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नागपुर हिंसा के पीछे का खुला राज, दंगा कराने में इन लोगों का था हाथ, जानें यहां उस शख्स का नाम!

Zohaib Naseem
March 18, 2025 at 2:30 PM IST · 1 min read

मुंबई: नागपुर (Nagpur) में धार्मिक ग्रंथ जलाए जाने की अफवाह फैलने के बाद हिंसा भड़क उठी। इस घटना पर रामदास अठावले ने कहा कि औरंगजेब की समाधि को लेकर आंदोलन चल रहा है। फिल्म छावा देखने के बाद लोग गुस्से में हैं। औरंगजेब ने जिस तरह संभाजी की हत्या की, उससे लोगों में औरंगजेब के खिलाफ गुस्सा बढ़ गया है। लेकिन हम सभी से कहते हैं कि शांति बनाए रखें और वहां कानून-व्यवस्था बनाए रखें। आपको शांतिपूर्ण तरीके से मांग करने का अधिकार है।

आग के हवाले कर दिया 

केंद्रीय मंत्री अठावले ने कहा, ”वह समाधि एएसआई के अंतर्गत आती है, जो केंद्र सरकार के अधीन एक विभाग है। सीएम फडणवीस ने कहा है और इसकी सुरक्षा की जा रही है। हिंसक आंदोलन करने का कोई अधिकार नहीं है।” नागपुर में दंगाइयों ने कई घरों, वाहनों और क्लीनिकों को निशाना बनाया। इतना ही नहीं पुलिसकर्मियों को भी नहीं बख्शा गया। उन पर भी कुल्हाड़ियों से हमला किया गया। नागपुर हिंसा पर सरकार के बयान के मुताबिक, 33 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें तीन डीएसपी रैंक के अधिकारी शामिल हैं। जबकि पांच आम लोगों पर भी हमला किया गया है। क्रेन और जेसीबी समेत कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया है।

वीडियो सामने आया

घटना का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें बड़ी संख्या में उपद्रवी उत्पात मचाते और वाहनों पर हमला करते नजर आ रहे हैं। महाराष्ट्र सरकार की ओर से नागपुर पुलिस को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। सीएम फडणवीस ने बयान जारी कर कहा है कि लोग शांति बनाए रखें और जाति-धर्म की परवाह किए बिना शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, नागपुर के सांसद नितिन गडकरी ने भी स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह और भड़कावे में न आएं और शांति बनाए रखें।

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