बुज़ुर्गों के लिए खुशखबरी! इन बैंकों में FD पर मिल रहा सबसे ज्यादा ब्याज

बढ़ती उम्र के साथ ज्यादातर लोग ऐसे निवेश ऑप्शन की तलाश करते हैं जिनमें जोखिम कम हो और इनकम तय हो। फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी इस मामले में बेहतर है और सभी जरूरतों को पूरा करती है। इसमें एक तय अवधि के लिए पैसा जमा किया जाता है और उस पर पहले से तय ब्याज दर के अनुसार रिटर्न मिलता है। इस पर बाजार के उतार-चढ़ाव का सीधा असर नहीं पड़ता है। ऐसे में इसे निवेश की सुरक्षा के हिसाब से बेहतर माना जाता है।
सीनियर सिटीजन को सामान्य ग्राहकों की तुलना में अतिरिक्त ब्याज दर ऑफर की जाती है, जिससे उनकी कमाई और ज्यादा होती है। इस वजह से रिटायरमेंट के बाद एफडी एक स्थिर इनकम का जरिया बन जाती है।
सीनियर सिटीजन के लिए सरकारी बैंकों में ब्याज दरें
देश के प्रमुख सरकारी बैंक सीनियर सिटीजन को आकर्षक दरों पर एफडी ऑफर कर रहे हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) सीनियर सिटीजन को करीब 7 प्रतिशत तक का रिटर्न दे रहा है। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की तरफ से करीब 6.90 प्रतिशत ब्याज दर ऑफर की जा रही है।
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India) सीनियर सिटीजन के लिए करीब 6.75 प्रतिशत की दर से ब्याज दे रहा है। वहीं बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra) और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bank of India) करीब 6.70 प्रतिशत की दर से एफडी पर रिटर्न ऑफर कर रहे हैं।
अच्छी बात यह है कि सरकारी बैंकों में निवेश पर भरोसेमंद और स्थिर रिटर्न मिलता है। हालांकि प्राइवेट बैंकों की तुलना में ब्याज दरें थोड़ी कम कम हो सकती हैं, लेकिन सुरक्षा के मामले में लोग सरकारी बैंकों पर भरोसा करते हैं।
प्राइवेट बैंकों में मिल रहा है ज्यादा रिटर्न
प्राइवेट सेक्टर के बैंक सीनियर सिटीजन को ज्यादा ब्याज दरें ऑफर कर रहे हैं। यस बैंक सीनियर सिटीजन को करीब 7.75 प्रतिशत तक का रिटर्न ऑफर कर रहा है। बंधन बैंक और आरबीएल बैंक करीब 7.70 प्रतिशत की दर से ब्याज दे रहे हैं।
इसके अलावा आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और इंडसइंड बैंक करीब 7.50 प्रतिशत की दर से सीनियर सिटीजन को एफडी पर रिटर्न ऑफर कर रहे हैं।
बता दें कि प्राइवेट बैंकों की हाई ब्याज दरें निवेशकों को आकर्षित करती हैं, लेकिन निवेश करने से पहले बैंक रिलायबिलिटी, क्रेडिट रेटिंग और शर्तों की जांच करना जरूरी है।
निवेश करने से पहले किन बातों को रखें ध्यान
एफडी कराने से पहले सिर्फ ब्याज दर देखना ही पर्याप्त नहीं है। निवेश अवधि, समय से पहले निकासी पर लगने वाला जुर्माना, ब्याज भुगतान का तरीका और टैक्स से जुड़े नियमों को जानना जरूरी है।
सीयर सिटीजन को यह भी देखना चाहिए कि उन्हें ब्याज के भुगतान के लिए मासिक, तिमाही या सालाना ऑप्शन मिल रहा है या नहीं। अगर नियमित इनकम चाहते हैं तो मासिक या तिमाही ब्याज भुगतान वाला ऑप्शन बेहतर हो सकता है।
सही तुलना से मिलेगा बेहतर फायदा
आज के समय में अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरों में अंतर साफ दिखाई देता है। ऐसे में थोड़ी सी रिसर्च और तुलना करके सीनियर सिटीजन अपनी बचत पर ज्यादा रिटर्न पा सकते हैं। सुरक्षित निवेश के साथ बेहतर ब्याज दर का संतुलन बनाना ही समझदारी भरा फैसला साबित होता है।