Note Update: बाजार में खुले पैसों की किल्लत हो गई है। इससे कई दुकानदार और कारोबारी परेशान हैं। करीब तीन महीने से छोटे नोट गायब होने लगे थे और अब किल्लत बढ़ती नजर आ रही है। हालात ये हैं कि खुदरा विक्रेताओं को रोजाना के कारोबार के लिए कमीशन देकर बाजार से छोटे नोट और सिक्के खरीदने पड़ रहे हैं। अब बाजार में मांग है कि ऑनलाइन पेमेंट पर जोर दे रही सरकार छोटे नोटों की किल्लत दूर करने पर भी कुछ ध्यान दे।

छोटे नोटों की किल्लत की शिकायतें सामने आ रही हैं

इंदौर के साथ ही दूसरे शहरों और कस्बों से भी खुले पैसे और छोटे नोटों की किल्लत की शिकायतें सामने आ रही हैं। व्यापारी कह रहे हैं कि बैंकों से उन्हें पर्याप्त मात्रा में छोटे नोट नहीं मिल रहे हैं। खासकर 10 रुपए, 20 और 50 रुपए के नए नोट बैंक से नहीं मिल रहे हैं।

एक ब्रांच से बार-बार मांगने पर पुराने नोट भी बमुश्किल मिल रहे हैं। शाजापुर के किराना व्यापारी जयप्रकाश भावसार के मुताबिक दो महीने में खुले पैसों की किल्लत काफी बढ़ गई है। दरअसल आधे से ज्यादा ग्राहक ऑनलाइन पेमेंट कर रहे हैं।

कमीशन देकर खुल्ले पैसे जमा करने में लगे हैं

ऐसे में रोजाना की बिक्री से भी काउंटर पर इतने खुल्ले पैसे नहीं होते कि दिनभर का काम चल सके। ऐसे में कई बार ग्राहकों को बैरंग लौटना पड़ता है। इंदौर के किराना व्यवसायी चेतन आहूजा के मुताबिक कारोबार चलता रहे और ग्राहक खुल्ले पैसे न होने की वजह से वापस न लौटें, इसके लिए अब व्यापारियों ने कुछ कमीशन देकर खुल्ले पैसे जमा करने शुरू कर दिए हैं।

बैंकों के पास नहीं हैं छोटे नोट

छोटे नोट सिर्फ बाजार में चलन से और दुकानदारों के कैश बॉक्स से ही गायब नहीं हुए हैं, दरअसल बैंकों के पास भी छोटे नोटों की कमी हो गई है। इंदौर में बैंक ऑफ बड़ौदा की मैनेजर नेहा वर्मा कहती हैं कि आमतौर पर बैंक सीमित मात्रा में छोटे नोट रखते हैं। पिछले कुछ दिनों में करेंसी चेस्ट से भी छोटे नोटों की आपूर्ति कम हो गई है। कई ग्राहक नए और कुरकुरे नोट ही मांगते हैं।

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