है, तो आपको अपनी तरफ से टिकट कैंसिल करने या IRCTC पोर्टल पर जाकर TDR (Ticket Deposit Receipt) फाइल करने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है – सिस्टम इसे अपने आप प्रोसेस करता है । सबसे जरूरी बात यह है कि ट्रेन रद्द होने की आधिकारिक घोषणा के बाद खुद से टिकट को मैनुअली कैंसिल करने की गलती न करें – अगर आप खुद कैंसिल बटन दबाते हैं, तो सिस्टम से सामान्य कैंसिलेशन चार्ज कट सकता है । ऑटोमैटिक रिफंड में कैंसिलेशन चार्ज नहीं कटता और पूरा मूल किराया (सॉफ्टवेयर, कन्वीनियंस शुल्क और लागू टैक्स को छोड़कर) वापस मिलता है ।
ऑनलाइन टिकट का रिफंड कितने दिन में आता है?
रेलवे के सिस्टम के जरिए आपका टिकट अपने आप रद्द कर दिया जाता है और इसके बाद पूरा मूल किराया 3 से 7 कार्य दिवसों (Working Days) के भीतर उसी बैंक खाते, क्रेडिट/डेबिट कार्ड या वॉलेट में वापस आ जाता है, जिससे आपने बुकिंग के वक्त पेमेंट किया था । अगर पैसा 7 कार्य दिवसों से ज्यादा देरी से आता है, तो आप आधिकारिक रेलवे रिफंड वेबसाइट या IRCTC हेल्पडेस्क पर अपने PNR नंबर के जरिए रिफंड का लाइव स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं ।
काउंटर टिकट (PRS) का रिफंड – ये है सही तरीका
यदि आपने रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर पर जाकर पारंपरिक रूप से पर्ची भरकर टिकट खरीदा था, तो इसके नियम थोड़े अलग हैं । काउंटर टिकट का रिफंड कभी भी स्वचालित रूप से (Auto Refund) नहीं मिलता है – इसका पैसा वापस पाने के लिए आपको किसी भी नजदीकी कम्प्यूटरीकृत रेलवे आरक्षण काउंटर (Computerized PRS Counter) पर खुद जाना होगा । रेलवे नियमों के अनुसार, ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय (Scheduled Departure Time) से 3 दिनों (72 घंटों) के भीतर आपको काउंटर पर जाकर अपना मूल (Original) टिकट जमा या सरेंडर करना होता है । काउंटर पर अपना मूल टिकट सौंपने और विवरण सत्यापित होने के बाद, रेलवे अधिकारी आपको बिना किसी क्लर्क या कैंसिलेशन चार्ज की कटौती के पूरा रिफंड तुरंत नकद (Cash) वापस कर देंगे । अगर आप यह अवधि (72 घंटे) गुजार देते हैं, तो आपको रिफंड नहीं मिल पाता है ।
ट्रेन लेट होने पर भी मिलता है रिफंड?
ट्रेन रद्द होने के अलावा, अगर आपकी ट्रेन 3 घंटे से ज्यादा लेट है, तब भी आप अपना टिकट बिना किसी चार्ज के कैंसिल करा सकते हैं । अगर रेलवे ने ट्रेन रद्द नहीं की है, लेकिन वह अपने शुरुआती स्टेशन से 3 घंटे से अधिक लेट है और आप उस ट्रेन से यात्रा नहीं करना चाहते हैं, तो ऑनलाइन टिकट धारकों को ट्रेन के रवाना होने से पहले IRCTC पोर्टल पर TDR (Ticket Deposit Receipt) फाइल करना होगा । TDR फाइल करने के बाद टिकट कैंसिल नहीं होता, बल्कि उसे 'जमा' (Deposit) कर दिया जाता है और इसके बाद रिफंड प्रक्रिया शुरू होती है । वहीं, काउंटर टिकट वाले यात्री इसे सीधे रिफंड काउंटर पर जाकर कैंसिल करा सकते हैं – बिना किसी कटौती के पूरा पैसा वापस मिलता है ।
निष्कर्ष
ट्रेन रद्द होना किसी भी यात्री के लिए एक निराशाजनक अनुभव हो सकता है, लेकिन रेलवे के नियम यात्रियों के हित में हैं और पूरा रिफंड सुनिश्चित करते हैं । अगर आपका टिकट ऑनलाइन है, तो 3-7 दिनों में ऑटोमैटिक रिफंड आ जाएगा और आपको कुछ नहीं करना है । अगर टिकट काउंटर से है, तो 72 घंटों के भीतर PRS काउंटर पर मूल टिकट जमा करें और तुरंत नकद रिफंड पाएं । बस ध्यान रखें – ट्रेन रद्द होने पर खुद से टिकट कैंसिल न करें और ट्रेन लेट होने पर TDR फाइल करना न भूलें । रेलवे यात्रा और रिफंड नियमों की ऐसी ही महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए timesbull.com पर बने रहें ।
