Holi Festival Tips: होली सिर्फ रंगों का खेल नहीं है, बल्कि यह मौका है अपनी सोई हुई किस्मत को जगाने का! वास्तु शास्त्र की मानें तो होली के दिन किए गए कुछ छोटे-छोटे बदलाव आपके घर से नेगेटिविटी को कोसों दूर कर सकते हैं। अगर आप भी चाहते हैं कि इस साल गुलाल के साथ-साथ घर में खुशियां और पैसा भी बरसे, तो ये आसान वास्तु टिप्स जरूर आज़माएं।

मुख्य द्वार पर सजाएं खुशियों का स्वागत

वास्तु में घर का मेन गेट सबसे अहम होता है क्योंकि यहीं से ऊर्जा प्रवेश करती है।

क्या करें: होली की सुबह मुख्य द्वार पर ताजे फूलों का हार (तोरण) लगाएं और थोड़ा सा गुलाल छिड़कें।

फायदा: इससे घर में पॉजिटिव एनर्जी आती है और परिवार के सदस्यों के बीच अनबन खत्म होकर प्यार बढ़ता है। आप चाहें तो एक छोटी सी सुंदर रंगोली भी बना सकते हैं।

 शाम को जलाएं ‘सौभाग्य’ का दीपक

होली की शाम जितनी रंगीन होती है, उतनी ही आध्यात्मिक भी।

क्या करें: शाम के समय घर के मंदिर में शुद्ध घी का दीपक जलाएं। इसके अलावा, एक दीपक घर के मुख्य द्वार पर भी रखें।

फायदा: माना जाता है कि ऐसा करने से दरिद्रता दूर होती है और लक्ष्मी जी का आगमन होता है। यह अंधेरे के साथ-साथ जीवन की परेशानियों को भी खत्म करने का प्रतीक है।

तिजोरी में रखें यह जादुई चीज

अगर बरकत रुकी हुई है, तो यह उपाय आपके लिए बेस्ट है।

क्या करें: होली के दिन एक लाल कपड़े में साबुत हल्दी की गांठ और थोड़े से अक्षत (बिना टूटे चावल) बांधकर अपनी तिजोरी या पैसे रखने वाली जगह पर रखें।

फायदा: वास्तु के अनुसार हल्दी समृद्धि का प्रतीक है। यह उपाय धन को आकर्षित करने और फिजूलखर्ची रोकने में मदद करता है।

रिश्तों में घोलें गुड़ और मिठाई की मिठास

होली का त्यौहार कड़वाहट मिटाने का दिन है।

क्या करें: इस दिन घर में गुड़ और पीली मिठाइयां जरूर रखें। जो भी मेहमान आए, उसका मुंह मीठा कराना न भूलें।

फायदा: गुड़ को मंगल और सूर्य से जोड़कर देखा जाता है, जो घर के वातावरण में उत्साह और मिठास भर देता है।

क्या कहते हैं शास्त्र?

हल्दी और चावल: सनातन धर्म और वास्तु में हल्दी को ‘शुद्धि’ और चावल को ‘पूर्णता’ का प्रतीक माना गया है। किसी भी शुभ कार्य में इनका प्रयोग वैज्ञानिक रूप से एंटी-बैक्टीरियल और आध्यात्मिक रूप से ऊर्जादायक माना जाता है।