Jyotirlinga:- हिंदू धर्म में भगवान शिव को मोक्ष के देवता के रूप में जाना जाता है। भगवान भोलेनाथ की देश के अलग – अलग राज्यों में  12 ज्योतिर्लिंग हैं. कहा जाता है कि  इन ज्योतिर्लिंगों में महादेव ज्योतिष स्वरूप विराजमान है. शास्त्रों में कहा गया है कि 12 ज्योतिर्लिंग का हिंदुस्तान की सभयता में वो स्थान है जिनके केवल एक मात्र दर्शन से ही  मोक्ष प्राप्त कर सकते हैं. कहा जाता है कि जहां-जहां ज्योतिर्लिंग हैं, वहां भगवान शिव ने स्वयं दर्शन दिए हैं और वहां एक ज्योति के रूप में उत्पन्न हुए थे। अगर जागृत ज्योतिर्लिंग की बात करें तो महाकाल का ज्योतिर्लिंग बहुत ही खास है.

उनके आगे से आज भी कोई दूल्हा घोड़ी से नहीं जाता है वो सोमनाथ ज्योतिर्लिंग बहुत खास है. रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग की बात करें तो रामेश्वरम वो जगह है जिसे ज्योतिर्लिंग के लिए भी पूजा जाता है और उसको धाम भी माना जाता है. ऐसा कहा जाता है कि जब भगवान राम ने भगवान शिव की ज्योतिर्लिंग के रूप में पूजा की थी तब इसकी पूजा करने खुद रावण आया था और रावण के साथ माता सीता भी आई थी.

हिन्दू धर्म में यह भी कहा जाता है जब तक आप 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन नहीं कर लेते हैं आपका जीवन पूर्ण नहीं हो सकता। तो आइए जानते हैं 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने के क्या-क्या महत्व होते हैं.

केदारनाथ : कहते हैं कि केदारनाथ के दर्शन करने से आपको मोक्ष प्राप्त होता है. केदारनाथ धाम में बाबा के दर्शन करते हैं तो आपको निश्चित रूप से मुक्ति मिलेगी.

महाकालेश्वर : बाबा महाकाल के दर्शन करने से आपको मृत्यु और भय से मुक्ति मिलती है और आपको जीवन में कभी डर नहीं लगता है. यहां एकमात्र दर्शन करने से सभी प्रकार के डर समाप्त हो जाएंगे.

काशी विश्वनाथ :  आपको वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ धाम में भोलेनाथ के दर्शन करने से पाप और कर्म से मुक्ति मिल जाती है.

बैजनाथ : यदि लंबे समय से किसी बीमारी से जूझ रहे हैं, तो आप बैजनाथ धाम में बाबा के दर्शन करने से ठीक हो जायेंगे। इससे अति शीघ्र आपको रोग से लाभ होगा.

त्रंबकेश्वर : यदि आपकी कोई मनोकामना है या आप अपने जीवन में सन्तान चाहते हैं तो आपको त्रंबकेश्वर में महादेव के ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने चाहिए. सच्चे मन से बाबा के दर्शन करने से आपकी सभी इच्छाएं पूरी हो जाएंगी।

सोमनाथ : धन और शांति की प्राप्ति की कामना के लिए आप सोमनाथ में बाबा के दर्शन करने चाहिए।. सच्ची श्रद्धा से प्रार्थना करने से बाबा आपकी झोली धन से भर देंगे और आपके जीवन में केवल खुशहाली ही रहेगी।

घृष्णेश्वर : जीवन में लोगों को तमाम तरह की समस्याएं आती हैं. उनसे मुक्ति के लिए और समृद्धि की कामना करते हुए आपको बाबा के दर्शन करने चाहिए।

रामेश्वरम : मृत्यु के उपरांत स्वर्ग की इच्छा वाले लोगों को रामेश्वरम में भगवान के दर्शन करने चाहिए. ऐसा जहा जाता है कि रामेश्वरम में दर्शन करने से स्वर्ग की प्राप्ति होती है.

मल्लिकार्जुन : व्यक्ति अपने जीवन में अनेकों कर्म और कुकर्म करता है. मल्लिकार्जुन में महादेव के दर्शन करने से उसके अनेकों बुरे स्वरूपों से मुक्ति मिल जाती है.

भीमाशंकर : जीवन में कोई नया काम और कोई उपलब्धि पाने से पहले भीमाशंकर में भोलेनाथ के दर्शन करें। मान्यता है कि भीमाशंकर में दर्शन करने से आपको जीवन के हर क्षेत्र में सफलता मिलेगी।

ओंकारेश्वर : मन और आत्मा की शांति के लिए ओंकारेश्वर जाएँ। इस ज्योतिर्लिंग में दर्शन करने से जीवन में सुख शांति की प्राप्ति होती है.

नागेश्वर : इस ज्योतिर्लिंग में दर्शन करने से व्यक्ति के सभी प्रकार के (कायिक, वाचिक औऱ मानसिक) पाप नष्ट हो जाते हैं.

ज्योतिर्लिंग और शिवलिंग में अंतर

आपको भारत में हर गली में शिवजी का एक मंदिर मिल जाएगा। शिवजी के मंदिर में शिवलिंग की पूजा की जाती है. देशभर में कई प्राचीन शिवलिंग है, कुछ स्वयंभू हैं तो कुछ मानव द्वारा निर्मित हैं। ज्यादातर लोगों को शिवलिंग और ज्योतिर्लिंग के बीच का अंतर नहीं पता है। शिवलिंग आपको देश के हर राज्य और हर इलाके में मिल जाएंगे, लेकिन ज्योतिर्लिंग सिर्फ 12 हैं। शिवलिंग भगवान शिव और माता पार्वती के आदि-अनादि एकल रुप है।

शिवलिंग पुरुष और प्रकृति की समानता का प्रतीक है. शिवलिंग मानव द्वारा स्थापित किए गए हैं। इनमें से कुछ शिवलिंग मानव द्वारा निर्मित हैं, तो कुछ स्वयंभू हैं और फिर उनको मंदिरों में स्थापित किया गया है.

ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के स्वयंभू का अवतार है। ज्योतिर्लिंग का अर्थ है भगवान शिव का ज्योति के रूप में प्रकट हुए थे. ज्योतिर्लिंग केवल 12 हैं और ये सभी भारत में स्थित हैं। कहा जाता है कि जहां-जहां ज्योतिर्लिंग हैं, वहां भगवान शिव ने स्वयं दर्शन दिए हैं और वहां एक ज्योति के रूप में उत्पन्न हुए थे।