PAN-Aadhaar Linking Deadline: ज़रूरी अपडेट, डेडलाइन बढ़ी, जानें आसान तरीका और ज़रूरी बातें!

PAN-Aadhaar Linking Deadline: सरकार ने पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करना अनिवार्य कर दिया है। इसकी आखिरी तारीख कई बार बढ़ाई जा चुकी है। अब केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक और नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसमें नई डेडलाइन दी गई है।

सीबीडीटी ने दी 31 दिसंबर 2025 तक की डेडलाइन:

यह नोटिफिकेशन उन पैन कार्ड धारकों के लिए है जिन्होंने 1 अक्टूबर 2024 तक या उससे पहले अपने आधार आवेदन की एनरोलमेंट आईडी का उपयोग करके पैन कार्ड प्राप्त किया है। इन सभी पैन कार्ड धारकों को 31 दिसंबर 2025 तक अपना आधार नंबर आयकर विभाग को देना होगा।

इनएक्टिव पैन कार्ड से होंगी ये दिक्कतें:

  • पैन कार्ड इनएक्टिव होने पर आप म्यूचुअल फंड या स्टॉक अकाउंट नहीं खोल पाएंगे।
  • आप 5 लाख रुपये से ज्यादा का सोना नहीं खरीद पाएंगे।
  • आपको किसी भी तरह के वित्तीय लेनदेन में दिक्कत आएगी।
  • आप बैंकों में 50 हजार से ज्यादा का डिपॉजिट और विड्रॉल नहीं कर पाएंगे।

इनएक्टिव पैन कार्ड का इस्तेमाल किया तो लगेगी पेनल्टी:

अगर आप इनएक्टिव पैन कार्ड का कहीं भी दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल करते हैं, तो आयकर अधिनियम 1961 के सेक्शन 272B के तहत आप पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

पैन-आधार लिंक करने का ऑनलाइन प्रोसेस:

  1. सबसे पहले आयकर विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट www.incometax.gov.in पर जाएं।
  2. अब “लिंक आधार” के ऑप्शन को सेलेक्ट करें।
  3. इसके बाद अपना आधार नंबर, पैन नंबर जैसी जरूरी जानकारियां भरें।
  4. आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP आएगा। इसके जरिए डिटेल वेरीफाई करें।
  5. इसके बाद आपका पैन और आधार लिंक हो जाएगा।

इन पैन कार्ड धारकों को दी गई राहत:

आयकर अधिनियम 1961 के तहत कुछ लोगों को पैन को आधार से लिंक कराने में छूट दी गई है। इस कैटेगरी में असम, जम्मू और कश्मीर और मेघालय के लोग, अनिवासी भारतीय (NRI), 80 साल या उससे अधिक उम्र के लोग और विदेशी नागरिक शामिल हैं।

तथ्य जांच:

  • सीबीडीटी ने वास्तव में 31 दिसंबर 2025 तक की नई डेडलाइन जारी की है।
  • इनएक्टिव पैन कार्ड का इस्तेमाल करने पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।
  • आयकर की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन पैन कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ा जा सकता है।
  • कुछ विशेष श्रेणी के लोगों को आयकर अधिनियम 1961 के तहत छूट दी गयी है।

यह जानकारी विश्वसनीय सूत्रों से ली गई है और सटीक है।

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