नई दिल्ली: कोरोना के बाद से देखा जाए तो लोगों को आर्थिक स्तर पर कई प्रकार की चुनौतियां देखने को मिलना शुरु हो गई है। ऐसे में कई ऐसे लोग भी मौजूद हैं जिन्हें दो वक्त की रोटी भी ठीक से नसीब नहीं होता है।

ऐसे ही लोगों के लिए सरकार की ओर से देखा जाए तो फ्री राशन (free ration)की स्कीम का फायदा ले सकते हैं। वहीं सरकार की ओर से फ्री राशन (free ration) की स्कीम की डेडलाइन को बढ़ाने का ऐलान होने जा रहा है।

मोदी सरकार की तरफ से बात करें तो इस साल मार्च के महीने में फ्री राशन (free ration) स्कीम की डेडलाइन को बढ़ाने का ऐलान किया गया था। 80,000 करोड़ रुपये की लागत से बात करें तो गरीबों को 5 किलो अनाज मुफ्त में छह महीने के लिए सरकार की ओर से मिलने जा रहा है।

पहले इस स्कीम की आखिरी तारीख 31 मार्च 2022 पहुंच गई थी। हालांकि मार्च के महीने में ही इसे 30 सितंबर 2022 तक बढ़ाया जा चुका है। इसके साथ ही गरीब तबके के लोग इस स्कीम का फायदा इस साल सितंबर महीने तक ले सकते हैं।

इतना हो जाता है खर्च

COVID-19 की वजह से गरीब लोगों को सहायता प्रदान करने को लेकर देखा जाए तो सरकार की ओर से फ्री राशन (free ration)की स्कीम को लेकर शुरुआत हो गई थी।

वहीं पिछले दो वर्षों में इस योजना के तहत पहले ही लगभग 2.6 लाख करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है और मार्च में इस योजना को छह महीने के लिए बढ़ाया जा चुका है। इसके कारण इस योजना में और 80,000 करोड़ रुपये खर्च होना शुरु हो जाता है।

मार्च 2020 में केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत कवर किए गए 80 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलो अनाज मुफ्त प्रदान करने को लेकर देखा जाए तो प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PM-GKAY) की शुरुआत हो चुकी है।

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