जुलाई 2026 के पहले प्रदोष व्रत पर रवि प्रदोष और आषाढ़ शिवरात्रि का अद्भुत संयोग बन रहा है । 12 जुलाई, रविवार को आप एक उपवास से तीन गुना पुण्य प्राप्त कर सकते हैं — प्रदोष व्रत, शिवरात्रि व्रत और रविवार व्रत का पुण्य एक साथ मिलेगा ।
प्रदोष पूजा का मुहूर्त शाम 7:22 से रात 9:24 तक है, जबकि शिवरात्रि पूजा का शुभ समय सुबह 7:15 से दोपहर 12:27 तक है । इस दिन वृद्धि और ध्रुव योग भी बन रहे हैं, जो व्रत और पूजा को और भी फलदायी बनाते हैं ।