क्या घर का खाना हेल्दी है? सच्चाई जानिए
जब भी बात सेहत की होती है, तो सबसे पहला बदलाव हम अपने खानपान में ही करते हैं, जो कि करना भी चाहिए । लेकिन सिर्फ घर की दाल या सब्जियां खाना ही हेल्दी नहीं है, क्योंकि अगर आपका तेल ठीक नहीं है तो उसमें जो भी पका रहे हों, वह आपकी सेहत पर बुरा असर डाल ही रहा होता है ।
अक्सर हम कोई भी तेल खरीद लेते हैं, जो हमारे बजट में फिट हो या टीवी पर उसका एड देखा हो – यह तरीका बिल्कुल सही नहीं है । सही तेल चुनना सबसे ज्यादा जरूरी चीज है, क्योंकि गलत तेल लाइफस्टाइल संबंधी बीमारियों को जन्म दे सकता है – फैटी लिवर, शुगर, बीपी, कोलेस्ट्रॉल का नसों में जमना या हार्ट का कमजोर पड़ना ।
वनस्पति घी – सबसे खराब कुकिंग ऑयल
वनस्पति घी का इस्तेमाल आज भी कई घरों में होता है, जबकि सेहत के लिए ये सबसे खराब माना जाता है । डॉक्टर कहती हैं कि वनस्पति घी में ट्रांस फैट (Trans Fat) की मात्रा बहुत ही ज्यादा होती है, जो हार्ट संबंधी बीमारियों और कई मामलों में हार्ट अटैक तक की वजह बन सकता है ।
ट्रांस फैट शरीर में 'खराब' कोलेस्ट्रॉल (LDL) को बढ़ाता है और 'अच्छे' कोलेस्ट्रॉल (HDL) को कम करता है, जिससे नसों में प्लाक जमा हो जाता है और ब्लड फ्लो बाधित होता है । अगर आपकी रसोई में वनस्पति घी है, तो आज ही उसे फेंक दें और कभी इस्तेमाल न करें ।
बार-बार गर्म किया हुआ तेल – कैंसर का खतरा
कोई भी तेल हो, अगर उसे बार-बार गर्म करके इस्तेमाल किया जाए तो सेहत के लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है । डॉक्टर बताती हैं कि किसी भी तेल को गर्म करके ठंडा किया जाए और फिर दोबारा गर्म किया जाए, तो उसमें एक्रिलामाइड (Acrylamide) और अन्य हानिकारक कंपाउंड्स बनते हैं,
जो आगे चलकर कैंसर तक का रिस्क बढ़ा सकते हैं । यही कारण है कि बाहर के खाने (जैसे समोसा, पकोड़े, चाट) में बार-बार इस्तेमाल किया गया तेल बहुत नुकसानदेह होता है । घर पर भी तलने के बाद बचे तेल को दोबारा इस्तेमाल करने से बचें और हर बार ताजा तेल का उपयोग करें ।
पाम ऑयल – हार्ट हेल्थ के लिए खतरनाक
डेली बेसिस पर कई लोग पाम ऑयल कंज्यूम करते हैं, क्योंकि पैकेट वाले फूड्स और स्ट्रीट फूड में ज्यादातर पाम ऑयल का ही इस्तेमाल किया जाता है । यह हार्ट हेल्थ के लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं होता है और कोलेस्ट्रॉल को काफी तेजी से बढ़ाता है । पाम ऑयल में संतृप्त फैट (Saturated Fat) की मात्रा बहुत अधिक होती है,
जो नसों में जमकर ब्लड प्रेशर बढ़ाता है और हार्ट डिजीज का रिस्क बढ़ाता है । बिस्कुट, चिप्स, इंस्टेंट नूडल्स, बेकरी आइटम्स – इन सबमें पाम ऑयल का उपयोग होता है, इसलिए इन चीजों को खाने से बचना चाहिए । घर पर खाना बनाने में भी पाम ऑयल का इस्तेमाल न करें ।
सोयाबीन का तेल – ओमेगा 6 की अधिकता
डेली कुकिंग के लिए बहुत से घरों में सोयाबीन ऑयल इस्तेमाल होता है, लेकिन यह हार्ट हेल्थ के लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है । डॉक्टर कहती हैं कि सोयाबीन ऑयल ओमेगा 6 फैटी एसिड से भरपूर होता है – शरीर को ओमेगा 6 की जरूरत होती है, लेकिन अगर यह ओमेगा 3 के अनुपात में बहुत अधिक हो जाए तो सूजन (Inflammation) बढ़ती है
और नसों में खराब कोलेस्ट्रॉल जमने का रिस्क बढ़ जाता है । जब ओमेगा 6 और ओमेगा 3 का संतुलन बिगड़ता है, तो शरीर में सूजन संबंधी बीमारियां (जैसे गठिया, अस्थमा, हार्ट डिजीज) का खतरा बढ़ जाता है । इसलिए सोयाबीन ऑयल का अत्यधिक उपयोग न करें और वैराइटी (अलग-अलग तेल) का इस्तेमाल करें ।
कोई भी रिफाइंड ऑयल – पोषक तत्वों से रहित
कोई भी रिफाइंड ऑयल सेहत के लिए अच्छा नहीं होता है । ये काफी ज्यादा प्रोसेस्ड होते हैं, इसलिए इनमें पोषक तत्व ना के बराबर होते हैं और ट्रांस फैट की मात्रा काफी ज्यादा होती है ।
रिफाइनिंग की प्रक्रिया में तेल को हाई हीट, केमिकल्स और सॉल्वेंट्स से गुजारा जाता है, जिससे उसके नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन नष्ट हो जाते हैं । डॉक्टर सलाह देती हैं कि हमेशा कोल्ड प्रेस्ड और नेचुरली एक्सट्रैक्ट किए गए तेल ही खाने में इस्तेमाल करने चाहिए, क्योंकि इनमें गुड फैट्स (Healthy Fats) मौजूद होते हैं जो शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं, जैसे – सरसों का तेल (कच्ची पेराई), नारियल तेल, जैतून का तेल (एक्स्ट्रा वर्जिन) और तिल का तेल ।
कौन से तेल हैं हेल्दी?
इन 5 हानिकारक तेलों की जगह कुछ हेल्दी तेल का उपयोग करना चाहिए । सरसों का तेल (कच्ची पेरी वाला) – इसमें ओमेगा 3 और ओमेगा 6 का अच्छा संतुलन होता है । नारियल तेल (कोल्ड प्रेस्ड) – इसमें मध्यम-श्रृंखला ट्राइग्लिसराइड्स (MCT) होते हैं, जो मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाते हैं ।
जैतून का तेल (एक्स्ट्रा वर्जिन) – यह मोनो-अनसैचुरेटेड फैट का बेहतरीन स्रोत है, जो हार्ट को स्वस्थ रखता है । तिल का तेल – इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो स्किन और बालों के लिए अच्छा है । इन तेलों को रोटेट (घुमाकर) करें – यानी एक साथ कई तरह के तेलों का उपयोग करें ताकि शरीर को सभी पोषक तत्व मिलें ।
निष्कर्ष
गलत तेल का चुनाव आपकी सेहत को चुपचाप नुकसान पहुंचाता है – हार्ट अटैक, शुगर, बीपी, फैटी लिवर, कोलेस्ट्रॉल और कैंसर का खतरा बढ़ाता है । वनस्पति घी, बार-बार गर्म किया गया तेल, पाम ऑयल, सोयाबीन ऑयल और कोई भी रिफाइंड ऑयल – ये 5 तेल आपकी रसोई में नहीं होने चाहिए ।
कोल्ड प्रेस्ड, कच्ची पेराई वाले, नेचुरली एक्सट्रैक्टेड तेल – जैसे सरसों, नारियल, जैतून (एक्स्ट्रा वर्जिन) और तिल – का उपयोग करें और तेलों को रोटेट करना न भूलें । अगली बार जब किराने का सामान खरीदने जाएं, तो इन पांच हानिकारक तेलों को खरीदने से बचें और अपने परिवार की सेहत को सुरक्षित रखें । हेल्थ और सेहत से जुड़ी ऐसी ही महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए timesbull.com पर बने रहें ।
