E-Bike Didi Scheme: दिल्ली सरकार जल्द ही महिलाओं के लिए एक नई पहल शुरू करने की योजना बना रही है, जिसका नाम ई-बाइक-दीदी स्कीम है। इसके तहत स्थानीय महिला राइडर्स इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर से महिला यात्रियों, खासकर टूरिस्टों को प्रमुख ऐतिहासिक जगहों, मेट्रो स्टेशनों और बस स्टॉप तक सुरक्षित सवारी प्रदान करेंगी। योजना का उद्देश्य महिलाओं को रोजगार देना, सुरक्षा बढ़ाना और प्रदूषण कम करना है। इसके लिए ऑनलाइन बुकिंग और डिजिटल पेमेंट मॉडल, राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म के साथ संभावित साझेदारी और ई-बाइक खरीद पर सब्सिडी जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं। पायलट प्रोजेक्ट के सफल होने के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे शहर में लागू किया जाएगा।
भारत टैक्सी के साथ साझेदारी
वहीं इस योजना को लागू करने के लिए दिल्ली सरकार ने भारत टैक्सी सर्विस के साथ समझौता किया है। इसके तहत महिला राइडर्स को ई-बाइक खरीदने के लिए सब्सिडी और अन्य वित्तीय प्रोत्साहन दिए जाएंगे। दिल्ली की युवा महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा लोन की सुविधा भी कम ब्याज दर पर उपलब्ध कराई जा सकती है।
योजना का लाभ कैसे उठाएं
योजना के शुरुआती मसौदे के अनुसार, लाभ उठाने के लिए महिला आवेदक का दिल्ली का स्थायी निवासी होना आवश्यक है। मुख्य रूप से 18 से 35 वर्ष की युवा महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। आवेदक के पास वैध टू-व्हीलर ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए। अगर लाइसेंस नहीं है, तो सरकार प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित कर सकती है। पंजीकरण ऑनलाइन किया जाएगा, दस्तावेज़ सत्यापन के बाद ई-बाइक चयन और सब्सिडी प्रक्रिया पूरी होगी। चुनी गई महिला राइडर्स को सड़क सुरक्षा, टूरिस्ट गाइडिंग और ऐप के उपयोग की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद वे भारत टैक्सी या सरकारी ई-बाइक एप पर पार्टनर के रूप में रजिस्टर हो सकेंगी।
महिला राइडर्स को मिलने वाले फायदे
बता दें ई-बाइक दीदी योजना महिला राइडर्स को वित्तीय आजादी देगी। सब्सिडी और इंसेंटिव की वजह से नई ई-बाइक खरीदना आसान होगा। यह महिला-से-महिला सेवा होने के कारण काम का माहौल सुरक्षित रहेगा। एप के माध्यम से ग्राहक खुद से उपलब्ध होंगे, जिससे उन्हें बुकिंग के लिए खुद प्रयास करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
महिलाओं को मिलने वाले लाभ
दिल्ली की महिलाएं जो इस योजना का लाभ लेना चाहती हैं, उन्हें अपना ड्राइविंग लाइसेंस और निवास प्रमाण पत्र तैयार रखना चाहिए। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों और ई-मोबिलिटी की जानकारी जुटाना भी जरूरी है। योजना से महिला सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण दोनों में मदद मिलेगी।









