बढ़ापे में चाहिए गारंटीड इनकम, इस स्कीम में 5 लाख जमा करने पर ब्याज से मिलेगा 2 लाख रुपये! - Times Bull
           

बढ़ापे में चाहिए गारंटीड इनकम, इस स्कीम में 5 लाख जमा करने पर ब्याज से मिलेगा 2 लाख रुपये!

Dev Ops July 1, 2024

नई दिल्ली post office scss scheme: बुढ़ापे में हर कोई मंथली इनकम की चाह रखता है। ऐसे में अगर आपको एक सरकारी सेविंग स्कीम के बारे में बताएं जिसमें निवेश करने पर गारंटीड इनकम हो रही है तो कैसा हो। बता दें पोस्ट ऑफिस की स्कीम में गारंटीड इनकम हो रही हैं साथ में निवेश करने पर बैंक एफडी से ज्यादा ब्याज मिलता है।

सरकारी गारंटी के साथ में ब्याज देती है इस स्कीम में निवेशकों को टैक्स बेनिफिट मिलता है। इन सब खासियत के साथ में बुजुर्गों के लिए पोस्ट ऑफिस सीनियर सीटिजन स्कीम पेश कर रहा है। जिस पर सालना 8.2 फीसदी का ब्याज मिल रहा है। इस स्कीम की अवधि 5 सालों की है।

स्कीम पर मिलता है टैक्स बेनिफिट

पोस्ट ऑफिस की इस सेविंग स्कीम में निवेशक को पक्की इनकम होती है। खाते में हर तिमाही में ब्याज का पैसा ट्रांसफर होता है। इस स्कीम की खास बात ये है कि इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी के तहत इसमें टैक्स बेनिफिट मिलता है। बहराल स्कीम पर मिले ब्याज पर टैक्स नहीं लगता है।

अगर आपको रिटर्न के तौर पर 50 हजार रुपये से ज्यादा है तो ब्याज पर टीडीएस लगता है। सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम में निवेशक एकसाथ 30 लाख रुपये तक का निवेश कर सकते हैं। निवेश की रकम 5 सालों में मैच्योर हो जाती है। इस स्कीम का पैसा सालाना 8.2 फीसदी की दर से मिल रहा है। नई ब्याज दरें 1 जनवरी 2024 से लागू हैं। अगर आप इस स्कीम में 5 लाख रुपये का निवेश करते हैं तो आपको ब्याज के तौर पर 2 लाख रुपये प्राप्त होंगे।

प्री-मैच्योर होगी निकासी

पोस्ट ऑफिस की सीनियर सीटीजन सेविंग स्कीम में निवेशश निवेश की पहली तारीख के बाद कभी भी स्कीम क्लोज कर सकता है। अगले 1 साल तक निवेश की रकम मैच्योरिटी से पहले बिना किसी पेनाल्टी के निकाल सकते हैं। 1 से 2 साल के भीतर पैसा निकासी पर कुल प्रिंसिपल पर 1.5 फीसदी का पैसा चार्ज किया जाएगा। 2 से 5 साल की अवधि में कुल प्रिंसिपल का 1 फीसदी चार्ज किया जाता है।

सीनियर सिटीजन स्कीम की ब्याज दरें

पोस्ट ऑफिस की एससीएसएस पर सालाना 8.2 फीसदी का ब्याज पेश किया जा रहा है। ये दरें आखिरी दफा 1 जनवरी 2024 को बदली गई थी। ये स्कीम पर मिलने वाला ब्याज तिमाही आधार पर बदलता है। जोकि 31 मार्च 30 जून, 30 सिंतबर या फिर 31 दिसंबर होता है। निवेशक ने अगर फॉर्म 15जी-15एच भरा है तो ब्याज का पैसे पर टीडीएस चार्ज नहीं होता है।