EPFO: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन EPFO अपने करोड़ों खाताधारकों को एक बड़ा डिजिटल तोहफा देने की तैयारी में है। EPFO जल्द ही ऐसा सिस्टम लागू करने जा रहा है, जिसके तहत सदस्य अपने PF खाते से रकम सीधे यूपीआई (UPI) के जरिए निकाल सकेंगे। अब तक पीएफ निकासी की प्रक्रिया में कुछ समय लगता था, लेकिन नए सिस्टम के लागू होने के बाद पैसा लगभग तुरंत बैंक खाते में पहुंच सकेगा।
बताया जा रहा है कि यह सुविधा अप्रैल से शुरू की जा सकती है। फिलहाल विभाग तकनीकी स्तर पर परीक्षण कर रहा है ताकि सेवा शुरू होने के बाद किसी तरह की दिक्कत सामने न आए।
कैसे काम करेगा नया UPI आधारित सिस्टम
नए सिस्टम के तहत सदस्य को अपने यूएएन पोर्टल या उमंग ऐप पर लॉगिन करना होगा। वहां उपलब्ध पीएफ बैलेंस दिखाई देगा और निकासी के लिए आवेदन करने का ऑप्शन मिलेगा। सदस्य को निकासी का कारण चुनना होगा, जैसे बीमारी, उच्च शिक्षा, विवाह या मकान से जुड़ी जरूरत।
रिक्वेस्ट सबमिट करने के बाद भुगतान की पुष्टि के लिए यूपीआई पिन दर्ज करना होगा। सत्यापन पूरा होते ही राशि सीधे संबंधित बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। इससे प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी और तेज हो जाएगी।
75 प्रतिशत तक तत्काल निकासी की सुविधा
मौजूदा नियमों के अनुसार कर्मचारी अपने उपलब्ध ईपीएफ बैलेंस का 75 प्रतिशत तक आंशिक निकासी कर सकते हैं। पूरी राशि निकालने की अनुमति केवल उस स्थिति में मिलती है, जब व्यक्ति कम से कम एक साल से बेरोजगार हो।
नए सिस्टम के लागू होने के बाद सदस्य 75 प्रतिशत तक की राशि तत्काल निकाल सकेंगे। इससे इमरजेंसी जरूरतों के समय कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी।
टेस्टिंग चरण में है नया सिस्टम
संगठन फिलहाल लगभग 100 डमी खातों के जरिए इस सिस्टम की तकनीकी जांच कर रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लेनदेन के दौरान कोई तकनीकी गलती या सिक्योरिटी रिस्क न हो। टेस्ट सफल रहने के बाद ही इसे आम सदस्यों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
वर्तमान में EPFO का ऑटो-सेटलमेंट सिस्टम पांच लाख रुपये तक के दावों का निपटारा लगभग तीन दिनों में करता है। लेकिन यूपीआई आधारित व्यवस्था लागू होने के बाद यह समय काफी कम हो सकता है।
पासबुक देखने की सुविधा भी होगी आसान
नई सुविधा के तहत सदस्य अपने पीएफ पासबुक बैलेंस की जानकारी भी आसानी से देख सकेंगे। डिजिटल इंटीग्रेशन के कारण बैलेंस चेक करना और निकासी आवेदन करना एक ही प्लेटफॉर्म पर संभव होगा।
हर साल EPFO पांच करोड़ से अधिक निकासी दावों का निपटारा करता है। ऐसे में यूपीआई आधारित प्रणाली से न केवल प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि प्रशासनिक बोझ भी कम होगा और सदस्यों को तुरंत लाभ मिल सकेगा।
