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EPF vs EPS Difference: पीएफ कर्मचारियों के लिए बहुत काम की है ईपीएफ और ईपीएस, दूर करें कंफ्यूजन

सरकार ने वित्तीय साल 2025 और 2026 के लिए 8.25 फीसदी ब्याज की घोषणा कर रखी है. ऐसे में हम आपको ईपीएफ और ईपीएस के बारे में बताने जा रहे हैं. किसी भी पीएफ कर्मचारियों के लिए इन दोनों स्कीम्स का क्या महत्व है, आप विस्तार से समझ सकते हैं.

EPF vs EPS Difference: निजी कंपनियां अपने कर्मचारियों की सेविंग को लेकर काफी चिंतित रहती हैं, जो ईपीएफ और ईपीएस योजनाओं के लिए सैलरी से पैसा काटकर जमा करती हैं. यह सब पैसा पीएफ के रूप में काटा जाता है. इतना ही नहीं ईपीएफ अकाउंट में जमा रकम पर तो सरकार हर वित्तीय साल में ब्याज की राशि भी मुहैया कराती है.

सरकार ने वित्तीय साल 2025 और 2026 के लिए 8.25 फीसदी ब्याज की घोषणा कर रखी है. ऐसे में हम आपको ईपीएफ और ईपीएस के बारे में बताने जा रहे हैं. किसी भी पीएफ कर्मचारियों के लिए इन दोनों स्कीम्स का क्या महत्व है, आप विस्तार से समझ सकते हैं.

सैलरी से कटा पैसा कहां जाता है?

ऐसे भी बहुत कर्मचारी हैं जिन्हें यह नहीं पता कि उनकी सैलरी और नियोक्ता का योगदान कहाँ जाता है. क्या आपका पता है कि ईपीएफ के तहत कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते का 12 फीसदी हर महीने जमा करने का काम करता है. कर्मचारी वाला पूरा 12 फीसदी सीधा ईपीएफ अकाउंट में जाता है.

नियोक्ता का 12 फीसदी योगदान अलग-अलग जाता है. इसके दो हिस्से हो जाते हैं. इसमें 3.67 फीसदी ईपीएफ अकाउंट में जाता है, जबकि 8.33 फीसदी कर्मचारी पेंशन योजना यानी ईपीएस खाते में ट्रांसफर कर दिया जाता है. यह कर्मचारियों पर लागू होती है जिनकी बेसिक सैलरी 15000 रुपये से ज्यादा है.

दोनों योजना में क्या है फर्क

ऐसे में आपको समझना होगा कि ईपीएफ और ईपीएस में क्या अंतर है। दोनों एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड्स एंड मिसिलिनियस प्रोविजन्स एक्ट, 1952 के तहत समझे जाते हैं. दोनों को एक तीन पक्षीय ट्रस्टी बोर्ड संभालने का काम करता है. इसमें सरकार, नियोक्ता और कर्मचारी तीनों के प्रतिनिधि होते हैं, लेकिन दोनों का मकसद बिल्कुल अलग है.

ईपीएफ क्या

क्या आपको पता है कि ईपीएफ बचत खाते की तरह काम करता है? यहां कर्मचारी और नियोक्ता दोनों मिलकर पैसा जमा करने का काम करते हैं. यह रकम पूरी कामकाजी जिंदगी में बढ़ती रहती है और रिटायरमेंट पर एकमुश्त निकाली जा सकती है। सरकार हर साल इस जमा रकम पर ब्याज देती है.

Vipin Kumar
About the Author

vipin kumar

Vipin Kumar is an experienced journalist with 8 years in the media industry, having worked with prominent news platforms including Dainik Jagran and News24. Currently serving at Timesbull.com for almost four years, dedicated to delivering truthful, transparent, and people-centric news that informs and empowers readers. Committed to transparent, ethical, and accurate journalism.

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