ITR Alert: आईटीआर भरते समय इन 4 कटौतियों में दावा करना बिल्कुल न भूलें, हो जाएगी तगड़ी सेविंग - Times Bull
           

ITR Alert: आईटीआर भरते समय इन 4 कटौतियों में दावा करना बिल्कुल न भूलें, हो जाएगी तगड़ी सेविंग

Dev Ops July 22, 2024

ITR Alert: अक्सर देखा जाता है कि जल्द बाजी में इनकम टैक्स फाइल करने पर आपक टैक्स कटौती का दावा करना भूल जाते हैं। ऐसे में आप याद रखें कि यदि आप चालू फाइनेंशियल ईयर में टैक्स कटौती का लाभ नहीं उठाएंगे तो अगले फाइनेंशियल ईयर में उसका लाभ नहीं उठा पाएंगे।

अगर किसी साल किए गए निवेश के लिए टैक्स बेनिफिट का दावा टैक्स पेयर्स के जरिए उस साल के लिए दाखिल इनकम टैक्स रिटर्न में नहीं किया गया है तो उसे टैक्स कटौती के रूप में दावा नहीं किया जा सकता है। आईटीआर दाखिल करने से पहले सभी कटौतियों का दावा करने के लिए सारे दस्तावेजों को जरुर जुटा लें।

Read More: धूम मचाने जल्द लॉन्च होगी 500km रेंज वाली Skoda की इलेक्ट्रिक कार, शानदार फीचर्स से देगी Punch EV को टक्कर

Read More: Sawan 2024 Rudrabhishek : रुद्राभिषेक से काफी प्रसन्न होते हैं भोलेनाथ, शिव जी हर मनोकामना कर देंगे पूरी, जानिए विधि

पीपीएफ में निवेश पर कटौती

अगर आने पीपीएफ, टैक्स सेविंग एफडी आदि जैसे कुछ निवेश ऑप्शनों में निवेश किया है तो धारा 80सी के तहत, एक फाइनेंशियल ईयर में 1.5 लाख रुपये तक की कटौती का दावा कर सकते हैं। पीपीएफ में ईईई के आधार पर टैक्स बेनिफिट मिलता है।

इसका अर्थ ये है आप पीपीएफ में निवेश के लिए टैक्स कटौती का दावा कर सकते हैं। इसके अलावा इस पर मिलने वाले ब्याज गैर टैक्स के योग्य है और मैच्योरिटी रकम भी टैक्स फ्री है। पीपीएफ खाता 15 साल के लॉक इन पीरियड के साथ में आता है।

ईपीएफ में निवेश पर टैक्स का लाभ

काफी सारे वेतनभोगी ईपीएफ स्कीम के तहत आते हैं। इस स्कीम में कर्मचारियों को जरुरी रूप से अपनी सैलरी का 12 फीसदी अपने पीएफ खाते में जमा कराना होता है। ये कंट्रीब्यूशन नियोक्ता के द्वारा भी बराबर दिया जाता है।

बहराल आप सिर्फ अपने योगदान पर धारा 80सी के तहत टैक्स बेनिफिट के दावा के पात्र हैं। ईपीएफ खाते में एक्स्ट्रा योगदान करने के लिए आप वीपीएफ का ऑप्शन चुन सकते हैं। ईपीएफ और वीपीएफ में कुल कंट्रीब्यूशन किसी भी फाइनेंशियल ईयर में सैलरी से ज्यादा नहीं हो सकता है।

ईएलएसएस म्युचुअल फंड में निवेश पर बेनिफिट

ईएलएसएस एक म्युचुअल फंड हैं जो कि इक्विटी में निवेश करते हैं और इनकी अवधि 3 साल की होती है. आप इनमें निवेश कर सकते हैं और धारा 80सी के तहत कटौती का दावा कर सकते हैं। आप ध्यान रखें कि धारा 80सी के तहत कटौती के रुप में सिर्फ 1.5 लाख रुपये का दावा कर सकते हैं।

धारा 80सी के तहत सभी पात्र स्कीम्स में से, ईएलएसएस म्युचुअल फंड की लॉक इन अवधि सबसे कम है। बहराल ईएलएसएस म्युचुअल फंड में निवेश के लिए टैक्स कटौती का दावा कर सकते हैं लकिन उनको भुनाने से होने वाले फायदे पर आपको टैक्स देना होगा।

Read More: Train Ticket News: ट्रेन यात्रियों के लिए खुशखबरी, टिकट में इनको मिलेगी छूट, जानें पूरी डिटेल

Read More: अपडेटेड वर्जन में Creta से भी लाजवाब होगी Hyundai की ये कार, जाने सब कुछ

स्वास्थ्य बीमा प्रीमयिम पर टैक्स बेनिफिट

अगर आप 60 साल से कम उम्र के हैं तो आप धारा 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम का पेमेंट करने के लिए 25 हजार रुपये तक की कटौती का दावा कर सकते हैं। अगर माता-पिता 60 साल या फिर उससे ज्यादा उम्र के हैं तो कटौती रकम 50 हजार रुपये तक हो सकती है। फाइनेंशियल ईयर 2015-1016 से निवारक हेल्थ की जांच के लिए 5 हजार रुपये की एक्स्ट्रा कटौती की परमीशन मिली है।