SIP से बनाएं 1 करोड़ का फंड, यहां समझें उम्र के हिसाब से एसआईपी कैलकुलेशन

SIP Investment Plan: आज के समय हर कोई ऐसी जगह निवेश करने के बारे में विचार करता है जहां पर सुरक्षित निवेश के साथ शानदार रिटर्न भी प्राप्त हो सके। मौजूदा समय में सरकार के द्वारा ऐसी कई सारी सरकारी स्कीम को संचालित किया जा रहा हैं जहां पर आप सुरक्षित निवेश के साथ शानदार रिटर्न भी प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन सरकारी स्कीम में मिलने वाला ब्याज फिक्स होता है। इसके साथ कई ऐसी स्कीम हैं जहां पर एक साथ मोटी रकम का निवेश करना होता है। ऐसे में कम सैलरीड लोगों के लिए निवेश करना मुश्किल हो जाता है।

इस समय ऐसे कई लोग हैं जो कि एसआईपी कर कर रहे हैं। एसआईपी मोटी रकम बनाने का शानदार जरिया बन गया है। रिपोर्ट के मुताबिक इस साल जनवरी महीने में 31002 करोड़ लोगों के द्वारा निवेश किया गया है। ऐसे में ये दर्शाता है कि अब एसआईपी सिर्फ एक निवेश नहीं रह गया है बल्कि परिवार के रिटायरमेंट और आने वाले कल के लिए निवेश का सहीं प्लान बन गया है।

ऐसे में सवाल ये उठा रहा है कि अगर 60 साल तक एसआईपी करके 1 करोड़ का फंड तैयार किया जा सकता है। क्या शुरुआत निवेश दौर में आयु के हिसाब से रकम को बदला जा सकता है। ऐसे में जवाब मिलता है हां। कैलकुलेशन के मुताबिक, 15 फीसदी सलाना औसत रिटर्न मान लें। ऐसे में ध्यान रखें ये कोई गारंटी नहीं है बल्कि सिर्फ उदाहरण है कि असली रिटर्न मार्केट के अनुसार और चुने गए फंड पर निर्भर करेगा।

25 साल में निवेश शुरु करने पर

बता दें अगर कोई व्यक्ति 25 साल की उम्र में निवेश शुरू करता है और 35 साल तक यानी 60 की उम्र तक SIP जारी रखता है, तो लगभग 1,000 रुपये प्रति माह निवेश करने पर करीब 1.14 करोड़ रुपये का फंड बन सकता है। यहां समय सबसे बड़ा साथी बनता है। लंबी अवधि में कंपाउंडिंग का असर तेजी से दिखाई देता है।

30 साल में निवेश शुरु करने पर

अगर शुरुआत 30 साल की उम्र में होती है, तो निवेश की अवधि 30 साल रह जाती है। ऐसे में लगभग 2,000 रुपये महीना निवेश करना होगा ताकि लक्ष्य के आसपास पहुंचा जा सके। सिर्फ पांच साल की देरी मासिक निवेश को लगभग दोगुना कर देती है।

40 साल में निवेश शुरु करने पर

अब अगर कोई 40 साल की उम्र में शुरुआत करता है, तो उसके पास केवल 20 साल बचते हैं। 1 करोड़ रुपये का लक्ष्य पाने के लिए करीब 7,500 रुपये प्रति माह निवेश करना पड़ेगा। यहां साफ दिखता है कि समय कम होने पर हर महीने ज्यादा रकम लगानी पड़ती है।

45 साल में निवेश शुरु करने पर

अगर कोई 45 साल की उम्र में निवेश शुरू करे, तो उसके पास लगभग 15 साल का समय होगा। ऐसे में 10,000 रुपये महीने की SIP और हर साल उसमें 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी यानी स्टेप-अप रणनीति अपनाने से 60 साल की उम्र तक करीब 1 करोड़ रुपये का फंड तैयार किया जा सकता है, शर्त के मुताबिक, औसत रिटर्न 15 प्रतिशत के आसपास रहेगा।

जानें एसआईपी की ताकत

जानकारी के मुताबिक, SIP की ताकत तीन बातों में छिपी है। पहली, कंपाउंडिंग, यानी रिटर्न पर रिटर्न मिलता है। दूसरी, रुपया कॉस्ट एवरेजिंग, जिससे बाजार के उतार-चढ़ाव का असर संतुलित होता है। तीसरी, निवेश करते समय अनुशासन बरकरार रखना है। हर महीने तय रकम निवेश करने से नुकसान होने की संभावना कम होती है। यह भी समझना जरूरी है कि 15 प्रतिशत रिटर्न फिक्स नहीं होता है। बाजार में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। छोटी अवधि में जोखिम ज्यादा होता है, जबकि लंबी अवधि में औसत रिटर्न बेहतर दिख सकता है। ऐसे में निवेश से पहले अपनी जोखिम उठाने की क्षमता का आकलन जरूर कर लें।

इन बातों का जरूर रखें ध्यान

जानकारी के लिए बता दें निवेश करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। बाजार गिरने पर SIP बंद न करें। आय बढ़ने पर निवेश राशि भी बढ़ाएं। पैसा अलग-अलग फंड में बांटें। साल में एक बार पोर्टफोलियो की आंकलन जरूर करें और रिटायरमेंट के करीब पहुंचते समय कुछ हिस्सा सेविंग खाते में डालना समझदारी है।

बता दें 1 करोड़ रुपये का फंड बनाने के लिए बाजार को समय देने की जरूरत है, इसमें न सिर्फ बाजार को टाइम से शुरु करना है। जल्दी शुरू करने से कम रकम से भी बड़ा फंड बन सकता है। वहीं देरी करने पर निवेशक को हर महीने ज्यादा निवेश करना पड़ता है। ऐसे में जितनी जल्दी हो सके, शुरुआत करना ही सबसे बेहतर रणनीति मानी जाती है।

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