Uttar Pradesh

होली और जुमे की नमाज को लेकर अलीगढ़ में बढ़ी सुरक्षा, क्यों इस जगह पर रहेगा कड़ा पहरा?

लखनऊ: शिक्षा और तालों के लिए मशहूर अलीगढ़ (Aligarh) इस बार एक खास वजह से चर्चा में है। होली और जुमे की नमाज एक ही दिन पड़ने की वजह से अलीगढ़ प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर खास सतर्कता बरतने का फैसला किया है। प्रशासन ने अलीगढ़ शहर को 9 सेक्टरों में बांटा है। हर सेक्टर में सुरक्षा की जिम्मेदारी एक सेक्टर मजिस्ट्रेट को सौंपी गई है। इसके अलावा पीएसी (प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी) के जवानों को भी तैनात किया जा रहा है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। दरअसल पूरा मामला अलीगढ़ का है, जो सबसे संवेदनशील जिलों में गिना जाता है, जहां एक ही दिन दो बड़े आयोजन होने जा रहे हैं, इसलिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है।

सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए

मौजूदा सरकार के आदेश के मुताबिक होली के दिन संवेदनशील इलाकों में पीएसी के जवानों को तैनात किया गया है। हर सेक्टर में एक सेक्टर मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की गई है, जो हालात पर नजर रखेंगे और तुरंत फैसला ले सकेंगे। प्रमुख चौराहों, मस्जिदों और संवेदनशील इलाकों पर ड्रोन कैमरों से नजर रखी जाएगी। इसके अलावा कई जगहों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।

प्रशासन और पुलिस ने शांति समिति के साथ कई बैठकें की हैं, जिसमें आम जनता, धर्मगुरु और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं। इन बैठकों में लोगों से शांति बनाए रखने और सौहार्द के साथ त्योहार मनाने की अपील की गई है। होली के मौके पर यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए कई प्रमुख मार्गों पर डायवर्जन लगाया जाएगा। जुमे की नमाज के दौरान मस्जिदों के आसपास विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।

घटनाएं सामने आई थीं

होली और जुमे की नमाज एक ही दिन पड़ रही है, इसलिए प्रशासन कोई चूक नहीं करना चाहता है। पिछले वर्षों में होली के दौरान कुछ स्थानों पर असामाजिक तत्वों द्वारा उत्पात मचाने की घटनाएं सामने आई थीं। इन घटनाओं से सबक लेते हुए इस बार प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर काफी गंभीर रुख अपनाया है। एडीएम सिटी ने जानकारी देते हुए बताया कि, “होली और रमजान दोनों त्योहारों को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है।

शहर को 9 सेक्टरों में बांटा गया है और हर सेक्टर में एक सेक्टर मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की गई है। अतिरिक्त पुलिस बल के साथ पीएसी भी तैनात की गई है। संवेदनशील मस्जिदों के बाहर मजिस्ट्रेट और पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। जिन मस्जिदों को तिरपाल से ढकने की जरूरत है, उनकी पहचान पहले ही कर ली गई है। सभी समुदाय के लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है।

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