नई दिल्ली: 7th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खास खबर है। दरअसल सरकारी कर्मचारियों की सैलरी को लेकर नया अपडेट आया है। अब इनकी सैलरी में इजाफा वेतन आयोग के अनुसार नहीं होगा बल्कि इसके लिए सरकार एक नया फार्मूला लाने पर विचार कर रही है।

जानकारी के मुताबिक सरकार अगला वेतन आयोग (8th Pay Commission) नहीं ला सकती है। अब सरकार फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) के जरिए बढ़ने वाली सैलरी के बजाय नए फॉर्मूले से बेसिक सैलरी बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है।

हालांकि सरकार की तरफ से इस फॉर्मूले को लेकर को आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। लेकिन उम्मीद की जा रही है कि नया फॉर्मूला 2024 के बाद लागू हो सकता है। सूत्रों के अनुसार अब केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी हर साल नए फॉर्मूले से तय होगी।

क्या है ये फॉर्मूला?

अब सरकार कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने के ल‍िए Aykroyd फॉर्मूला पर विचार कर सकती है। हालांकि अभी फिटमेंट फैक्टर के आधार पर सरकारी कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी (Minimum Basic Salary) तय होती है। इसमें साल में दो बार जनवरी और जुलाई में महंगाई भत्ता (Dearness allowance) रिवाइज होता है। लेकिन बेसिक सैलरी पहले की तरह ही रहती है, यानी बेसिक सैलरी में कोई बदलाव नहीं होता है।

अब अगर नया फॉर्मूला लागू हुआ तो वेतन को महंगाई (Inflation rate), कॉस्ट ऑफ लिविंग और कर्मचारी की परफॉर्मेंस (Performance) से जोड़ा जाएगा। यानी जिस तरह से प्राइवेट सेक्टर में सैलरी में इजाफा किया जाता है वैसे ही सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में इजाफा किया जाएगा।

नए फॉर्मूला लाना क्यों जरूरी:

दरअसल नए फॉर्मूले (Aykroyd Formula) को लाने का मकसद कर्मचारियों के रहन-सहन को बेहतर बनाना है। कर्मचारियों की सैलरी में उनके रहन सहन को देखते इजाफा करना अच्छा विकल्प है। बढ़ती महंगाई के दौर में कर्मचारियों को इस हिसाब से सैलरी देना जरूरी है।

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