China Airforce: भारत और ताइवान के ताकतवर जेट की ताकत परखेगा चीन,UAE ने लिया यह बड़ा फैसला

Snehlata Sinha5 min read

China Airforce: अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चीन और भारत के रिश्ते किसी से छिपे नहीं है. दोनों ही देशों के बीच हमेशा छत्तीस का आंकड़ा रहा है. चीन भारत के खिलाफ हमेशा ही पर्दे के पीछे से संयंत्र करने की साजिश करता है,लेकिन उसकी चालाकी का पर्दाफाश हो जाता है. इस बीच चीन एक और चतुराई करता दिख रहा है,जिसका असर आगामी कुछ दिनों में देखने को मिल सकता है.

चीन की वायु सेना अब संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की सेना के साथ हवाई अभ्यास का दूसरा चरण शुरू कर रही है. इसमें सबसे खास बात यह है कि चीन पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की वायु सेना लड़ाकू विमानों J-10C और J-16 को तैनात कर दिया है. उधर यूएई वायु सेना ने भी अपने मिराज-2000 फाइटर जेट को मैदान में उतारा है.

इसमें सबसे चौंकाने वाली बात यह कि यूएई की वायु सेना जिस मिराज 2000 के साथ अपना अभ्यास कर रही है,उसका इस्तेमाल चीन के दो दुश्मन भारत और ताइवान भी यूज करते हैं. इससे चीन को मिराज 2000 की ताकत जानने में काफी दिलचस्पी होगी.

 

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China Airforce: यह अभ्यास चीन के लिए क्यों होने जा रहा महत्वपूर्ण

चीनी वायु सेना और यूएई एयरफोर्स के बीच यह अभ्यास काफी महत्वपूर्ण साबित होगा. चीन की इस पर पैनी नजर होगी,जिसकी वजह मिराज-2000 की तैनाती माना जा रहा है. खासकर इसलिए क्योंकि इस लड़ाकू विमान का इस्तेमाल भारत और ताइवान बड़े स्तर पर करे हैं. इतना ही नहीं दोनों देशों का यह बड़े ताकतवर लड़ाकू विमान में गिना जाता है,जो चीन के कट्टर दुश्मन भी माने जाते हैं.

ऐसी स्थिति में चीन हर हालत में मिराज 2000 के बारे में पूरी जानकारी जुटाना चाहेगा,जिसका बड़े स्तर पर उसे लाभ मिल सकता है. पश्चिमी मूल के विमानों और पश्चिमी मॉडल पर आधारित युद्ध रणनीति का उपयोग पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के लिए चीन के घरेूल प्रशिक्षण कार्यक्रम काफी फायदेमंद साबित होने की उम्मीद है. भारत की जगह-जगह खिलाफत करने क वाले चीन ने अभ्यास में चौथी पीढ़ी के दो विमान तैनात कर दिए हैं.

China Airforce: जानिए कहां पर चीन की पहली नजर?

अब चीन दो इंजन वाला J-16 को भी इस अभ्यास में उतारने का फैसला लिया है. यह 4 प्लस पीढ़ी का ये अत्याधुनिक विमान मल्टीरोल स्ट्राइक फाइटर माना जाता है,जिसके सामने दुश्मन के विमान के पसीने छूट जाते हैं. यह ताकतवर विमान WS-10A इंजन से चलाया जाता है. इसके साथ ही AESA रडार से लैस माना जाता है.

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विमान अपने रडार सिग्नेचर को घटना के लिए J-16 इकाइयों को अद्भुत पेंट से सजाने का काम किया गया है. यह रडार वेव्स को अवशोषित करने का काम करता है. इसके साथ ही J-16 ताइवान के एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन का बार-बार उल्लंघन करने और इंडो-पैसिफिक में विदेशी विमानों की गति रोकने के मामले में काफी खतरनाक माना जाता है.

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Snehlata Sinha

I began my journey in media with Radio Dhamal, where I honed my skills in radio broadcasting. After that, I spent two years at News24 and E24, gaining valuable experience…