खुशखबरी! PF में बेकार पड़े 10,903 करोड़ रुपये खाते में भेजेगा EPFO, इन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा

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EPFO: पीएफ सब्सक्राइबर्स के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने घोषणा की है कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय और एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) इनऑपरेटिव खातों में जमा बिना क्लेम की गई राशि को सीधे संबंधित सदस्यों को लौटाने का प्रोसेस  शुरू करने जा रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य लाखों कर्मचारियों को उनकी सालों से अटकी बचत वापस दिलाना है।

31 लाख से अधिक खातों को मिलेगा फायदा

मंत्रालय के अनुसार, इस अभियान से करीब 31.86 पीएफ खाताधारकों को लाभ मिल सकता है। पहले चरण में लगभग 7 लाख खातों को शामिल करते हुए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। अगर यह चरण सफल रहता है, तो बचे हुए लगभग 25 लाख खातों में भी इसी प्रोसेस से पैसा भेजा जाएगा।

यह कदम उन लोगों के लिए खास तौर राहत लेकर आएगा, जिनके खाते लंबे समय से इनएक्टिव  पड़े हैं और जिनमें जमा रकम का दावा नहीं किया गया है।

इनऑपरेटिव खातों में फंसे 10,903 करोड़ रुपये

आंकड़ों के मुताबिक, EPFO के पास इस समय 31.86 लाख इनऑपरेटिव खाते हैं, जिनमें कुल मिलाकर 10,903 करोड़ रुपये जमा हैं। इनमें से लगभग 7.11 लाख खातों में 1,000 रुपये तक की छोटी राशि पड़ी है, जिसकी कुल रकम करीब 30.52 करोड़ रुपये है।

अधिकारियों का मानना है कि कई बार छोटी राशि होने के कारण सदस्य क्लेम प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाते या दस्तावेजी प्रक्रिया कठिन लगने के कारण राशि सालों तक पड़ी रहती है। अब सरकार ऐसे मामलों में राहत देने की दिशा में काम कर रही है।

20 साल पुराने खाते भी शामिल

श्रम मंत्रालय ने बताया कि कई खाते 20 साल तक पुराने हैं और पिछले 3 सालों से उनमें कोई लेन-देन नहीं हुआ है। नियमों के तहत ऐसे खातों को इनऑपरेटिव कैटेगरी में डाल दिया जाता है। पायलट चरण में जिन खातों को चुना गया है, उनमें आधार से जुड़े बैंक डिटेल पहले से उपलब्ध हैं। इससे EPFO सीधे संबंधित खाताधारकों के बैंक खातों में राशि जमा कर सकेगा।

हालांकि, EPF एवं MP अधिनियम के तहत सामान्य रूप से सदस्य को अपनी बचत निकालने के लिए क्लेम फाइल करना जरूरी होता है। लेकिन जब राशि बहुत कम होती है, तो लोग प्रक्रिया पूरी करने में जल्दी इच्छा नहीं दिखाते, जिसके कारण समय के साथ अनक्लेम्ड डिपॉजिट बढ़ते जाते हैं।

क्या है PF?

प्रोविडेंट फंड यानी पीएफ एकलंबी अवधि वाली बचत योजना है, जिसे EPFO संचालित करता है। इसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों सैलरी का एक तय हिस्सा जमा करते हैं। इस जमा राशि पर ब्याज मिलता है और यह रकम नौकरी छोड़ने, रिटायरमेंट या खास परिस्थितियों में निकाली जा सकती है। पीएफ कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा कवच का अहम हिस्सा माना जाता है।

सरकार की नई पहल का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कर्मचारियों की मेहनत की कमाई लंबे समय तक इनएक्टिव न पड़ी रहे और उन्हें उनकी राशि समय पर मिल सके।

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