बिटकॉइन प्राइस बढ़ने के कारण

क्या आपको पता है, आजकल सब जगह केवल बिटकॉइन ही चर्चा का विषय क्यों बना है? क्या आपको पता है कि क्यों अचानक सभी “बिटकॉइन प्राइस” के बारे में बात करने लगे हैं।

आखिर इन सब का कारण क्या है? अगर आपको नहीं पता तो कोई बात नहीं, मैं आपको बताता हूँ। इसका सीधा सा एक मात्र कारण है बिटकॉइन प्राइस का अचानक से जरुरत से ज्यादा बढ़ जाना।

वैसे तो क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में 850+ से भी ज्यादा cryptocurrencie available हैं लेकिन प्राइस और demand की बात करें तो बिटकॉइन top पर है और बिटकॉइन प्राइस लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं।

बिटकॉइन प्राइस हिस्ट्री ग्राफ में देखिये: जनवरी 2009 में जब यह launch हुआ था तो इसकी प्राइस कीमत लगभग Zero यानि कि 0.001$ थी।

2012 में पहली बार इसकी कीमत 1$ से उपर गयी और सीधा 840$ हुयी लेकिन उसके बाद भी अगले 5 years तक यह छोटे-मोटे उतार चढाव के साथ 950$ तक ही पहुँच पाया।

लेकिन, 2017 में अचानक ही इसकी कीमत बढ़कर लगभग 13000$ से भी ऊपर चली गयी और यहीं से यह सबकी नजरों में आ गया।

अब सवाल ये उठता है कि इस एक साल में ऐसा क्या हुआ जो बिटकॉइन प्राइस अचानक से बढ़ गये? आपके इन्ही सारे सवालों के जवाब आपको इस article में मिलने वाले हैं क्योंकि मैं आपको बिटकॉइन प्राइस से जुडी 10 ऐसी बातें बताने जा रहा हूँ जिन्होंने इसे most demanding क्रिप्टोकरेंसी बना दिया। तो चलिए शुरू करते है:

2017 में बिटकॉइन प्राइस बढ़ने के 10 कारण:

इसकी एडवांस टेक्नोलॉजी (ब्लाक-चैन):

Low Cost & Highly Secure Digital Transaction System: बिटकॉइन transaction system की खास बात ये है कि इसमें transaction fee only 2.5 रूपये है जो कि हमारी real करेंसी के मुकाबले बहुत ही कम है साथ ही यह fully secured पेमेंट सिस्टम भी है। अतः यही कारण है कि दूसरे contories में काम करने वाले ज्यादातर लोगों ने अपने देश में payment transfer करने के लिए इसे best option के रूप में लिया।

Decentralized पेमेंट सिस्टम: जैसा कि आप जानते ही होंगे कि क्रिप्टोकरेंसी decentralized होती है, इसे कोई भी बैंक या government agencies ना तो कंट्रोल कर सकती है और ना monitor कर सकती है। और क्रिप्टोकरेंसी के इन्ही सारे advantages का फायदा उठाते हुए कई black money लेन-देन करने वाले लोगों ने इसे एक secure way में उपयोग किया और यहाँ से बिटकॉइन प्राइस और demand दोनों में increment आया।

Fully Encrypted टेक्नोलॉजी: चूंकि, बिटकॉइन ब्लाक-चैन टेक्नोलॉजी पर काम करता है जो कि fully encrypted बनाती है। इसका मतलब, किन्ही भी दो लोगों के बीच होने वाले लेन-देन से जुडी कोई भी जानकारी किसी भी 3rd person को नहीं होती है। यही कारण है कि illeagle कामों से जुड़े कई लोगों ने इसका फायदा उठाना start कर दिया है।

Political Factors:

अमेरिका और उत्तर कोरिया युद्ध की ख़बरें: अगर आप न्यूज़ देखते होंगें तो आपको ये पता ही होगा कि पिछले पूरे साल भर सभी न्यूज़ channels और न्यूज़ papers में यही संभावनाएं जताई जा रही थी कि अमेरिका और south korea के बीच कभी भी war हो सकती है।

चूंकि, किसी भी worldwide echonomical degaster (आर्थिक संकट) के समय क्रिप्टोकरेंसी एक सबसे अच्छा option है इसके effect से खुद को safe रखने का। अतः बहुत से लोगों ने बिटकॉइन में invest करना बेहतर समझा और बिटकॉइन प्राइस बढ़ाने में अपना contribution दिया।

भारत में Demonatization (नोटबंदी): दिसम्बर 2016 में भारत में नोटबंदी के रूप में हुआ demonatization बिटकॉइन प्राइस बढ़ने का एक सबसे बड़ा कारण था। नोटबंदी के चलते कई लोगों को अपना सारा black money ख़त्म करना पड़ा लेकिन कई सारे ऐसे भी थे जिन्होंने बिटकॉइन की encrypted technique को उपयोग करते हुए इसे अपने लिए एक option के रूप में उपयोग किया।

विभिन्न देशों द्वारा बिटकॉइन पालिसी में बदलाव:

Japan जैसे देशों द्वारा बिटकॉइन accept करना: जिन देशों में बिटकॉइन illegale करेंसी है वहां के लोग कोशिश करते हैं कि इसका उपयोग कम से कम ही किया जाये। लेकिन, जब जापान, भारत और अन्य कुछ देशों ने इसे leagle पेमेंट सिस्टम घोषित किया तो यहाँ से बिटकॉइन प्राइस (बिटकॉइन प्राइस) को बढ़ने का एक और कारण मिल गया।

ऑस्ट्रेलिया द्वारा GST rate घटा देना: 2017 में ऑस्ट्रेलिया ने सभी cryptocurrencies पर लगाया गया double GST (10%) हटा दिया और यहाँ से भी बिटकॉइन के लिए एक नयी opportunity पैदा हो गयी।

Chaina द्वारा बिटकॉइन withdrowl को मंजूरी मिलना: Chaina जैसी बड़ी population वाले देश में बिटकॉइन के withdrowl का leagel ना होने के कारण लोग बिटकॉइन का उपयोग करने से बचते थे लेकिन 2017 में ही Chaina ने इसे कानूनी मंजूरी दे दी जिससे Chaina में बिटकॉइन का उपयोग करने वालों की संख्या में increment हुआ।
Other कारण:

बिटकॉइन का Limited संख्या में होना: जैसा कि मैंने पिछले article में बताया था कि बिटकॉइन digital पेमेंट सिस्टम का future है परन्तु यह एक limited संख्या (2 करोड़ 10 लाख) में ही available हैं। जिसमें से कि, लगभग 1 करोड़ 70 लाख बिटकॉइन क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में already आ चुके हैं और सिर्फ 40 लाख बिटकॉइन ही शेष बचे हैं।

इससे लोगों में बिटकॉइन खरीदने की होड़ सी पैदा हो गयी जो कि एक और कारण था बिटकॉइन प्राइस बढ़ने का।

बिटकॉइन Trading: ऊपर बताये सभी कारणों ने अपने-अपने level पर बिटकॉइन प्राइस को बढ़ाने का काम किया मगर बिटकॉइन प्राइस के इससे भी ज्यादा बढ़ने का एक और कारण था। वो ये था कि, बिटकॉइन के बढे हुए प्राइस का फायदा लेने के लिए बहुत से लोगों ने बिटकॉइन trading start कर दी। जब बिटकॉइन एक business के रूप में light में आया तो फिर इसकी प्राइस और demand में और ज्यादा उछाल आया।

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