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यूपी में नहीं मिलेगा 10 से 25 हजार रुपये वाला स्टांप, CM योगी ने क्यों उठाया ये कदम?

Zohaib Naseem
March 10, 2025 at 4:33 PM IST · 1 min read

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं। सोमवार को लोकभवन में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 19 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में फिजिकल स्टांप पेपर को खत्म कर ई-स्टांप लागू करने, गेहूं खरीद, नए मेडिकल कॉलेज और औद्योगिक विकास से जुड़े अहम फैसले लिए गए। बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि सभी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास कर दिए गए हैं। योगी सरकार ने 10 हजार से लेकर 25 हजार रुपये तक के फिजिकल स्टांप पेपर को खत्म करने का फैसला किया है। अब इनकी जगह ई-स्टांपिंग व्यवस्था लागू की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे स्टांप व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और फर्जीवाड़ा रुकेगा। सरकार के मुताबिक पुराने स्टांप पेपर 31 मार्च 2025 तक वैध रहेंगे।

बाल रोग ब्लॉक भी शामिल होगा

इसके बाद इन्हें स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस फैसले से 5,630 करोड़ रुपये से ज्यादा के स्टांप पेपर की बोली लगेगी। सरकार ने बलिया जिले में स्वतंत्रता सेनानी चित्तू पांडेय के नाम पर मेडिकल कॉलेज बनाने का फैसला किया है। इसके लिए 14.05 एकड़ भूमि निशुल्क हस्तांतरित की गई है। इसमें से 12.39 एकड़ भूमि पर मेडिकल कॉलेज बनेगा, जबकि शेष भाग में चित्तू पांडेय की प्रतिमा और परिसर का सुंदरीकरण किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होंगी और लोगों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।

बुलंदशहर में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना के लिए 4570 वर्ग मीटर भूमि हस्तांतरित की गई है। प्रदेश में 27 मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग कॉलेज बनाए जा रहे हैं और इस फैसले से स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। योगी सरकार ने सैफई (इटावा) स्थित उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में 300 बेड के प्रसूति एवं स्त्री रोग ब्लॉक के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इसमें बाल रोग ब्लॉक भी शामिल होगा।

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बढ़ाने का फैसला किया

इसके लिए 232 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। आगरा मेट्रो रेल परियोजना के पहले और दूसरे कॉरिडोर के लिए उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग और गृह विभाग की भूमि नगर विकास विभाग को हस्तांतरित कर दी गई है। इससे मेट्रो के विस्तार में तेजी आएगी और आगरा में परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी।सरकार ने राज्य स्मार्ट सिटी योजना को दो साल के लिए बढ़ाने का फैसला किया है। पहले यह योजना 5 साल के लिए थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 7 साल कर दिया गया है। इससे प्रदेश के 17 स्मार्ट शहरों को फायदा होगा और शहरी विकास को नई गति मिलेगी। राज्य सरकार ने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए बंद पड़ी कताई मिलों की जमीन यूपीएसआईडीए को हस्तांतरित करने का फैसला किया है। इससे 451.20 एकड़ जमीन पर नए औद्योगिक केंद्र विकसित होंगे।

अहम भूमिका निभाएंगे

योगी सरकार ने डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लखनऊ नोड में डीटीआईएस (डिफेंस टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्कीम) स्थापित करने के लिए 0.8 हेक्टेयर जमीन मुफ्त देने का फैसला किया है। इससे रक्षा उत्पादों की टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन में आसानी होगी। हरदोई जिले में स्थित महर्षि दधीचि कुंड को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का फैसला किया गया है।

सरकार ने 0.85 हेक्टेयर जमीन पर्यटन विभाग को हस्तांतरित की है, जिससे इस ऐतिहासिक स्थल का सौंदर्यीकरण होगा। योगी सरकार ने इस कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले लिए हैं, जो कानून व्यवस्था, स्वास्थ्य, उद्योग, परिवहन और कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े हैं। स्टांप पेपर व्यवस्था में बदलाव, गेहूं खरीद, नए मेडिकल कॉलेज और स्मार्ट सिटी योजना जैसे फैसले प्रदेश के विकास में अहम भूमिका निभाएंगे।

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