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हो जाएं अलर्ट! डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 1 करोड़ की ठगी, स्कैमर्स ने चलाया फर्जी वर्चुअल कोर्ट

Digital Arrest.देश में इन दिनों साइबर क्राइम का एक नया ही तरीका चल रहा है। जिसे हम सब डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) के नाम से जानते हैं। यह क्राइम का एक ऐसा गंभीर मामला है। जिससे नहीं जाने पर लोग करोड़ों रुपए के ठगी का शिकार हो जाते हैं।  एक ऐसा ही साइबर ठगी का मामला सामने आया है। जिससे यहां पर एक शख्श को एक करोड़ रुपए  चूना लगा दिया है। यह मामला उत्तर प्रदेश से आय़ा है।

आज के समय में लोग आसान तरीके से साइबर ठगी का शिकार हो जाते है, जिससे कई बार खबरों में डिजिटल अरेस्ट कर लाखों करोंड़ों रुपए ठग लिए गए है। तो वही ताजा मामले यूपी से आया है, यहां जिलें में फर्जी वर्चुअल कोर्ट चलाकर की 1 करोड़ से ज्यादा की ठगी की गई। अब मामला पुलिश के हाथ लग गया है।

ईडी और सीबीआई अफसर बताकर ठगे करोंड़ो रुपए

साइबर अपराध करने वाले लोग ईडी और सीबीआई अफसर बताकर करोंड़ो रुपए ठग रहे है, जिससे उत्तर प्रदेश में साइबर अपराध का एक मामला सामने आया है। जिसमें यूपी पुलिस सात ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया है जो खुद को ईडी और सीबीआई अफसर बताकर एक शख्स को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठग रहे थे।

पुलिस ने बताया है कि आरोपियों ने एक शख्स को डिजिटल अरेस्ट किया है, जिससे फर्जी ऑनलाइन कोर्ट सुनवाई के जरिए शाहजहांपुर के रहने वाले 60 साल के शरद चंद से 1.04 करोड़ रुपये ठगें।  तो वहा सामने बताया कि यह गैंग ने खुद को ईडी और सीबीआई अधिकारी बताते थे।  पुलिस ने आगे कहा कि यह गैंग ने पहली बार 6 मई को शरद चंद से संपर्क किया,जिससे खुद को ईडी और सीबीआई अधिकारी बताया। फिर शरद चंद भरोसे में लेकर आरोप लगाया जिसमें 2.8 करोड़ रुपये के गैरकानूनी लेनदेन का केस बताया।

जान लें क्या है डिजिटल अरेस्ट

दरअसल आप को बता दें कि इस समय क्राइम करने वाले डिजिटल अरेस्ट  कर रहे है, जो खुद को ईडी और सीबीआई अफसर बता एक फर्जी कोर्ट बनाते है, जिससे यहां पर ये काम विडियों कॉलिग के जरिए ही होता है। जब तक लोगों से रुपए ऐेठ नहीं लेते है, तक डरा धमका कर लोगों को स्क्रीन के सामने बैठाए रहते है। हालांकि जानकार लोग इसकी शिकायत तुरंत पुलिस कर देते है। जिससे ठगी से बच जाते है।

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