नई दिल्ली: अगर आपका कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) में पीएफ (PPF) खाता है तो यह खबर आपके लिए खास है। दरअसल PPF खाताधारकों को 7 लाख रुपये का बीमा कवर फायदा मिलता है। इसके लिए कर्मचारियों को अलग से कोई पेमेंट नहीं करनी होती है। इसका फायदा कर्मचारी के परिवार को भी मिलता है। जाहिर है कि इससे करोड़ों कर्मचारियों को फायदा होता है।

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बता दें कि अगरअगर आपका कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) में पीएफ (PPF) खाता है तो बिना कुछ किए 7 लाख रुपये का फायदा होता है। यह बीमा कवर की सुविधा एम्प्लॉई डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस स्कीम (EDLI) के तहत दी जाती है। वहीं सिर्फ सरकारी कर्मचारी को ही नहीं बल्कि प्राइवेट कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी 7 लाख रुपये तक के बीमा कवर का फायदा दिया जाता है।

कब मिलता है 7 लाख रुपये

इस बीमा कवर का फायदा कर्मचारी की बीमारी, दुर्घटना या प्राकृतिक मौत आदि परिस्थितियों में नामांकित व्यक्ति की तरफ से ईडीएलआई योजना का दावा किया जा सकता है। अब यह फायदा उन कर्मचारियों को भी मिलता है, जिन्होंने मौत के पहले 12 महीनों के अंदर एक से ज्यादा प्रतिष्ठानों में काम किया हो।

आपको कोई भुगतान या निवेश नहीं करना

बता दें कि कर्मचारी को EDLI Scheme में कोई भुगतान नहीं करना होता है। अगर योजना में नामांकन नहीं हुआ है, तो मृतक कर्मचारी की पत्नी, अविवाहित पुत्रियों और नाबालिग पुत्रों को लाभार्थी के रूप में समझा जाएगा। अगर दावा करने वाला 18 साल से कम है तो उसकी तरफ से अभिभावक दावा कर सकतेहैं

हैं।

जरूरी डाक्यूमेंट्स

पीएफ (PPF) खाता खाता से यह रकम निकालने के लिए नियोक्ता के पास जमा किए वाले फॉर्म के साथ बीमा कवर का फॉर्म-5 आईएफ देना होगा। नियोक्ता   फॉर्म को वेरिफाई करेगा। अगर नियोक्ता उस समय मौजूद नहीं है, तो फॉर्म को किसी भी राजपत्रित अधिकारी, मजिस्ट्रेट, ग्राम पंचायत के अध्यक्ष, अध्यक्ष/सचिव/नगरपालिका या जिला स्थानीय बोर्ड के सदस्य, पोस्टमास्टर या सब पोस्टमास्टर के द्वारा वेरिफाई करवाया का सकता है।

ई-नॉमिनेशन की सुविधा कर दी गई

EPFO ने नॉमिनी की जानकारी देने के लिए ई-नॉमिनेशन की सुविधा शुरू कर दी है। इसमें जो लोग नामांकित नहीं हैं, वो अपना नामांकन करवा सकते हैं। इसके बाद नॉमिनी का नाम, जन्म तिथि जैसी जानकारी ऑनलाइन अपडेट कर दी जाएगी।

ईडीएलआई योजना ( EDLI Scheme) की बारे में…

जो कर्मचारी ईपीएफ के सदस्य हैं वह अपने आप ही ईडीएलआई के लिए पात्र हो जाते हैं।

इसमें बीमा कवर काम के घंटों या गैर-काम के घंटों के दौरान हुई मौत पर ध्यान दिए बिना मिलता है।

यह कर्मचारी की मौत को कवर करता है, मौत का कारण चाहे कुछ भी हो।

कवरेज और प्रीमियम पूरी तरह से सैलरी पर आधारित होगा, उम्र या लिंग पर नहीं।

पहले नियम था ईडीएलआई के लिए पात्र होने के लिए एक साल पूरा करना होता था, लेकिन अब इसे हटा दिया गया है। अब पहले दिन से ही कवर का लाभ दिया जाता है।

इस बीमा योजना के लिए कोई आयु सीमा नहीं है।

इसमें नॉमिनी जोड़ने के लिए अलग से कुछ नहीं करना होगा। आपका ईपीएफ ही नामांकन माना जाता है।

अगर आप नौकरी बदल देते हैं और  ईडीएलआई योजना के तहत आने वाले किसी दूसरे नियोक्ता के लिए काम करते हैं तो भी एक साल पूरा करने से पहले कवर का लाभ मिलने लगता है। पहले के नियम में एक प्रतिष्ठान 1 साल यानी 12 महीने काम करना होता था।

मिलेगा 7 Lakh रुपये का ईपीएफ जीवन बीमा

इसमें कुछ बदलाव हुए जिसके बाद 2.5 लाख रुपये से लेकर 7 लाख रुपये तक का जीवन बीमा मिलने लगा है। इसमें कर्मचारी को कोई भुगतान नहीं करना होता है। सिर्फ नियोक्ता ही इसमें भुगतान करता है। इसमें नियोक्ता 15,000 रुपये का 0.5% या अधिकतम 75 रुपये प्रति माह है (आपके वास्तविक मूल + डीए के आधार पर)।


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